- अजित पवार का बुधवार को प्लेन क्रैश में निधन हो गया था
- शरद पवार ने भतीजे अजित को राजनीति का दांव पेच सिखाया था
- अजित हमेशा अपने चाचा की बगल की कुर्सी पर बैठते थे, आज वो कुर्सी खाली
वो उनके साथ साए के साथ रहते थे. महाराष्ट्र में शरद पवार के बाद अजित दादा की हैसियत किसी से छिपी नहीं थी. पवार के बगल की कुर्सी पर हमेशा अजित पवार एक मजबूत स्तंभ के साथ दिखते थे. पर देखिए न वक्त ने कैसा सितम किया है. आज चाचा शरद बिल्कुल अकेले दिख रहे हैं. साथ वाली कुर्सी भी खाली है. अब ये कुर्सी सदा के लिए खाली हो गई. अब उनके दायें हाथ रहे अजित उनके साथ कभी नहीं होंगे.
शरद ने सिखाया था अजित को राजनीतिक दांव पेच
शरद पवार ने अजित को राजनीति का दांव पेच सिखाया था. चाचा से राजनीति के गुर सीखने के बाद अजित ने सियासी आसमान में अपना एक अलग मुकाम बना लिया था. चाचा से अलग होकर पार्टी बनाई और उनसे ज्यादा सीटें जीत ले गए. अपनी मिलनसार छवि से बारामती के अजित पवार धीर-धीरे महाराष्ट्र कि सियासत के अजित दादा बन गए.
Baramati, Maharashtra: NCP (SP) chief Sharad Pawar arrives at the Vidya Pratishthan ground for the last rites of Maharashtra Deputy Chief Minister Ajit Pawar.
— IANS (@ians_india) January 29, 2026
Deputy CM Ajit Pawar died yesterday in a charter plane crash landing. pic.twitter.com/ymCJ8TSUGa
तन्हा रह गए शरद
आज शरद पवार बिल्कुल अकेला महसूस कर रहे होंगे. जो भतीजा अच्छे और बुरे वक्त में हमेशा उनके साथ खड़ा रहता था. अब वो दुनिया ही छोड़ चुका है. अपनी बगल की कुर्सी को एक नजर देखने के बाद शरद पवार शून्य में देख रहे हैं. राजनीति के दिग्गज शरद आज अपने भतीजे के बिना तन्हा हो गए हैं. समय तो आगे चलेगा लेकिन शरद के लिए अजित की याद ताउम्र रहेगी.
प्लेन क्रैश में अजित का निधन
गौरतलब है कि अजित पवार की बुधवार को एक विमान दुर्घटना में निधन हो गया था. वो बारामती जा रहे थे. अजित के साथ विमान में सवार सभी 5 लोगों की मौत हो गई थी. अजित पवार का आज अंतिम संस्कार हो रहा है. उनके निधन के बाद महाराष्ट्र में तीन दिन के शोक का ऐलान किया गया है.
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