- तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में विजय की पार्टी टीवीके को 108 सीटें मिलीं, जो बहुमत के लिए 11 सीटें कम हैं
- कांग्रेस, CPI, CPI(M), VCK और IUML ने विजय को समर्थन दिया, जिससे अब 118 विधायकों का समर्थन हो गया है
- विजय ने राज्यपाल से तीन बार मुलाकात की लेकिन बहुमत न मिलने के कारण सरकार बनाने की अनुमति नहीं मिली थी
तमिलनाडु में आखिरकार विजय मुख्यमंत्री बनने वाले हैं. 4 मई को चुनावी नतीजे आने के बाद से 9 मई तक विजय समर्थन जुटाने में लगे थे. तमिलनाडु में विजय की पार्टी टीवीके को 108 सीटें मिली हैं जो बहुमत से 11 कम है. विजय को कांग्रेस ने सबसे पहले समर्थन दे दिया था लेकिन तब भी बहुमत के लिए जरूरी 118 सीटें नहीं हो पाईं. विजय ने तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से तीन बार मुलाकात की और सरकार बनाने का दावा पेश किया, लेकिन बहुमत नहीं होने के कारण राज्यपाल ने अनुमति नहीं दी.
चुनाव नतीजे आने के 5 दिन बाद विजय ने आखिरकार समर्थन जुटा लिया है. उनके पास अब 120 विधायकों का समर्थन हो गया है. विजय की पार्टी को कांग्रेस के अलावा CPI, CPI(M), VCK और IUML ने समर्थन दे दिया है. कांग्रेस के 5 और बाकी चारों पार्टियों के दो-दो विधायक हैं. शनिवार शाम को विजय ने चौथी बार राज्यपाल से मुलाकात की और सरकार बनाने का दावा पेश किया. लोक भवन के सूत्रों ने बताया कि विजय रविवार को ही मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे.
4 मई से लेकर 9 मई के बीच तमिलनाडु की सियासत में बड़ी हलचल रही. इस बीच तो AIADMK और DMK के बीच गठबंधन की चर्चा भी शुरू हो गई. हालांकि, अब तमिलनाडु में विजय की सरकार बनने का रास्ता लगभग-लगभग साफ हो गया है. लेकिन 4 मई से 9 मई के बीच क्या कुछ हुआ? जानते हैं...
- 4 मई: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजे आए. 234 सीटों वाली विधानसभा में टीवीके ने 108 सीटें जीतीं. इनमें दो सीटें विजय की हैं. DMK को 59 और AIADMK को 47 सीटें मिलीं.
- 5 मई: विजय की पार्टी टीवीके ने कांग्रेस से समर्थन मांगा. कांग्रेस ने देर रात डीएमके का साथ छोड़कर विजय को समर्थन देने का फैसला लिया. कांग्रेस के पास 5 विधायक हैं.
- 6 मई: कांग्रेस ने समर्थन पत्र सौंपा. विजय पहली बार लोक भवन पहुंचे और राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया. राज्यपाल बहुमत के दावे से संतुष्ट नहीं हुए.
- 7 मई: 24 घंटे के भीतर विजय ने दोबारा राज्यपाल से मुलाकात की. लोक भवन ने बयान जारी कर कहा कि तमिलनाडु विधानसभा में सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत का आंकड़ा अभी तक साबित नहीं हो पाया है.
- 8 मई: 2-2 सीटों वाले CPI और CPI(M) ने विजय को समर्थन देने का ऐलान किया. विजय ने तीन दिन में तीसरी बार राज्यपाल से मुलाकात की.
- 9 मई: VCK और IUML ने सरकार बनाने में विजय की टीवीके को समर्थन देने का ऐलान किया. VCK और IUML के पास 2 विधायक हैं. विजय ने राज्यपाल से मुलाकात कर 120 विधायकों का समर्थन पत्र सौंपा.
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5 पार्टियों के समर्थन से बन रही सरकार
तमिलनाडु में विजय की टीवीके 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. इसमें दो सीटें विजय की हैं. विजय को एक सीट छोड़ने पड़ेगी.
234 वाली विधानसभा में सरकार बनाने के लिए विजय को 118 विधायकों के समर्थन की जरूरत थी. विजय की टीवीके को 5 पार्टियों- कांग्रेस, CPI, CPI(M), VCK और IUML से समर्थन मिल गया है.
2 बार शपथ टाली, 6वें दिन बनेंगे सीएम
विजय 7 मई को ही मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले थे. उन्होंने गवर्नर को पत्र लिखकर 7 मई की सुबह 11:30 बजे शपथ ग्रहण समारोह करवाने का अनुरोध किया था. हालांकि, बहुमत नहीं होने के कारण उनकी यह शपथ टल गई.
इसके बाद शुक्रवार को CPI और CPI(M) से समर्थन मिलने के बाद विजय ने गवर्नर से फिर मुलाकात की थी. इसके बाद शपथ के लिए 9 मई की नई तारीख सामने आई. हालांकि, बहुमत का पेच फंसा रहा. इसलिए शपथ नहीं हो सकी. हालांकि, अब साफ हो गया है कि विजय रविवार को शपथ लेंगे. चुनाव नतीजे आने के बाद 6वें दिन विजय तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बनेंगे.

अब आगे क्या होगा?
विजय को सरकार बनाने के लिए जो समर्थन चाहिए थे, वह मिल गया है. अब रविवार को विजय मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. शपथ के बाद विधानसभा में विजय को बहुमत साबित करना होगा. विजय अब आसानी से बहुमत साबित कर सकते हैं.
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