सूरज परमार की फाइल फोटो
मुंबई:
मुंबई से सटे ठाणे के बिल्डर सूरज परमार की खुदकुशी की जांच कर रही पुलिस के हाथ 12 से 15 पन्नों एक पत्र लगा है, जिसमें सरकारी अधिकारियों और कुछ नगरसेवकों पर उत्पीड़न और वसूली का आरोप लगाया गया है।
यह पत्र सूरज की कार से मिला, जो हाथ से लिखा हुआ है। पुलिस को शक है कि ये सुसाइड नोट सकता है। ठाणे पुलिस के प्रवक्ता गजानन कब्दुले के मुताबिक, पत्र में लिखे कुछ नामों को बाद में काटा भी गया है, इसलिए उस पत्र को आगे की जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा गया है।
सूरज परमार के चचेरे भाई उदय पटेल ने कहा है कि सूरज पर किसी तरह का कोई कर्ज नहीं था और उन्होंने अपने किसी भी प्रोजेक्ट में सरकारी नियमों का उल्लंघन भी नहीं किया। सुसाइड नोट से साफ है कि कुछ सरकारी अधिकारी उन्हें जानबूझकर परेशान कर रहे थे। वर्ना हर तरह से समर्थ सूरज खुदकुशी क्यों करते?
मुंबई और ठाणे में भवन निर्माण से जुड़े कई बिल्डर पहले भी सरकारी अधिकारियों पर जानबूझकर फाइल दबाकर रखने और रिश्वत मांगने का आरोप लगा चुके हैं। ठाणे के एक बड़े बिल्डर की खुदकुशी के बाद अब एक बार फिर यह मुद्दा गरमा गया है। आरोप लग रहा है कि सूरज परमार भवन निर्माण में लालफीताशाही का शिकार हुए हैं। आरोप कुछ नेताओं पर भी लग रहा है जो रुपयों के लिए उन्हें पेरशान कर रहे थे।
ठाणे के नामी भवन निर्माता सूरज परमार ने बुधवार की दोपहर खुद की रिवाल्वर से गोली मार ली थी। सूरज ठाणे के कॉसमॉस ग्रूप के चेयरमैन थे। वह महाराष्ट्र चेंबर ऑफ हाउसिंग इंडस्ट्री ठाणे के प्रेसिडेंट भी रह चुके थे। बताया जाता है कि सूरज ने काफी कम समय में भवन निर्माण व्यवसाय में अपना मुकाम बनाया था। ठाणे शहर के घोड़बंदर रोड पर परमार के कई बडे प्रोजेक्ट शुरू हैं।
यह पत्र सूरज की कार से मिला, जो हाथ से लिखा हुआ है। पुलिस को शक है कि ये सुसाइड नोट सकता है। ठाणे पुलिस के प्रवक्ता गजानन कब्दुले के मुताबिक, पत्र में लिखे कुछ नामों को बाद में काटा भी गया है, इसलिए उस पत्र को आगे की जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा गया है।
सूरज परमार के चचेरे भाई उदय पटेल ने कहा है कि सूरज पर किसी तरह का कोई कर्ज नहीं था और उन्होंने अपने किसी भी प्रोजेक्ट में सरकारी नियमों का उल्लंघन भी नहीं किया। सुसाइड नोट से साफ है कि कुछ सरकारी अधिकारी उन्हें जानबूझकर परेशान कर रहे थे। वर्ना हर तरह से समर्थ सूरज खुदकुशी क्यों करते?
मुंबई और ठाणे में भवन निर्माण से जुड़े कई बिल्डर पहले भी सरकारी अधिकारियों पर जानबूझकर फाइल दबाकर रखने और रिश्वत मांगने का आरोप लगा चुके हैं। ठाणे के एक बड़े बिल्डर की खुदकुशी के बाद अब एक बार फिर यह मुद्दा गरमा गया है। आरोप लग रहा है कि सूरज परमार भवन निर्माण में लालफीताशाही का शिकार हुए हैं। आरोप कुछ नेताओं पर भी लग रहा है जो रुपयों के लिए उन्हें पेरशान कर रहे थे।
ठाणे के नामी भवन निर्माता सूरज परमार ने बुधवार की दोपहर खुद की रिवाल्वर से गोली मार ली थी। सूरज ठाणे के कॉसमॉस ग्रूप के चेयरमैन थे। वह महाराष्ट्र चेंबर ऑफ हाउसिंग इंडस्ट्री ठाणे के प्रेसिडेंट भी रह चुके थे। बताया जाता है कि सूरज ने काफी कम समय में भवन निर्माण व्यवसाय में अपना मुकाम बनाया था। ठाणे शहर के घोड़बंदर रोड पर परमार के कई बडे प्रोजेक्ट शुरू हैं।
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