असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा इस समय स्विट्जलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में शिरकत कर रहे हैं. राज्य में कुछ दिनों बाद विधानसभा चुनाव होना है. लेकिन वो निवेश लाने के मकसद से दावोस में हैं. इस बीच बुधवार को असम सीएम ने NDTV के एडिटर इन चीफ राहुल कंवल के साथ खास बात की. इस बातचीत के दौरान उन्होंने राज्य के होने वाले चुनाव, कांग्रेस नेता गौरव गोगोई के साथ-साथ कांग्रेस में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के बीच दरार का आरोप लगाया. असम में कुछ महीनों बाद होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने प्रियंका गांधी को खास जिम्मेदारी दी है. केरल के वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी असम में चुनाव समिति की प्रमुख हैं. ऐसे में वहां चुनाव में प्रियंका और सांसद गौरव गोगोई की जोड़ी का अहम रोल रहने वाला है.
राहुल प्रियंका को केरल में नहीं चाहतेः हिमंता बिस्वा सरमा
असम सीएम सरमा का दावा है कि इस तरह की जिम्मेदारी दिए जाने का एकमात्र संभावित कारण यह है कि राहुल गांधी नहीं चाहते कि वह पार्टी के केरल मामलों में हस्तक्षेप करें. NDTV से बातचीत में असम सीएम ने कहा- “राहुल प्रियंका को केरल में नहीं चाहते. मैं 22 साल तक कांग्रेस में रहा. मेरे पास कुछ अंदरूनी जानकारी भी है. वह केसी वेणुगोपाल और उनके गुट को नाराज़ नहीं करना चाहते, और प्रियंका उस गुट के लिए बाहरी हैं. इसीलिए उन्होंने उनका तबादला असम कर दिया. केरल के किसी सांसद को केरल में ज़िम्मेदारी नहीं सौंपी गई है. आप इसका और क्या मतलब निकालेंगे?”

कांग्रेस में भाई-बहन की लड़ाई का मैं भी पीड़ितः असम सीएम
इस दौरान असम सीएम ने कांग्रेस परिवार पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि दुनिया का सबसे फ्लॉप फैमिली गांधी फैमिली है. उनका हासिल क्या है? मैं कांग्रेस में 22 साल में रहा हूं. उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस में लड़ाई है. कांग्रेस में भाई-बहन की लड़ाई का मैं भी पीड़ित हूं. लेकिन मैं इस लड़ाई के बारे में ज्यादा कुछ नहीं बोलूंगा.
गौरव गोगोई पर शर्मा का बयान
कांग्रेस नेता और पूर्व सीएम तरुण गोगोई के बेटे गौरव गोगोई पर असम सीएम ने कहा असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई के साथ किसी भी तरह की व्यक्तिगत प्रतिद्वंद्विता से इनकार किया और कहा कि केंद्र सरकार को “शत्रु देश” से संबंधित घटनाक्रमों की जानकारी देना उनकी ज़िम्मेदारी है. उन्होंने पहले गोगोई और उनकी पत्नी पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से संबंध होने का आरोप लगाया था.
अपने आरोपों पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि अगर मामला इतना गंभीर न होता तो वे खुद इस मामले की पैरवी नहीं करते. मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “लेकिन जब मामला किसी शत्रु देश से जुड़ा हो और मैं इसे भारत सरकार को न बताऊं, तो मुख्यमंत्री के तौर पर मैं संविधान और जनता के साथ अन्याय करूंगा. पाकिस्तान एक शत्रु देश और शत्रुतापूर्ण पड़ोसी है. पाकिस्तान से संबंधों की तुलना भ्रष्टाचार के आरोप से नहीं की जा सकती,”
हिंदी जासूसी थ्रिलर 'धुरंधर' का जिक्र करते हुए उन्होंने व्यंग्य किया, “अगर आप किसी जासूस को पकड़ते हैं, तो क्या आप उसे बेनकाब नहीं करेंगे?”
बांग्लादेश पर क्या बोले असम सीएम
हिमंता बिस्व सरमा ने बांग्लादेश के साथ कमजोर होते संबंधों को लेकर अपनी सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी व्यक्त कीं. उन्होंने कहा कि असम ने शेख हसीना सरकार की मदद से उग्रवाद का मुकाबला किया, और कहा कि बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री की मदद के बिना पूर्वोत्तर में शांति नहीं होती.
उन्होंने आगे कहा, “जब बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन होगा और भारत के प्रति शत्रुता बढ़ेगी, तो यह खतरा है कि उग्रवादी बांग्लादेश में फिर से अपना अड्डा बना लेंगे. अगर ऐसा होता है, तो चूंकि हमारी 800 किलोमीटर लंबी सीमा है, हमारे लिए बड़ा खतरा है. इसलिए, हम घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रख रहे हैं.”
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