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14 घंटों तक लाइन में, छठ-होली जैसा हाल... सूरत से बिहार-UP लौट रहे लोगों की परेशानी, VIDEO

सूरत के उधना रेलवे स्टेशन पर जुटी लोगों की भारी भीड़ के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. इसमें लोगों की परेशानी साफ नजर आ रही है. लोगों की भारी भीड़ को संभालने में जुटी पुलिस फोर्स, बैरिकेड तोड़कर स्टेशन पर पहुंचने को आतुर लोग और उसी बीच से एक शख्स का यह कहना है कि अब नहीं आऊंगा दोस्त.

14 घंटों तक लाइन में, छठ-होली जैसा हाल... सूरत से बिहार-UP लौट रहे लोगों की परेशानी, VIDEO
रविवार को सूरत के उधना रेलवे स्टेशन पर प्रवासियों की भारी भीड़.
  • उधना स्टेशन पर करीब 40 डिग्री गर्मी में प्रवासी श्रमिक 14 से 16 घंटे तक दो किलोमीटर लंबी कतार में खड़े रहे.
  • भीड़ नियंत्रण के प्रयास के दौरान कुछ लोगों ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की, जिससे पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी.
  • महिलाओं और बच्चों सहित यात्री अत्यधिक गर्मी व उमस से परेशान हुए, दो यात्री बेहोश भी हो गए.
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सूरत:

Udhna Station Crowd Video: करीब 40 डिग्री की गर्मी में बैग-झोला लिए घंटों तक कतार में खड़े लोग, खाने-पीने की बात तो छोड़िए बॉथरूम तक की सही व्यवस्था नहीं, नतीजा- बेबसी, गुस्सा और 'अब लौट कर नहीं आऊंगा...' का बयान. रविवार को सूरत के उधना रेलवे स्टेशन पर जो स्थिति हुई, उसे देखकर हर कोई हिल गया. बच्चों-महिलाओं के साथ पीठ पर बैग, हाथों में झोला-ट्रॉली लिए बिहार-यूपी जाने की कोशिश में जुटे ये लोग अपनी दुर्दशा से परेशान थे.  

उधना रेलवे स्टेशन पर जुटी लोगों की भीड़ का वीडियो वायरल

उधना रेलवे स्टेशन पर जुटी लोगों की भारी भीड़ के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. इसमें लोगों की परेशानी साफ नजर आ रही है. लोगों की भारी भीड़ को संभालने में जुटी पुलिस फोर्स, बैरिकेड तोड़कर स्टेशन पर पहुंचने को आतुर लोग और उसी बीच से एक शख्स का यह कहना है कि अब नहीं आऊंगा दोस्त.

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14 से 16 घंटों तक 2 किमी लंबी लाइन में खड़े रहे लोग

बताया गया कि उधना स्टेशन पर हजारों की संख्या में प्रवासी श्रमिक घर जाने के लिए पहुंचे. जिससे हालात इतने बिगड़ गए कि लोगों को 14 से 16 घंटे तक 2 किलोमीटर लंबी कतारों में खड़े रहना पड़ा. कई यात्री बिना खाना-पानी के लाइन में जमे रहे, जिससे उनकी हालत भी बिगड़ने लगी. 

बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश, पुलिस को करना पड़ा लाठीचार्ज

बाद में भीड़ इतनी बेकाबू हो गई कि लोग बैरिकेडिंग तोडने की कोशिश करने लगे. ऐसे में हालात संभालने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज तक करना पड़ा. हालांकि पुलिस अधिकारी ने लाठीचार्ज से इनकार किया है. पुलिस के आलाधिकारी ने कहा कि, कुछ लोग जो व्यवस्था भंग कर रहे थे, उनको वहां से हटाया गया है.

यात्री का दर्द- अब वापस कभी नहीं आऊंगा... 

इस बीच एक यात्री दोनों हाथों में अपना सामान लेकर लोगों के बीच से भागता हुआ नजर आया, लेकिन जब उसने कैमरा देखा तो जाते-जाते अपना दर्द बयां कर गया और कहता गया कि, “अब वापस कभी नहीं आऊंगा.” उसकी आवाज में गुस्सा नहीं, बल्कि गहरी पीड़ा और बेबसी साफ झलक रही थी.

महिलाएं-बच्चे भी लाइन में दिखी परेशान

स्थिति उस वक्त और भयावह हो गई जब महिलाओं और छोटे बच्चों को इस अफरातफरी का सामना करना पड़ा. घंटों लाइन में खड़ी महिलाएं अपने बच्चों के साथ परेशान नजर आईं, धक्का-मुक्की के बीच बच्चे रोने लगे और कई महिलाएं घबरा गईं. 

तेज गर्मी और उमस से दो यात्री हुए बेहोश

कुछ जगहों पर तो हालात इतने बिगड़े कि यात्रियों ने बैरिकेड्स तक तोड़ने की कोशिश की. बताया जा रहा है कि करीब 8000 से ज्यादा यात्रियों के मुकाबले शुरुआत में सिर्फ दो ट्रेनों की व्यवस्था थी, जिससे भीड़ का दबाव अचानक बढ़ गया. तेज गर्मी और उमस के कारण लाइन में खड़े दो यात्री बेहोश भी हो गए.

छठ-होली जैसा हाल

ड्रोन से सामने आई तस्वीरों में उधना स्टेशन का पूरा परिसर मानो जनसैलाब में तब्दील नजर आया. आमतौर पर दिवाली या छठ जैसे त्योहारों के दौरान दिखने वाली भीड़ इस बार बिना किसी बड़े त्योहार के त्यौहार से ज्यादा भीड़ देखने को मिली. 

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अधिकारियों के दावों पर सवाल खड़े कर रहे हैं जमीनी हालात

रेलवे प्रशासन अपनी ओर से व्यवस्थाओं का दावा जरूर कर रहा है. पश्चिम रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक, दिनभर में 6 विशेष ट्रेनों के जरिए करीब 21,000 यात्रियों को भेजा गया है. इसके अलावा रात में उधना से जयनगर के लिए एक अतिरिक्त स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है. 

बांद्रा-गोरखपुर और वलसाड-मऊ जैसी ट्रेनों को उधना में अतिरिक्त ठहराव दिया गया है. अधिकारियों का कहना है कि भीड़ को देखते हुए पहले से प्री-प्लानिंग की गई थी, लेकिन जमीनी हालात इन दावों पर सवाल खड़े कर रहे हैं.

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LPG संकट की मार का असर

उधना स्टेशन पर उमड़ी इस भीषण भीड़ के पीछे एलपीजी संकट को भी कारण बताया गया. कई मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पश्चिम एशिया तनाव के बीच भारत में एलपीजी की किल्लत गहराई है. खास कर खुले में बिकने वाले 5 किलो के सिलेंडरों के लिए गैस नहीं मिल रही है. मिल भी रही है कि 80 रुपए किलो के बदले गैस की कीमत 350-400 प्रति किलो हो गई है. इस कारण भी सूरत और आस-पास में रह रहे हजारों लोग बिहार-यूपी वापस लौट रहे हैं.  

कोई भगदड़ नहीं, शरारती लड़कों ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश कीः रेलवे

सूरत और उधना रेलवे स्टेशन पर भगदड़ जैसी स्थिति की घटना पर रेलवे का बयान सामने आया. पश्चिम रेलवे ने कहा कि दोनों स्टेशन पर कोई भगदड़ नहीं हुई. पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक ने NDTV को बताया कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई. 

23 हजार से अधिक यात्री उधना स्टेशन से गए

रेलवे के पीआरओ ने कहा कि स्पेशल ट्रेनों के दौरान कुछ शरारती लड़कों ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की थी. इससे थोड़ी देर के लिए हलचल हुई, लेकिन रेलवे स्टाफ और पुलिस ने तुरंत स्थिति संभाल ली. उन्होंने यह भी बताया कि 19 अप्रैल को अब तक 23,000 से ज्यादा यात्रियों को उधना स्टेशन से नियमित और स्पेशल ट्रेनों के जरिए उनके गंतव्य तक भेजा गया है.

दो अतिरिक्त स्पेशल ट्रेन भी चलेंगी

यात्रियों की सुविधा के लिए रात 9:40 बजे और 11:30 बजे दो अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें भी चलाई जा रही हैं. स्टेशन पर हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं. हमारी लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें और अफवाहों से बचें.

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