मेघालय हनीमून मर्डर ( राजा रघुवंशी मामले) केस की आरोपी सोनम रघुवंशी की लीगल टीम का एक कानूनी दांव पेंच आखिरकार उसके लिए राहत की खबर लेकर आया है.कोर्ट में उसके लीगल टीम का ये वो दांव था जिसके चलते पहले जमानत रद्द करने की बात कर रहे सुप्रीम कोर्ट ने जमानत आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया. कानून के जानकार मानते हैं कि अदालतों में सही समय पर उठाए गए कदम ही राहत या झटका तय करते हैं. इसी का ये उदाहरण है कि गुरुवार सुबह मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में सोनम रघुवंशी को हाईकोर्ट द्वारा बरकरार रखी गई जमानत के आदेश को चुनौती देने का याचिका पर जल्द सुनवाई करने की मांग की. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की इस मेंशनिंग पर जस्टिस एम एम सुंदरेश और जस्टिस शील नागू की बेंच ने शुक्रवार के लिए लिस्ट करने को सहमति जताई थी.
ऐसे चले दांव पेंच
शुक्रवार सुबह 11 बजे तक ये खबर मीडिया की सुर्खियां बन चुकी थी. उसी समय सोनम के वकीलों को भी इसकी जानकारी मीडिया के जरिए लगी. इसके बाद वकीलों ने सोनम से बातचीत की और फिर एक फैसला लिया गया.स्थानीय वकील जेनिथ छबलानी और एडवोकेट ऑन रिकार्ड अभय सिंह ने तुरंत सुप्रीम कोर्ट में इस केस में कैविएट दाखिल करने की रणनीति बनाई ताकि सुप्रीम कोर्ट उनका पक्ष सुने बिना कोई फैसला ना दे. गुरुवार शाम 4.45 बजे AOR अभय सिंह ने कैविएट दाखिल कर दी.
इस पर जस्टिस सुंदरेश ने पूछा कि ट्रायल का स्टेटस क्या है और कितने गवाहों की गवाही हो चुकी है.इस पर बताया गया कि 90 में से चार लोगों की ही गवाही हुई है.कोर्ट ने कहा कि चूंकि सोनम पहले ही बेल पर बाहर आ चुकी है इसलिए वो बेल आदेश पर रोक लगाने की इच्छुक नहीं है.हालांकि कोर्ट ने सोनम को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है और अब 9 जुलाई को अहम सुनवाई होगी.
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