- समाजवादी पार्टी ने रुक्मिणी देवी को महिला सभा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया
- रुक्मिणी देवी पूर्व सांसद फूलन देवी की बड़ी बहन हैं और लंबे समय से महिलाओं के मुद्दों पर सक्रिय हैं
- सपा ने रुक्मिणी को बड़ी जिम्मेदारी देकर निषाद समुदाय के प्रभावशाली वोट बैंक को आकर्षित करने का प्रयास किया है
अगले साल होने वाली यूपी विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ने बड़ा कार्ड खेल दिया है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पूर्व सांसद फूलन देवी की बहन रुक्मिणी देवी को सपा महिला सभा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है. यह कदम न केवल महिला वोट बैंक, बल्कि पूरे प्रदेश के निषाद समुदाय को साधने की एक सोची-समझी कोशिश मानी जा रही है.
कौन हैं रुक्मिणी निषाद?
रुक्मिणी निषाद फूलन देवी की बड़ी बहन हैं. रुक्मिणी अक्टूबर 2019 में प्रगतिशील मानव समाज पार्टी छोड़कर समाजवादी पार्टी में शामिल हुई थीं. वह अखिलेश यादव की करीबी मानी जाती हैं और लंबे समय से जालौन और आसपास के जिलों में महिलाओं और पिछड़ों के मुद्दों पर सक्रिय रही हैं. अब महिला विंग की प्रमुख बनाकर सपा ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए बड़ा संदेश दिया है.

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निषाद वोट बैंक को साधते की तैयारी
यूपी चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ने रुक्मणी निषाद को बड़ी जिम्मेदारी देकर निषाद वोट बैंक को साधने की कोशिश की है. यूपी में निषाद-मल्लाह समुदाय की आबादी काफी प्रभावशाली है. खासकर पूर्वांचल जैसे मिर्जापुर, गोरखपुर और बुंदेलखंड के इलाकों में इनका प्रभाव है. ऐसे में जालौन की रहने वाली रुक्मिणी निषाद को कमान सौंपकर अखिलेश यादव ने बीजेपी और निषाद पार्टी के गठबंधन की काट ढूंढने की कोशिश की है. निषाद वोटों के अलावा सपा ने पूर्व सांसद फूलन देवी की विरासत को साधने की कोशिश की है. फूलन देवी आज भी निषाद समाज और पिछड़ों के बीच काफी चर्चित स्वाभिमान का प्रतीक मानी जाती हैं.
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