बच्चे को गोद से उतारकर महिला ने बाढ़ से उफनते नाले में लगाई छलांग और युवक को बचा लिया

मध्यप्रदेश के भोपाल के नजीराबाद में दो युवक उफनते हुए नाले में बहने लगे, महिला रबीना ने अपनी जान जोखिम में डालकर एक युवक को बचा लिया

बच्चे को गोद से उतारकर महिला ने बाढ़ से उफनते नाले में लगाई छलांग और युवक को बचा लिया

रबीना ने कहा- मैं नाले में अपने आत्मबल पर कूद गई, मुझे मालूम था मैं उसको बचा सकती हूं और खुद को भी बच सकती हूं.

खास बातें

  • युवक को बचाने के लिए अपने 10 माह के बेटे को छोड़कर भागी
  • पुलिस ने रबीना को नगद पुरस्कार से पुरस्कृत किया
  • नाले में से दूसरे युवक की लाश दूसरे दिन मिली
भोपाल:

मध्यप्रदेश के भोपाल (Bhopal) के नजीराबाद (Nazeerabad) थाना इलाके में गुरुवार की शाम को काम से घर लौट रहे दो युवक उफनते हुए नाले में बह गए. यह नजारा देखकर पास ही रहने वाली एक महिला ने गोद से बच्चे को उतारकर खुद ही नाले में छलांग लगा दी और अपनी जान पर खेलकर एक युवक को सकुशल बचा लिया. उसने दूसरे युवक को भी बचाने का प्रयास किया, लेकिन उसे नहीं बचा सकी. शुक्रवार की सुबह दूसरे युवक की लाश बरामद हुई. पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पीएम कराने के बाद लाश परिजन को सौंप दी है. 

युवक की जान बचाने पर पुलिस ने महिला को नगद पुरस्कार से पुरस्कृत किया है. कोमल है, कमजोर नहीं तू शक्ति का नाम ही नारी है, इस बात को चरितार्थ करके दिखाया है एक ऐसी महिला ने जो कंजर समाज से आती है. जिस समाज पर अपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहने के आरोप लगते रहते हैं. इस महिला ने अपनी और अपने 10 महीने के बच्चे की परवाह ना करते हुए पानी में डूब रहे दो युवकों में से एक को पानी में कूदकर ना सिर्फ बचाया बल्कि पुलिस को भी फोन करके सूचना दी. युवक की जान बचाने वाली महिला की हौसला अफजाई के लिए उसे नगद पुरुस्कार से पुरस्कृत किया गया है.

मामला भोपाल के नजीराबाद थाना इलाके का है. थाना प्रभारी बीपी सिंह ने बताया कि राजू अहिरवार (25) ग्राम कढैयाकला में रहता था और खेती किसानी करता था. गुरुवार को वह अपने साथी जितेंद्र अहिरवार के साथ ग्राम खजूरिया स्थित खेत पर कीटनाशक का छिड़काव करने पहुंचा था. दिनभर काम करने के बाद शाम करीब छह बजे दोनों वापस घर लौट रहे थे. दोपहर में इलाके में तेज बारिश हुई थी, जिसके चलते कढ़ैयाकला और खजूरिया के बीच स्थित नाला उफान पर आ गया. 

दोनों युवक नाला पार करने लगे तो दूसरी तरफ मौजूद गांव के अन्य साथियों ने उन्हें ऐसा करने से मना किया. उन्होंने बाइक की चाबी शर्ट में बांधकर दूसरी तरफ यह कहते हुए फेंकी कि बाइक लेकर नजीराबाद होकर घर लौटना. हालांकि चाबी और शर्ट नाले में गिरकर बह गई. इस पर दोस्तों ने राजू और जितेंद्र से कहा कि वह दूसरे रास्ते से होकर पहुंच रहे हैं, तब तक किनारे ही रहना. हालांकि दोस्तों की बात ना मानते हुए राजू और जितेंद्र नाला पार करने लगे. वे कुछ ही आगे बढ़े थे, तभी तेज बहाव में बह गए. 

जिस दौरान दोनों युवक नाला पार करने का प्रयास और दोस्तों से बातचीत कर रहे थे, उस दौरान पूरा नजारा पास ही कंजर टपरे में रहने वाली रबीना भी देख रही थी. रबीना की गोद में 10 महीने का बच्चा था. उसने भी दोनों को नाला पार करने से मना किया था. रबीना ने जैसे ही दोनों को पानी में बहता हुआ देखा, वैसे ही उसने बच्चे को जमीन पर बिठाया और खुद नाले में छलांग लगा दी. इस दौरान उसने जितेंद्र को पकड़कर बाहर खींच लिया, लेकिन राजू को नहीं निकाल पाई. 

राजू के भाई सुरेश अहिरवार ने नजीराबाद पुलिस को घटना की सूचना दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने कुछ देर तक नाले में तलाश की, लेकिन जब कुछ पता नहीं चला तो कार्रवाई रोक दी गई. शुक्रवार की सुबह होमगार्ड के जवान और गोताखोरों की मदद से दोबारा सर्चिंग शुरू की गई. सुबह करीब दस बजे नाले में करीब पंद्रह फीट गहराई में राजू की लाश मिली.

अपने समाज को सुधारने में लगा हुआ है महिला का पति
रबीना जिस कंजर समाज से आती है उस समाज पर अपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहने के आरोप लगते रहते हैं. लेकिन रबीना का पति विजय राम और उसका परिवार लगातार अपने समाज को सुधारने में लगा हुआ है. इसको लेकर वह समाज के लोगों को अपने गांव तहसील और शहर पर समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में लगा हुआ है. कंजर समाज को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए विजयराम लगातार प्रयासरत रहता है.

रबीना कंजर ने बताया कि, ''मैं बच्चे को गोद में लेकर नल की तरफ़ पानी भरने गई थी, मेरा 10 महीने का बच्चा है. जब नल पर पानी भर रही थी तो एक युवक डूब रहा था. उसकी मुझ पर नज़र पड़ी तो उसने मुझसे कहा कि दीदी बचाओ, मुझे बचाओ. तो मैंने सोचा ये तो डूब रहा है, अपने गांव का ही लड़का है, तो मुझे लगा बचाना चाहिए. बच्चे को बैठाकर में पानी में कूद गई, बिना देर किए मैं कूद गई. क्योंकि मुझे तैरना आता है. मैं अपने आत्मबल पर कूद गई. क्योंकि मुझे मालूम था मैं ख़ुद भी बच सकती हूं और उसको भी बचा सकती हूं, तैरने के अनुभव पर. तो मैंने उसको बचा लिया निकाल लिया. मैंने दूसरे को भी बचाने की कोशिश की मगर उसमें में असफल रही.''

पुलिस के रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान रबीना कंजर का भाई राजन कंजर भी टीम के साथ मौजूद रहा. थाना प्रभारी ने उसे भी सम्मानित किया है.

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