- भारत में मध्य-पूर्व के युद्ध के बावजूद क्रूड ऑयल, प्राकृतिक गैस और LPG की उपलब्धता को लेकर कोई चिंता नहीं है.
- भारत की कच्चे तेल की सप्लाई सुरक्षित है और देश में प्रतिदिन लगभग पचपन लाख बैरल तेल की खपत होती है.
- भारत अब लगभग 70% क्रूड सप्लाई अन्य समुद्री मार्गों से प्राप्त करता है, जो पहले Strait of Hormuz से आता था.
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बुधवार को बताया कि मध्य-पूर्व में जारी युद्ध के बावजूद भारत में क्रूड ऑयल, प्राकृतिक गैस और एलपीजी की उपलब्धता को लेकर चिंता की बात नहीं है. उन्होंने कहा कि भारत की क्रूड सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित है. देश में प्रतिदिन लगभग 55 लाख बैरल कच्चे तेल की खपत होती है और औसतन Strait of Hormuz से जितनी आपूर्ति होती है, उससे अधिक मात्रा को भारत ने सप्लाई-डायवर्सिफिकेशन के माध्यम से सुनिश्चित कर लिया है. वर्तमान में भारत 40 देशों से कच्चा तेल आयात करता है.
सुजाता शर्मा के अनुसार, पहले भारत का लगभग 55% क्रूड ऑयल Strait of Hormuz मार्ग से आता था, लेकिन अब यह घटकर 70% सप्लाई अन्य समुद्री मार्गों से आ रही है. उन्होंने बताया कि दो कार्गो जहाज भारत की ओर रवाना हो चुके हैं और जल्द ही कच्चे तेल की नई खेप लेकर पहुंचेंगे.
प्राकृतिक गैस की खपत और सप्लाई की स्थिति
सुजाता शर्मा ने बताया कि भारत में प्रतिदिन 189 MMSCMD (मिलियन मेट्रिक स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्रति दिन) प्राकृतिक गैस की खपत होती है. इसमें से 97.5 MMSCMD का उत्पादन भारत में ही होता है. आयातित गैस की कुल मात्रा में से 47.4 MMSCMD की आपूर्ति फिलहाल प्रभावित है, क्योंकि गैस कंपनियों ने Force Majeure की स्थिति घोषित की है. इसके चलते वैकल्पिक स्रोतों से एलएनजी कार्गो का ऑर्डर दिया गया है.
गैस कंट्रोल ऑर्डर जारी, सप्लाई में कटौती
स्थिति को संभालने के लिए सरकार ने नेचुरल गैस कंट्रोल ऑर्डर जारी किया है. इसके तहत रिफाइनरियों और पेट्रोकेमिकल इकाइयों को औसत से लगभग 35% कम गैस सप्लाई की जाएगी, ताकि घरेलू ज़रूरतों और प्राथमिक क्षेत्रों को प्राथमिकता के साथ गैस उपलब्ध कराई जा सके.
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