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कौन पैसे चुराएगा, कौन कैमरे के सामने खड़ा होगा? राम मंदिर दान चोरी के लिए रोज बनती थी प्लानिंग

सीसीटीवी फुटेज में कई बार अविनाश और मनीष नोटों को सीधा करते और मौका मिलते ही उन्हें अपने कपड़ों में छिपाते हुए दिखाई दिए हैं. वहीं अनुकल्प, करुणेश, लवकुश और दूसरे आरोपी चोरी के दौरान कैमरे के सामने खड़े नजर आए, ताकि कैमरे में चोरी साफ़ दिखाई न दे.

कौन पैसे चुराएगा, कौन कैमरे के सामने खड़ा होगा? राम मंदिर दान चोरी के लिए रोज बनती थी प्लानिंग
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के लिए आरोपी रोज फोन पर प्लानिंग करते थे, फिर रोज अलग-अलग जिम्मेदारी दी जाती थी.
NDTV
  • राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के सभी 8 आरोपियों को जुडिसियल कस्टडी आज खत्म हो रही है.
  • इस बीच मामले की जांच में जुटी SIT ने सीसीटीवी फुटेज और आरोपियों के पूछताछ के बाद एक नया खुलासा किया है.
  • इसके अनुसार आरोपी रोज सुबह चोरी के लिए फोन पर प्लानिंग करते थे, हर दिन लोगों की जिम्मेदारी बदली जाती थी.
अयोध्या:

Ram Mandir Donation Theft Row: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के सभी 8 आरोपियों को जुडिसियल कस्टडी आज खत्म हो रही है. अयोध्या पुलिस आज सभी आरोपियों को कोर्ट के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी कराएगी. संभव है टिन्नू यादव और सुभाष श्रीवास्तव की पुलिस रिमांड मांगी जाए. आठ में से चार आरोपी- अविनाश, अनुकल्प, लवकुश और करुणेश को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा चुकी है. चार आरोपियों से पूछताछ बाकी है. बाकी बचे आरोपियों में टिन्नू यादव, सुभाष श्रीवास्तव, रामशंकर मिश्रा और मनीष यादव शामिल हैं. इस बीच राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर एक नया खुलासा हुआ है. 

संगठित तरीके से चोरी को अंजाम देते थे आरोपी

सूत्रों के अनुसार, आरोपी संगठित तरीके से दान चोरी कर रहे थे और ड्यूटी से पहले प्रतिदिन भूमिकाएं तय करते थे. चोरी की प्लानिंग  फोन कॉल पर बनाई जाती थी. कौन पैसे चुराएगा, कौन कैमरे के सामने खड़ा होगा... इसकी प्लानिंग रोज होती है. रोज लोगों को बदल-बदल कर जिम्मेदारी दी जाती थी. दरअसल मामले की जांच कर रही एसआईटी को सीसीटीवी फुटेज में लगभग 70 संदिग्ध घटनाएं मिली हैं, जबकि जांचकर्ता सीसीटीवी नियंत्रण कक्ष तक संभावित पहुंच की भी जांच कर रहे हैं.

कौन पैसे चुराएगा, कौन सीसीटीवी के व्यू ब्लॉक करेगा... होती थी प्लानिंग

आरोपियों से पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी बेहद संगठित तरीके से चोरी को अंजाम देते थे. हर दिन ड्यूटी पर जाने से पहले सभी आरोपियों का रोल तय कर लिया जाता था. सुबह ही फोन पर बात करके पूरी प्लानिंग होती थी कि कौन नोट निकालेगा, कौन उन्हें छिपाएगा और कौन CCTV कैमरे के सामने खड़ा होकर कैमरे का व्यू ब्लॉक करेगा, ताकि चोरी रिकॉर्ड न हो सके. जांच में मिली CCTV फुटेज ने आरोपियों के कबूलनामे की भी पुष्टि की है.

फुटेज में कई बार अविनाश और मनीष पैसे चुराते दिखे

फुटेज में कई बार अविनाश और मनीष नोटों को सीधा करते और मौका मिलते ही उन्हें अपने कपड़ों में छिपाते हुए दिखाई दिए हैं. वहीं अनुकल्प, करुणेश, लवकुश और दूसरे आरोपी चोरी के दौरान कैमरे के सामने खड़े नजर आए, ताकि कैमरे में चोरी साफ़ दिखाई न दे. सूत्रों के मुताबिक, चोरी के बाद पैसे सभी आरोपियों में बराबर-बराबर बांटे जाते थे, लेकिन कई बार अविनाश सबसे बड़ा हिस्सा अपने पास रख लेता था. SIT की रिपोर्ट के अनुसार, CCTV में करीब 70 अलग-अलग मौकों पर आरोपियों की चोरी जैसी गतिविधियां रिकॉर्ड हुई हैं.

सुभाष और टिन्नू यादव भी चोरी के समय दिखा

इनमें सबसे ज़्यादा बार अविनाश और मनीष का चेहरा सामने आया है. यह भी शक है कि जो CCTV फुटेज डिलीट की गई, उसके पीछे आरोपियों की CCTV कंट्रोल रूम तक पहुंच या एक्सेस हो सकता है. इसी एंगल से भी जांच की जा रही है. CCTV फुटेज में कई मौकों पर सुभाष श्रीवास्तव और टिन्नू यादव भी चोरी के दौरान वहां मौजूद दिखाई दिए हैं. लिहाजा रिमांड पर लेकर उनसे पूछताछ की जाएगी कि क्या उन्हें उस दौरान हो रही चोरी की जानकारी थी- उनका इस संगठित अपराध में किस तरह का रोल था?

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