- RDO ऑफिस में DAO के तौर पर काम कर रहे तहसीलदार के ठिकानों की जांच में करोड़ों की संपत्ति सामने आई.
- तहसीलदार के घर से जब्त दस्तावेजों के आधार पर उनकी 6.87 करोड़ रुपए की संपत्ति का पता चला.
- हालांकि अचल संपत्ति की मार्केट वैल्यू कई गुना ज्यादा बताई जा रही है. इसका अनुमान 50 करोड़ रुपये से ज्यादा है.
ACB Action in Bribe Case: सरकारी सिस्टम से भ्रष्टाचार खत्म करने को लेकर एजेंसियां लगातार एक्शन ले रही हैं, लेकिन इसके बाद भी घूसखोरी का कल्चर खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. एंटी करप्शन ब्यूरो, सीबीआई, विजिलेंस से लेकर आयकर विभाग तक लगातार घूसखोरी के मामलों में कार्रवाई ले रही हैं, लेकिन इसके बाद भी सरकारी अधिकारी अपनी रिश्वत लेने की आदत से बाज नहीं आ रहे. रिश्वत की काली कमाई से धन्नासेठ बन चुके अधिकारियों की संपत्तियों का जब ब्योरा सामने आता है तो आम लोगों के साथ-साथ जांच दल की आंखें भी फटी रह जाती है.
RDO ऑफिस का घूसखोर DAO की करोड़ों की कमाई
ऐसा ही एक ताजा मामला आया है दक्षिण भारतीय राज्य तेलंगाना से. तेलंगाना में एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) ने रंगा रेड्डी जिले के इब्राहिमपटनम में RDO ऑफिस में डिविजनल एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर (DAO) के तौर पर काम कर रहे तहसीलदार देसानी श्रीनिवास रेड्डी के ठिकानों पर जब जांच अभियान चलाया, उनकी करोड़ों की संपत्ति सामने आई.

आरोपी तहसीलदार के यहां छापेमारी करती टीम.
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घर, ऑफिस सहित 5 ठिकानों पर ACB ने मारी थी रेड
एसीबी ने देसानी श्रीनिवास रेड्डी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है. 20 अगस्त को उनके घर, ऑफिस और पांच अन्य जगहों पर तलाशी के बाद ACB को कई संपत्तियों के दस्तावेज मिले. इन दस्तावेजों के आधार पर उनकी 6.87 करोड़ रुपए की संपत्ति का पता चला.
हैदराबाद में 8 प्लॉट, 2 रिहायशी फ्लैट, पेंट हाउस तक
इस संपत्ति में हैदराबाद में 8 खाली प्लॉट, 2 रिहायशी फ्लैट, हैदराबाद के करमनघाट में एक G+3 पेंटहाउस, 10 एकड़ से ज्यादा खेती की जमीन, 86 लाख रुपए का निवेश, कैश, बैंक डिपॉजिट, 680 ग्राम सोना, 5 गाड़ियां और घर का सामान/इलेक्ट्रॉनिक आइटम शामिल हैं.

आरोपी तहसीलदार के यहां से बरामद कैश.
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अचल संपत्ति की मार्केट वैल्यू 50 करोड़ से ज्यादा
ACB का आधिकारिक मूल्यांकन 6.87 करोड़ रुपए है, लेकिन अचल संपत्ति की मार्केट वैल्यू कई गुना ज्यादा बताई जा रही है और इसका अनुमान 50 करोड़ रुपये से ज्यादा है. ACB का आरोप है कि श्रीनिवास रेड्डी ने भ्रष्टाचार के तरीकों से और अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से ज्यादा संपत्ति जमा की. आरोपी तहसीलदार को गिरफ्तार कर लिया गया है और शुक्रवार को SPE और ACB मामलों के स्पेशल जज के सामने ज्यूडिशियल रिमांड के लिए पेश किया गया. मामले की जांच चल रही है.
2009 से सरकारी नौकरी में, 1-1.5 लाख के बीच होगी वेतन
घूसखोरी की कमाई से धनकुबेर बने देसानी श्रीनिवास रेड्डी 2009 से सरकारी सेवा में है. उस समय वे मंडल रेवेन्यू इंस्पेक्टर के तौर पर काम करते थे. पे-स्केल और भत्तों के आधार पर तहसीलदार/DAO के पद पर उनकी मौजूदा कुल सैलरी (ग्रॉस सैलरी) लगभग ₹1–1.5 लाख प्रति महीना हो सकती है. तेलंगाना में तहसीलदार/MRO के लिए सैलरी का पे-स्केल आम तौर पर ₹44,570 से ₹1,27,480 बेसिक-पे की रेंज में होता है.
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