सिद्धारमैया ने कनक जयंती पर काटा 75 किलो का केक, समर्थकों ने बताया- भविष्य का CM

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बुधवार को दावा किया कि आरएसएस और संघ परिवार समाज से जाति व्यवस्था को खत्म करने के पक्ष में नहीं हैं.

सिद्धारमैया ने कनक जयंती पर काटा 75 किलो का केक, समर्थकों ने बताया- भविष्य का CM

मैसूर के कलामंदिरा में आयोजित 535वें कनक जयंती समारोह में सिद्धारमैया ने की शिरकत.

बेंगलुरु:

कर्नाटक में सिद्धारमैया को दोबारा से मुख्यमंत्री बनाने की मांग तेज होने लगी है. कनकपीता के शिवानंदपुरी स्वामी और कई पूर्व मंत्रियों ने उन्हें नया सीएम बनाने की वकालत की. अब मैसुरू में कनक जयंती कार्यक्रम में उनके समर्थकों ने बड़ा मैसेज दिया. सिद्धारमैया ने यहां समर्थकों के बीच 75 किलो का केक काटा. केक पर लिखे मैसेज ने सबका ध्यान खींचा. इसमें लिखा था- 'अगले मुख्यमंत्री सिद्धारमैया.'

सिद्धारमैया ने बुधवार को यहां कनक जयंती और कुरुबारा संघ के पदाधिकारियों की स्थापना के उपलक्ष्य में आयोजित एक समारोह में हिस्सा लिया. पूरे आयोजन के दौरान सिद्धारमैया को 'अगला मुख्यमंत्री' कहा गया और इस अवसर पर उन्हें एक तलवार भी सौंपी गई. पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बुधवार को दावा किया कि आरएसएस और संघ परिवार समाज से जाति व्यवस्था को खत्म करने के पक्ष में नहीं हैं.

मैसूर के कलामंदिरा में आयोजित 535वें कनक जयंती समारोह में बोलते हुए सिद्धारमैया ने कहा कि आरएसएस और संघ परिवार जाति व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं चाहते हैं, क्योंकि यह उन्हें लोगों पर अत्याचार और शोषण करने के अवसर से वंचित करेगा. उन्होंने कहा, “अगर समाज में असमानता नहीं होगी तो लोगों का दमन और शोषण करना उनके लिए संभव नहीं होगा.”

उन्होंने कहा कि समाज सुधारकों ने जातिविहीन व्यवस्था की स्थापना करके समाज में असमानताओं को दूर करने की कोशिश की थी, लेकिन परिवर्तन केवल अस्थायी थे. उन्होंने कहा, 'जबकि जाति व्यवस्था ने इसके विपरीत प्रयासों के बावजूद वापसी की थी.'

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सिद्धारमैया ने समाज में असमानताओं के खिलाफ आवाज उठाने के लिए कनकदास, बसवन्ना, गौतम बुद्ध, बीआर अंबेडकर और महात्मा गांधी जैसे समाज सुधारकों को श्रद्धांजलि देने की मांग की. 

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