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This Article is From Mar 17, 2025

आर जी कर केस: पीड़ित माता-पिता की मांग को सुप्रीम कोर्ट ने किया स्वीकार, जानिए मामला

RG Kar Case: पिछले साल अगस्त में आर जी कर अस्पताल के सेमिनार कक्ष में ट्रेनी डॉक्टर के मृत पाये जाने के बाद देशभर में अस्पतालों के कर्मचारियों और ट्रेनी डॉक्टरों ने प्रदर्शन किया था.

आर जी कर केस: पीड़ित माता-पिता की मांग को सुप्रीम कोर्ट ने किया स्वीकार, जानिए मामला

RG Kar Case: सुप्रीम कोर्ट ने आर जी कर चिकित्सा महाविद्यालय में महिला ट्रेनी डॉक्टर से बलात्कार एवं हत्या के मामले में पीड़ित माता-पिता को इस जघन्य घटना की अदालत की निगरानी में आगे की सीबीआई जांच कराने के लिये कलकत्ता हाई कोर्ट में कार्यवाही को जारी रखने की सोमवार को अनुमति दे दी. प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने मृत ट्रेनी डॉक्टर के माता-पिता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता करुणा नंदी की इन दलीलों पर गौर किया कि कुछ अन्य व्यक्तियों की कथित भूमिका का पता लगाने के लिए और जांच की आवश्यकता है.

पीठ ने क्या कहा

पीठ ने कहा, ‘‘इस बारे में कोई टिप्पणी किए बिना हम (माता-पिता के) आवेदन का निस्तारण करते हैं और हमारा कहना है कि आवेदकों को हाई कोर्ट में कार्यवाही को जारी रखने की स्वतंत्रता है.'' मृत ट्रेनी डॉक्टर के माता-पिता अदालत कक्ष में मौजूद थे. अदालत की निगरानी में इस घटना की आगे की सीबीआई जांच की मांग संबंधी मृत ट्रेनी डॉक्टर के माता-पिता की एक अलग याचिका पहले से ही कलकत्ता हाई कोर्ट में लंबित है. हाई कोर्ट ने हाल में उनसे इस मुद्दे पर शीर्ष अदालत से स्पष्टीकरण लेने को कहा था.

मृत ट्रेनी डॉक्टर के माता-पिता सीबीआई जांच से नाखुश हैं तथा उन्होंने इस मामले में और जांच के लिए शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया. पीठ ने कहा कि वह 13 मई से शुरू होने वाले सप्ताह में न्यायालय द्वारा नियुक्त राष्ट्रीय कार्यबल (एनटीएफ) के साथ मिलकर देश भर के अस्पतालों में लिंग आधारित हिंसा को रोकने और ट्रेनी डॉक्टरों एवं चिकित्सा कर्मियों के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल तैयार करने पर सिफारिशों और सुझावों से संबंधित पहलू पर विचार करेगी.

क्या था मामला

पिछले साल अगस्त में आर जी कर अस्पताल के सेमिनार कक्ष में ट्रेनी डॉक्टर के मृत पाये जाने के बाद देशभर में अस्पतालों के कर्मचारियों और ट्रेनी डॉक्टरों ने प्रदर्शन किया था. जांच के दौरान, कोलकाता पुलिस ने मामले के सामने आने के अगले ही दिन नागरिक स्वयंसेवक संजय रॉय को गिरफ्तार कर लिया. पिछले साल कोलकाता के आर जी कर चिकित्सा महाविद्यालय और अस्पताल में हुए इस जघन्य अपराध के बाद पश्चिम बंगाल में लंबे समय तक विरोध प्रदर्शन चला और देशभर में जनाक्रोश फूट पड़ा.

पिछले साल 22 अगस्त को पीठ ने देश भर में प्रदर्शन कर रहे ट्रेनी डॉक्टरों से भावुक अपील की थी और उनसे काम पर लौटने को कहा था. पीठ ट्रेनी डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या के मामले का स्वत: संज्ञान लेकर सुनवाई कर रही थी. बीस जनवरी को रॉय को मामले में मृत्यु होने तक आजीवन कारावास की सजा सुनायी गयी थी.

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