आरएसएस के नेता इंद्रेश कुमार की फाइल फोटो
- मॉब लिंचिंग जैसी घटनाओं का स्वागत नहीं किया जा सकता
- दुनिया के किसी धर्म में गाय का वध नहीं होता
- अगर लोग बीफ़ खाना छोड़ दें तो मॉब लिंचिंग जैसी घटनाएं रूक सकती हैं
नई दिल्ली:
आरएसएस के नेता इंद्रेश कुमार अपने अजीबो ग़रीब बयान की वजह से विवादों में हैं. रांची में एक कार्यक्रम में इंद्रेश कुमार ने कहा कि अगर लोग बीफ़ खाना छोड़ दें तो मॉब लिंचिंग जैसी घटनाएं रूक सकती हैं. मॉब लिंचिंग जैसी घटनाओं का स्वागत नहीं किया जा सकता, लेकिन दुनिया के किसी धर्म में गाय का वध नहीं होता. वहीं अलवर के रामगढ़ में मॉब लिंचिंग मामले में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने के बाद अब मामले की जांच के लिए गठित राजस्थान पुलिस की उच्च स्तरीय समिति ने भी माना है कि पुलिस से गंभीर चूक हुई है. जांच समिति ने छानबीन और पूछताछ के बाद रामगढ़ के थाना प्रभारी ASI मोहन सिंह को निलंबित कर दिया है. साथ ही तीन पुलिसकर्मियों को लाइन हाज़िर किया गया है.
अलवर मॉब लिंचिंग: रकबर के साथी ने कहा, मारने वाले कह रहे थे हमारे साथ MLA साहब हैं
इस बीच निलंबित एएसआई मोहन सिंह का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वो रक़बर ख़ान को अस्पताल ले जाने में हुई देरी की ग़लती को स्वीकारते दिख रहे हैं. वीडियो में ASI कह रहे हैं कि मेरे से ग़लती हो गई. कैसे भी मान लो. सज़ा दे दो या छोड़ दो, सीधी सी बात है.
अलवर मॉब लिंचिंग : हिंसा से जुड़े गवाह ने बदला अपना बयान, कांग्रेस ने की CBI जांच की मांग
इस बीच रकबर की जो आखिरी तस्वीरें आ रही हैं, वे बताती हैं कि वो पुलिस की गाड़ी में भी ज़िंदा था. ये तस्वीर पुलिस को मामले की जानकारी देने वाले वीएचपी के नवल किशोर ने ली थी. साथ ही इस सीसीटीवी फ़ुटेज से पता चलता है कि पुलिस क़रीब पौने चार घंटे तक रक़बर ख़ान को सड़क पर घुमाती रही. एनडीटीवी इंडिया को वो पंचनामा भी मिला है जो रक़बर के साथी असलम ने पुलिस को लिखवाया है. असलम का कहना है कि पांच आदमी मिले थे. उन्होंने हमें पकड़ लिया और रक़बर को खेत में गिरा दिया. रक़बर के साथ खेत में लाठी-डंडे से मारपीट शुरू की. मारने वाले लोग कह रहे थे हमारे साथ एमएलए साहब हैं, हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता है.
VIDEO: अलवर मॉब लिंचिंग मामले में परिवार का आरोप, पुलिस ने बेरहमी से पीटा
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इस बीच रकबर की जो आखिरी तस्वीरें आ रही हैं, वे बताती हैं कि वो पुलिस की गाड़ी में भी ज़िंदा था. ये तस्वीर पुलिस को मामले की जानकारी देने वाले वीएचपी के नवल किशोर ने ली थी. साथ ही इस सीसीटीवी फ़ुटेज से पता चलता है कि पुलिस क़रीब पौने चार घंटे तक रक़बर ख़ान को सड़क पर घुमाती रही. एनडीटीवी इंडिया को वो पंचनामा भी मिला है जो रक़बर के साथी असलम ने पुलिस को लिखवाया है. असलम का कहना है कि पांच आदमी मिले थे. उन्होंने हमें पकड़ लिया और रक़बर को खेत में गिरा दिया. रक़बर के साथ खेत में लाठी-डंडे से मारपीट शुरू की. मारने वाले लोग कह रहे थे हमारे साथ एमएलए साहब हैं, हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता है.
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