Budget 2026: 1 फरवरी को पेश होने वाला बजट केवल एक वित्तीय विवरण नहीं, बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था के इतिहास में एक नया मील का पत्थर साबित होने वाला है. दरअसल पिछले 75 सालों के बजट के इतिहास में पहली बार एक ऐसी परंपरा टूटने जा रही है, जिसने अब तक इसे अपनी एक पहचान दी है.
इस बार वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रणनीति बदली है. सरकारी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस साल के बजट में पार्ट-B पर पूरा ध्यान दिया जाएगा. यह हिस्सा केवल टैक्स स्लैब तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें भारत के आर्थिक विजन की पूरी रूपरेखा होगी.
पार्ट B में क्या खास?
बजट के पार्ट-B में जिस एक बात पर सबसे ज्यादा जोर रहेगा, वह भारत की लोकल पावर को विश्व के मंच पर लाना है. भारत की अभी कैपेसिटी के बारे में बताना है. साथ ही फ्यूचर के लिए रोडमैप क्या रहेगा, इसके बारे में जानकारी दी जाएगी. इसके अलावा देश के प्रोडक्ट्स और सर्विस को ग्लोबल सप्लाई चेन का हिस्सा बनाने की प्लानिंग पर फोकस रहेगा.
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बदलाव पर निवेशकों की रहेगी नजर
पार्ट-B में होने वाले इन बड़े बदलावों और रोडमैप की वजह से दुनियाभर के एक्सपर्ट बड़े बदलाव की तरह देख रहे हैं. भारत के आर्थिक भविष्य और निवेश की दिशा तय करने वाला यह बजट विश्वभर के निवेशकों के लिए एक अहम संकेत है.

वित्तमंत्री सीतारमण 1 फरवरी को 9वीं बार यूनियन बजट पेश करने जा रही हैं. पूरे देश की नजरें उन पर होंगी और उम्मीद लिए करोड़ों टैक्सपेयर्स उनके बजट पढ़े जाने का इंतजार कर रहे हैं. यह दिन ऐसा होता है जब उद्योग जगत के साथ किसान, महिलाएं और युवाओं की नजरें उन पर होती हैं.
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