समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा है कि स्वामी प्रसाद मौर्य के लिए इंडिया गठबंधन में जगह नहीं है. उनका कहना है कि मौर्य उनकी सीटों में शामिल नहीं हो सकते हैं. दरअसल मौर्य ने पांच अक्तूबर को दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा से मुलाकात की थी. इसके बाद से ही अटकलें लगाई जाने लगी थीं कि उनकी पार्टी अपनी जनता पार्टी इंडिया गठबंधन में शामिल हो सकते हैं. अखिलेश यादव के बयान पर अभी मौर्य या कांग्रेस की ओर से कोई बयान नहीं आया है.
अखिलेश यादव ने यह बात शुक्रवार को लखनऊ में पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही.उन्होंने कहा,''स्वामी प्रसाद मौर्य हमारे गठबंधन में शामिल नहीं हैं.इग्नोर करो, अवाइड करो. साइलेंस इज गोल्ड. वो हमारी सीटों की गिनती में शामिल नहीं हो सकते.''
स्वामी प्रसाद मौर्य का सफर
स्वामी प्रसाद मौर्य 2017 के चुनाव से पहले बहुजन समाज पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए थे. उन्होंने कुशीनगर की पडरौना सीट से चुनाव जीता था. उन्हें योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट में शामिल किया गया था. बीजेपी ने उनकी बेटी संघमित्रा मौर्य को लोकसभा का टिकट दिया था. वो बदायूं से सांसद चुनी गई थीं. मौर्य 2022 के चुनाव से पहले वो बीजेपी छोड़कर सपा में शामिल हो गए. सपा ने उन्हें पहले कुशीनगर की फाजिलनगर सीट से उम्मीदवार बनाया था. लेकिन वो चुनाव हार गए थे. बाद में सपा ने उन्हें विधान परिषद का सदस्य बनाया था.

स्वामी प्रसाद मौर्य ने अक्टूबर के पहले हफ्ते में दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मुलाकात की थी.
Photo Credit: Swami Prasad Maurya X
रामचरितमानस और अयोध्या में राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह पर की गई कुछ टिप्पणियों को लेकर मौर्य का प्रदेश में विरोध होने लगा.विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने सपा का दामन भी छोड़ दिया था. इसके साथ ही उन्होंने फरवरी 2024 में विधान परिषद की सदस्यता से भी त्यागपत्र दे दिया था.इसके बाद ही उन्होंने अपनी जनता पार्टी के नाम से राजनीतिक दल बनाया था. इसी के प्रचार प्रसार में वो लगे हुए हैं.
स्वामी प्रसाद मौर्य की कांग्रेस से नजदीकी
कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम से मुलाकात के बाद उन्होंने इस महीने के पहले हफ्ते में दिल्ली में राहुल और प्रियंका गांधी से मुलाकात की थी.कांग्रेस नेताओं से मिलने के बाद स्वामी ने इंडिया गठबंधन में शामिल होने की घोषणा की थी. उन्होंने कहा था कि हम कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेंगे, इस पर चर्चा बाद में की जाएगी. हम चाहते हैं कि राहुल गांधी देश का प्रधानमंत्री बनें.इसके बाद अनुमान लगाया जाने लगा कि उनकी पार्टी इंडिया गठबंधन में शामिल हो सकती है. एक अनुमान यह भी लगाया जा रहा कि कांग्रेस मौर्य, उनके बेटे और बेटी को अपने सिंबल पर चुनाव मैदान में उतार सकती है. लेकिन अखिलेश यादव के आज के रुख को देखते हुए अब इन अटकलों पर आशंका के बादल मंडरा रहे हैं. सवाल यह उठ रहा है कि क्या कांग्रेस अखिलेश यादव की नाराजगी मोल लेकर मौर्य को अपने साथ लेगी या उनसे पीछा छुड़ाएगी.
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