दिल्ली में सोमवार को INDIA गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ प्रदर्शन किया. राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी नेताओं ने मार्च के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचकर याचिका दाखिल की.
हालांकि याचिका दाखिल होने के बाद सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने उसमें 14 डिफेक्ट यानी तकनीकी खामियां बताई हैं. जानकारी के अनुसार याचिका के साथ 220 रुपये की कोर्ट फीस कम जमा कराई गई थी. इसके अलावा नौ याचिकाकर्ताओं के वकालतनामे भी जोड़े नहीं किए गए थे.
कांग्रेस की लीगल टीम से जुड़े सूत्रों के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई नहीं करेगा. सूत्रों का कहना है कि याचिका में फिलहाल कुछ तकनीकी कमियां हैं, जिन्हें दूर करने की प्रक्रिया चल रही है. इनमें दस्तावेजों और अन्य औपचारिकताओं से जुड़ी खामियां शामिल हैं. कमियां दूर कर याचिका दोबारा पूरी तरह से ठीक किए जाने के बाद ही मामले में सुनवाई की तारीख तय हो सकती है. फिलहाल कांग्रेस की कानूनी टीम आवश्यक सुधार करने में जुटी हुई है.
कोर्ट ने बताई 14 गलतियां
रजिस्ट्री ने यह भी बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पहचान पत्र की फोटो कॉपी स्पष्ट नहीं थी. कुछ जरूरी दस्तावेज भी याचिका के साथ नहीं लगाए गए थे. अब याचिकाकर्ताओं को इन सभी कमियों को दूर करना होगा. इसके बाद ही मामले में आगे की प्रक्रिया और सुनवाई का रास्ता साफ होगा. विपक्ष ने याचिका में SIR प्रक्रिया पर रोक लगाने और चुनावी गड़बड़ियों के आरोपों की जांच की मांग की है.
INDIA गठबंधन के सांसद मंगलवार को शाम 4 बजे राहुल गांधी के आवास 5, सुनहरी बाग रोड पर जुटेंगे. आज हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल सभी नेताओं और सांसदों को इस बैठक में बुलाया गया है. सूत्रों के अनुसार, INDIA गठबंधन के नेताओं और सांसदों के अलावा कांग्रेस सांसदों, छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों और सिविल सोसाइटी से जुड़े लोगों को भी चाय पर आमंत्रित किया गया है.
चाय बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस
जानकारी के मुताबिक, राहुल गांधी की ओर से आयोजित चाय बैठक के बाद INDIA गठबंधन की एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस भी होगी. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े मुद्दे और सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी.
फिलहाल किसी नए प्रदर्शन की संभावना कम
सूत्रों का कहना है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस का कार्यक्रम तय होने के कारण मंगलवार को किसी बड़े विरोध प्रदर्शन की संभावना कम है. हालांकि आगे की राजनीतिक रणनीति का ऐलान प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान किया जा सकता है.
गौरतलब है कि पेपर लीक मामले को लेकर हुए आंदोलन के दौरान भी राहुल गांधी ने विपक्षी नेताओं और सांसदों के लिए इसी तरह की चाय बैठक आयोजित की थी. उस बैठक के बाद विपक्षी सांसद राहुल गांधी के आवास से गांधी स्मृति तक मार्च करते हुए गए थे.
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