- तेजस्वी ने बिहार सरकार पर भ्रष्टाचार को लेकर हमला बोला है.
- तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी को रबर-स्टैम्प मुख्यमंत्री बताया है.
- टेंडर घोटाले में तेजस्वी ने बड़ी मछलियों को छोडने का आरोप लगाया है.
राजद के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने रविवार को भ्रष्टाचार, वित्तीय कुप्रबंधन और सरकारी स्कीम में कथित अनियमितताओं को लेकर बिहार की एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला है. तेजस्वी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को "रबर-स्टैम्प" मुख्यमंत्री बताया है. उन्होंने कहा कि पूरे सीएमओ पर काबिज वही लोग है जो पुराना सिस्टम चल रहा था. बड़बोले सीएम पूरी तरह से कंप्रोमाइज्ड हैं. सम्राट जी को कोई मतलब नहीं है. जो केंद्र से कहा जाएगा, उसी पर स्टॉम्प वो लगाते हैं. वो बड़े काफिले और बड़े बंगले में बस खुश हैं.
'केंद्र सरकार बिहार को नहीं दे रहा फंड'
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तेजस्वी यादव ने राज्य एक नाजुक वित्तीय स्थिति से गुजर रहा है. फंड की कमी के कारण वेतन में देरी हुई है और सरकारी योजनाओं व विकास परियोजनाओं पर बुरा असर पड़ा है. राज्य में भ्रष्टाचार और अपराध का बोलबाला है. कुछ चुनिंदा नौकरशाह सरकार चला रहे हैं. राजद नेता ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार बिहार सरकार को फंड नहीं दे रही है. हाल ही में, राज्य सरकार ने पेंशन बांटने और कुछ योजनाओं के लिए 'आकस्मिक निधि' (Contingency Fund) से 3,660 करोड़ रुपये निकाले. राज्य सरकार कल्याणकारी उपायों के लिए नियमित बजट प्रावधान करने के बजाय आपातकालीन फंड पर निर्भर है.
'बड़ी मछलियों को छोड़ दिया गया'
बिहार टेंडर घोटाले को लेकर भी एनडीए सरकार पर तेजस्वी ने जमकर निशाना साधा है. तेजस्वी ने कहा कि जो भ्रष्टाचार में 0 टॉलरेंस की बात करते हैं. रिशु श्री का मामला कई दिनों से चल रहा. बड़ी बड़ी मछलियों की इसमें मिलीभगत है, मौजूदा सरकार उसका जवाब दे. उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि एक मामूली ठेकेदार कथित तौर पर कई विभागों के टेंडर कैसे हासिल कर रहा था. इस मामले में कथित बड़े जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? तेजस्वी ने SVU की चार्जशीट को लेकर भी सवाल खड़े किए. उन्होंने सवाल किया कि चार्जशीट में बड़ी मछलियों को छोड़ दिया गया है, ऐसा क्यों? दो अधिकारियों को निलंबित करने के बावजूद उनका चार्जशीट में नाम क्यों नहीं और क्यों गिरफ्तारी नहीं हुई.
Patna, Bihar: RJD leader Tejashwi Yadav says, "There is no money to pay salaries to employees, nor to provide scholarships to students. The government treasury has run empty when it comes to paying pensioners and farmers, while the pockets of the corrupt and scamsters are full.… pic.twitter.com/2k9pjGbpb2
— IANS (@ians_india) June 28, 2026
बिहार की एनडीए सरकार पर हमला बोलते हुए तेजस्वी ने कहा कि बिहार सरकार का वकील रिशु श्री के खिलाफ कोर्ट ही नहीं गया. पूरे मामले को रफा-दफा किया जा रहा है. SVU ने चार हजार पन्नों की चार्जशीट में सिर्फ 7 अभियुक्तों को आरोपित किया है, बाकियों का नाम रफा दफा किया जा रहा है. सीएम कितने गंभीर हैं, सबको पता है. सभी बड़े घोटालों में दबाव बढ़ने पर दिखावे के लिए गिरफ्तारी करवाया जाता है. सृजन घोटाले में भी वही हुआ.
तेजस्वी यादव के सीएम सम्राट से सवाल
- मामूली सा ठेकेदार कई विभागों के टेंडरों को अपने मर्जी से कैसे मैनेज कर रहा था?
- ED की जांच में सामने आये खुलासे में रिशु श्री को कई वरिष्ठ अधिकारियों का साथ कैसे मिला कैसे संरक्षण मिला?
- चार्जशीट में बड़ी मछलियों को छोड़ दिया गया, क्या कोई राजनीतिक दबाव है?
- दो IAS अधिकारियों को निलंबित किया गया, लेकिन चार्जशीट में उनका नाम नहीं है, उनकी गिरफ्तारी क्यों नहीं?
- कितने का घोटाला हुआ, क्यों नहीं बताया गया?
- रिशु श्री पहले से तय करता था कि ठेका किसे मिलेगा? पूरा सिंडिकेट है, क्या इसका सिंडिकेट सीएमओ से ही था?
- सरकार क्या रिशु श्री या उसके द्वारा मिले कंपनियों को मिले टेंडर की जांच कराएगी?
- जिनके विभाग में ये घोटाला हुआ, उसके विभाग की मंत्रियों से नैतिकता से अब तक इस्तीफा क्यों नहीं दिया?
- सरकार को सारी जानकारी उपलब्ध थी, लेकिन ED के कहने के बावजूद भी महीनों तक FIR दर्ज क्यों नहीं की?
- डेली सबूतों को मिटाने और फाइल्स को दबाने की गई थी?
- गुजरात की कमियों को कोशी बराज का ठीक दिलाने में रिशु श्री ने मदद की??
- क्या सरकार का कुर्रा ऑडिट सिस्टम पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है?
- जब सबकुछ ई टेंडरिंग के जरिए होता है तो डिजिटल पोर्टल को कैसे मैनेज किया गया?
IAS संजीव समेत इन लोगों के खिलाफ चार्जशीट
बता दें कि SVU ने पिछले हफ्ते टेंडर घोटाले में ठेकेदार रिशु श्री और IAS संजीश हंस समेत सात लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. FIR में जिन लोगों के नाम शामिल थे, उनमें रिशु श्री, सीनियर IAS अधिकारी संजीव हंस, संतोष कुमार, पवन कुमार, मुमुक्षु चौधरी, तारिणी दास और उमेश सिंह शामिल हैं. बिहार सरकार ने पिछले महीने इस मामले में भ्रष्टाचार के आरोप में दो IAS अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया था. सस्पेंड किए गए IAS अधिकारियों में 2017 बैच के योगेश कुमार सागर और 2014 बैच की एक महिला IAS अधिकारी शामिल थीं.
ED ने शुरू में सरकारी टेंडर में भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद इस मामले की जांच की थी. जांच के दौरान कई इंजीनियरों और अधिकारियों के नाम सामने आए. ED से मिली जानकारी और सबूतों के आधार पर, SVU ने अलग-अलग FIR दर्ज करके जांच शुरू की. SVU ने तारिणी दास, मुमुक्षु चौधरी और उमेश कुमार सिंह के खिलाफ अलग-अलग FIR दर्ज की थीं.
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