ओडिशा के पुरी में गुरुवार को भगवान जग्नाथ की यात्रा के दौरान भारी भीड़ उमड़ी. इस दौरान भगदड़ जैसी स्थिति होने की खबर आ रही है. बताया जा रहा है कि घटना में एक शख्स की मौत हो गई जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. शुरुआती जानकारी के अनुसार भगदड़ जैसी स्थिति पहंडी रस्म के दौरान बनी है. बताया जा रहा कि भगदड़ जैसी स्थिति बाहरी सुरक्षा घेरे से करीब 500 मीटर की दूरी पर हुई है. इस घटना में बड़ी संख्या में लोग घायल भी बताए जा रहे हैं.
कैसे मची भगदड़?
शुरुआती जानकारी के अनुसार, महाप्रभु की पहंडी समाप्त होने और चारमाला हटाए जाने के बाद अस्पताल से लगभग एक किलोमीटर दूर एक चौराहे के पास श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच अचानक धक्का-मुक्की शुरू हो गई. इस दौरान एक पुरुष और एक महिला श्रद्धालु गिर पड़े. उनके गिरते ही आसपास मौजूद कई अन्य श्रद्धालु भी भीड़ के दबाव में सड़क किनारे दब गए, जिससे कई लोग घायल हो गए.
घायलों को तत्काल एम्बुलेंस की सहायता से नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया. स्थानीय सूत्रों के अनुसार, एक श्रद्धालु की अस्पताल में मौत हो गई, जबकि इलाज के दौरान एक अन्य श्रद्धालु के भी दम तोड़ने की सूचना है. मृतकों में एक की पहचान कटक जिले के अनिल दास के रूप में बताई जा रही है, लेकिन प्रशासन ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.
घटना के बाद पुलिस और सुरक्षा बल तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया. अस्पताल परिसर में परिजनों की भारी भीड़ जमा हो गई है, जबकि प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है.
'40 से 50 लोगों को एक-दूसरे के ऊपर गिरते देखा'
पुरी में घटना वाली जगह पर मौजूद एक भक्त ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि मारिचिकुंड स्क्वायर के पास बाहरी घेरे की रस्सी वाली बैरिकेडिंग गिर गई. इसके बाद कुछ लोगों का संतुलन बिगड़ा और वो सड़क पर गिर गए. उन्होंने बताया कि मैंने लगभग 40 से 50 लोगों को एक-दूसरे के ऊपर गिरते देखा, जिससे कई भक्त घायल हो गए; उनमें से चार-पांच लोगों को गंभीर चोटें आई थीं. उन्होंने कहा, मैंने लगभग 20 लोगों को बचाया और एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाया.
एक बुजुर्ग की मौत की खबर
इस भगदड़ जैसी स्थिति में एक बुजुर्ग शख्स के मौत की भी खबर आ रही है. सूत्रों का यह भी कहना है कि गुरुवार को भक्तों की भारी भीड़ और लगातार हो रही बारिश के बीच, दम घुटने और अलग-अलग तरह की चोटों की शिकायत के साथ अब तक लगभग 200 मरीजों को पुरी के अस्पताल और अस्थायी स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया है.
गौरतलब है कि 2025 की रथयात्रा के दौरान भी भीड़ प्रबंधन में चूक के कारण हुई भगदड़ में तीन श्रद्धालुओं की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे. फिलहाल प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है. घायलों का इलाज जारी है और घटना की जांच की जा रही है.
पुरी रथ यात्रा में उमड़ी थी भीड़
गुरुवार को पवित्र तटीय शहर पुरी में भव्य वार्षिक रथ यात्रा देखने के लिए लाखों लोग जमा हुए. दुनिया भर में मशहूर वार्षिक रथ यात्रा उत्सव की शुरुआत दिन में तय समय से पहले ही दिव्य भाई-बहनों और अन्य देवी-देवताओं के लिए 'पहांडी बिजे' अनुष्ठान के साथ हुई.'पहांडी बिजे' अनुष्ठान के दौरान, पवित्र भाई-बहनों और अन्य देवी-देवताओं को 12वीं सदी के श्री जगन्नाथ मंदिर से उनके सजाए गए रथों तक एक भव्य शोभायात्रा में ले जाया गया. इस दौरान पारंपरिक वाद्ययंत्रों जैसे घंटा (गोंग), काहली (ट्रम्पेट) और तेलिंगी बाजा की मनमोहक और दिव्य ध्वनियां गूंज रही थीं.
पवित्र वैदिक मंत्रों का जाप करते पुजारियों और मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियां देने वाले पारंपरिक ओडिसी कलाकारों ने गुंडिचा मंदिर में देवी-देवताओं की नौ दिन की यात्रा का स्वागत किया; माना जाता है कि यह मंदिर उनका जन्मस्थान है. हालांकि 'पहांडी बिजे' अनुष्ठान तय समय से पहले शुरू हुए थे, लेकिन गुरुवार को इनके पूरा होने में दो घंटे से ज़्यादा की देरी हुई.
यह भी पढ़ें: झमाझम बारिश के बीच 'जय जगन्नाथ' से गूंजा पुरी, तीनों दिव्य रथों के दर्शन को उमड़ा लाखों श्रद्धालुओं का सैलाब
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं