तृणमूल कांग्रेस से निकाले गए विधायक ऋतब्रत बनर्जी का पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता का पद पाने का दावा अब कानूनी पचड़े में फंसता दिख रहा है. टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने ऋतब्रत बनर्जी के दावे को कलकत्ता हाई कोर्ट में चुनौती दी है. इस बीच ऋतब्रत बनर्जी ने NDTV से बात करते हुए कहा कि 'अगर कल्याण बनर्जी ने हाई कोर्ट जाने का फैसला किया है तो यह कोर्ट को तय करना है.'
ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि तृणमूल के दो-तिहाई से ज्यादा विधायकों ने स्पीकर के पास जाकर खुद उन्हें समर्थन पत्र सौंपा था. उन्होंने दावा किया कि उनके पास 61 विधायकों का समर्थन है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि टीएमसी अभिषेक बनर्जी के अक्खड़पन और घमंड की कीमत चुका रही है.
बंगाल के मामले में अभिषेक बनर्जी की ओर से पहला पत्र स्पीकर को गया था. हालांकि, दावा है कि इस प्रक्रिया में धोखाधड़ी हुई थी और पार्टी विधायकों के नकली साइन का इस्तेमाल किया गया था. ऋतब्रत बनर्जी ने NDTV से कहा, 'एक विधायक मोहम्मद बहरुल इस्लाम 6 मई की मीटिंग में नहीं थे. वह 19 तारीख को थे. उनके मोबाइल टावर की लोकेशन से पता चलता है कि चुनाव के बाद हुई हिंसा के कारण वह 6 तारीख को घर से बाहर नहीं निकले थे.'
ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया कि 6 मई को पास हुआ एकमात्र प्रस्ताव अभिषेक बनर्जी के लिए खड़े होकर सम्मान दिखाना था. उन्होंने कहा कि मैं भी खड़ा हुआ था लेकिन पूरी तरह से नहीं. उन्होंने आरोप लगाया कि 19 मई की बैठक में विधायकों से बार-बार कहा गया कि वे अटेंडेंस शीट पर 6 मई की तारीख लिखें, जबकि लिस्ट में शामिल कई विधायक 6 मई को नहीं थे.
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बगावत की असली वजह अभिषेक बनर्जी हैं?
ऋतब्रत बनर्जी ने साफ कहा कि आज टीएमसी अभिषेक बनर्जी के किए की कीमत चुका रही है. उन्होंने कहा कि यह 'बॉस कल्चर' के खिलाफ बगावत है.
🔴 LIVE | TMC Rebel Ritabrata Banerjee speaks to NDTV's @PadmajaJoshi amid turmoil within Trinamool after Bengal poll defeat@RitabrataBanerj https://t.co/qINyO60vvg
— NDTV (@ndtv) June 6, 2026
उन्होंने कहा, 'यह तानाशाही सोच के खिलाफ बगावत है, जिस तरह से इंसानों के साथ जानवरों जैसा बर्ताव किया जाता था.' उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि चार बार के एक विधायक अभिषेक बनर्जी के ऑफिस के बाहर 5 घंटे तक इंतजार करते रहे और बाद में सेक्रेटरी ने उन्हें बताया कि 'बॉस आज उपलब्ध नहीं हैं.'
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जहांगीर खान पर कोई एक्शन क्यों नहीं?
उन्होंने फालटा सीट से टीएमसी उम्मीदवार रहे जहांगीर खान के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लेने पर भी सवाल उठाए. जहांगीर खान ने फालटा में रिपोलिंग से एक दिन पहले अपना नाम वापस ले लिया था.
इस पर ऋतब्रत बनर्जी ने कहा, 'फालटा से अभिषेक बनर्जी के चुने हुए उम्मीदवार जहांगीर खान को खड़ा किया गया था. लेकिन वोटिंग से एक दिन पहले उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया. ऐसे में पार्टी के पास दूसरा उम्मीदवार उतारने का टाइम नहीं मिला. ऐसा करने पर जहांगीर खान को पार्टी से क्यों नहीं निकाला गया? इसका एक ही जवाब है- अक्खड़पन.'
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ममता बनर्जी पर क्या बोले ऋतब्रत बनर्जी?
ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि वह चाहते हैं कि ममता बनर्जी उनकी लेजिस्लेटिव पार्टी की एडवाइजर बनें और उन्हें गाइड करें. उन्होंने कहा कि जहां तक अभिषेक बनर्जी की बात है तो उनकी हमारी पार्टी में कोई जगह नहीं है.
उन्होंने कहा, 'यह उनका फैसला है. वह बहुत बड़ी नेता हैं. हो सकता है कि मैं पीठ में छुरा घोंपने वाला हूं लेकिन उनके भतीजे के उलट जब भी मैं अपने चुनाव क्षेत्र में जाता हूं तो लोगों के बीच खुलकर जाता हूं. मेरे साथ कोई काफिला नहीं होता.'
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि जनता आज टीएमसी को चोर-चोर कहकर बुला रही है.
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