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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: SC ने ट्रस्ट को जारी किया नोटिस, यूपी सरकार से मांगी SIT की स्टेटस रिपोर्ट

Ram Mandir donation theft case: सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा है कि हम जानते हैं कि मामले की जांच यूपी सरकार की तरफ से गठित SIT कर रही है. कोर्ट ने इसकी स्टेट्स रिपोर्ट मांगी है.साथ ही ये भी साफ किया है कि फिलहाल याचिकाकर्ताओं को ये स्टेटस रिपोर्ट की कॉपी नहीं मिलेगी.ये रिपोर्ट सील कवर में दाखिल होगी.

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: SC ने ट्रस्ट को जारी किया नोटिस, यूपी सरकार से मांगी SIT की स्टेटस रिपोर्ट
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट में आज अहम सुनवाई
  • राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट को भेजा नोटिस
  • यूपी सरकार से मांगी SIT जांच की स्टेटस रिपोर्ट
  • याचिकाकर्ताओं को फिलहाल स्टेटस रिपोर्ट की कॉपी नहीं दी जाएगी.

Supreme Court on Ram Mandir  Donation Theft Case: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने  राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी करके एक हफ्ते में स्टेटस रिपोर्ट मांगी है. कोर्ट ने कहा कि हम समझ सकते हैं कि जांच चल रही है.यूपी सरकार की तरफ से गठित SIT की स्टेटस रिपोर्ट भी मांगी है. फिलहाल इस स्टेटस रिपोर्ट की कॉपी याचिकाकर्ताओं को नहीं दी जाएगी. सील बंद लिफाफे में ये रिपोर्ट कोर्ट में पेश की जाएगी. अब अगली सुनवाई 20 तारीख यानी सोमवार को होगी. बता दें कि इस मामले में हिन्दू धर्मपरिषद भी सुप्रीम कोर्ट पहुंची है और मांग की ⁠है कि कोर्ट की निगरानी में चंदा चोरी की जांच हो. ⁠CJI सूर्यकांत की बेंच ने कुल चार याचिकाओं पर आज शुरू की है. इस मामले में दो अलग-अलग याचिकाओं में सीबीआई जांच कराने की मांग की गई है.एक अन्य याचिका में सीबीआई की  विशेष जांच टीम (SIT) से जांच, सबूतों को सुरक्षित रखने और मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय लेन-देन की फॉरेंसिक ऑडिट कराने की मांग की गई है.

याचिकाकर्ता ने की थी निष्पक्ष जांच की मांग

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच जरूरी है. इन याचिकाओं में वकील नरेंद्र कुमार गोस्वामी की तरफ से दायर एक रिट याचिका, अजय कुमार राय की ओर से श्री राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट और अन्य के खिलाफ एक क्रिमिनल रिट याचिका और RJD सांसद सुधाकर सिंह की याचिका शामिल है.  इससे पहले इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने तुरंत सुनवाई से इंकार कर दिया था. इसके बाद याचिकाकर्ताओं ने इस मामले को तुरंत लिस्ट करने पर जोर देते हुए कहा कि आरोप बहुत गंभीर हैं. इसके बाद जस्टिस सुंदरेश की अध्यक्षता वाली पीठ ने निर्देश दिया की गर्मियों की छुट्टियों के बाद कोर्ट खुलने पर इस मामले को लिस्ट किया जाए.

सार्वजनिक मंदिर में चढ़ावा पवित्र न्यास संपत्ति

वकील नरेंद्र गोस्वामी ने याचिका दायर करके राम जन्मभूमि मंदिर में दान से जुड़े अभिलेखों और साक्ष्यों के संरक्षण और मंदिर चढ़ावे के प्रबंधन में अधिक पारदर्शिता लाने की मांग की. याचिका में कहा गया है कि सार्वजनिक मंदिर में चढ़ावा पवित्र न्यास संपत्ति है, जो कानूनी इकाई के रूप में देवता में निहित होती है. ऐसे चढ़ावे का प्रबंधन करने वाले लोग पादर्शिता, जवाबदेही और संरक्षण के कर्तव्यों से बंधे न्यासी होते हैं. बता दें कि याचिका में दान या चढ़ावे से जुड़े सभी अभिलेखों, CCTV फुटेज और डिजिटल लॉग को तुरंत संरक्षित करने की मांग की गई. वहीं इस मामले में SIT की जांच की सीलबंद रिपोर्ट और अब तक मिले दान और कीमती वस्तुओं की स्वतंत्र फॉरेंसिक ऑडिट की भी मांग की गई है. कोर्ट में ये अपील की गई है कि वह राष्ट्रीय महत्व के मंदिरों में जनता से मिलने वाले दान और चढ़ावे को पारदर्शी तरीके से संभालने के लिए संवैधानिक व्यवस्था और सुरक्षा उपाय बनाने के आदेश दें.
 

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