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TMC के ममता गुट को झटका! विधानसभा स्पीकर के फैसले को चुनौती देने वाली रिट याचिका पर टली सुनवाई

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में नेता विपक्ष की नियुक्ति को लेकर लगाई गई याचिका पर फिलहाल सुनवाई टाल दी है. टीएमसी के बागी विधायकों के गुट ने ऋतब्रत बनर्जी को अपना नेता चुना था. जिसे विधानसभा स्पीकर ने भी मान्यता दी थी. इस फैसले के खिलाफ ममता गुट के शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी.

TMC के ममता गुट को झटका! विधानसभा स्पीकर के फैसले को चुनौती देने वाली रिट याचिका पर टली सुनवाई

तृणमूल कांग्रेस के ममता गुट को गुरुवार के दिन एक और बड़ा झटका लगा है. पश्चिम बंगाल हाईकोर्ट के जस्टिस कृष्णा राव ने शोभनदेव चट्टोपाध्याय की उस रिट याचिका पर सुनवाई फिलहाल टाल दी है. जिसमें पश्चिम बंगाल विधानसभा स्पीकर के उस फैसले को चुनौती दी गई थी. जिसके तहत ऋतब्रत बनर्जी को विधानसभा में विपक्ष का नेता नियुक्त किया गया था. TMC के बागी विधायकों ने ऋतब्रत को अपना नेता चुना था और विधानसभा स्पीकर रथिंद्र बसु को उनके समर्थन में पत्र सौंपा था. 

शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने लगाई थी याचिका 

टीएमसी के बागी विधायकों की तरफ से ऋतब्रत बनर्जी के समर्थन में पत्र सौंपे जाने के बाद स्पीकर ने शोभनदेव चट्टोपाध्याय की जगह ऋतब्रत बनर्जी को विधानसभा में नेता विपक्ष चुनाव था. जिसके बाद शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने इस फैसले के खिलाफ याचिका लगा दी थी. लेकिन फिलहाल कोर्ट ने सुनवाई टाल दी है. कोर्ट में सुनवाई के दौरान शोभनदेव चट्टोपाध्याय की तरफ से टीएमसी सांसद और वकील कल्याण बनर्जी ने सवाल उठाया कि स्पीकर ने ऐसे व्यक्ति को कैसे नियुक्त कर दिया जिसे पार्टी से निकाला जा चुका है. उन्होंने तर्क दिया कि स्पीकर की नियुक्ति के दिन, शोभनदेव ने विपक्ष के नेता के तौर पर स्पीकर का पहला भाषण दिया था और मुख्यमंत्री के साथ-साथ उनका भी स्वागत किया था.

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राज्य सरकार को कोर्ट ने दिया समय 

कल्याण बनर्जी ने कहा कि बाद में अचानक स्पीकर ने टीएमसी से निकाले गए किसी दूसरे व्यक्ति को कैसे नियुक्त कर दिया? उन्होंने कहा कि स्पीकर का फैसला गैर-कानूनी और विधानसभा के नियमों के खिलाफ है. इस याचिका में लगाए गए आरोपों के खिलाफ जवाब देने के लिए राज्य सरकार ने एक छोटा सा हलफनामा दाखिल करने की बात कही थी. जिसके लिए वकील बिलोदल भट्टाचार्य ने हलफनामा दाखिल करने के लिए समय मांगा है. जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया है. 

ऋतब्रत बनर्जी रहेंगे नेता विपक्ष

गुरुवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने टीएमसी की यह मांग नहीं मानी है कि स्पीकर के फैसले पर तुरंत रोक लगाई जाए. यानि शोभनदेव चट्टोपाध्याय की जगह ऋतब्रत बनर्जी को नेता विपक्ष बनाए जाने के खिलाफ कोर्ट ने कोई स्टे ऑर्डर नहीं दिया है. यानि फिलहाल पश्चिम बंगाल विधानसभा में ऋतब्रत बनर्जी नेता प्रतिपक्ष बने रहेंगे. हालांकि कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई के लिए 16 जून की तारीख तय की है. जिसके बाद मामले में कोर्ट कोई बड़ा फैसला सुना सकता है.

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