जम्मू--कश्मीर में 4जी मोबाइल सेवा की बहाली को लेकर अवमानना याचिका पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme court)ने सुनवाई की. कोर्ट ने मामले में केंद्र और जम्मू-कश्मीर (Jammu-kashmir) प्रशासन को एक हफ्ते में 4जी मोबाइ ल सेवा (4G internet) की समीक्षा करने के लिए स्पेशल कमेटी के गठन संबंधी पूरी जानकारी का जवाबी हलफनामा दाखिल करने को कहा है. केंद्र, जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने SC को बताया है कि कोर्ट के आदेशों के तहत इंटरनेट बैन की समीक्षा के लिए स्पेशल कमेटी का गठन किया गया है, कमेटी ने 4 G संबंधी फैसले भी लिए हैं. AG केके वेणुगोपाल ने कहा कि ये अवमानना का मामला नहीं है क्योंकि कमेटी का गठन किया गया है. इस पर कोर्ट ने कहा कि कुछ भी सार्वजनिक जानकारी में नहीं है.
अदालत ने पूछा कि क्या कमेटी के बारे में पब्लिक डोमेन में जानकारी दी गई है. अदालत ने पूछा कि जब मई के आदेश तहत कमेटी का गठन किया गयाहै तो इसे पब्लिक डोमेन में क्यों नहीं डाला गया. केंद्र ने कहा कि वह जल्द ही सारी जानकारी का हलफनामा दाखिल करेगा.कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ताकी ओर से कहा गया कि शिकायत यह है कि वे सेवाओं के निलंबन के खिलाफ दायर किए गए अभ्यावेदन का जवाब नहीं दे रहे हैं. आदेश प्रकाशित नहींकिए जा रहे हैं, तो कोई इसे अदालत के समक्ष कैसे चुनौती दे सकता है.सुप्रीम कोर्ट में फाउंडेशन ऑफ मीडिया प्रोफेशनल ने अदालत की अवमानना की याचिका दाखिल की है. 9 जून को दाखिल याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के 29 दिन बीत जाने पर भी प्रदेश की स्थिति के आंकलन के लिए हाई पावर स्पेशल कमेटी का गठन नहीं किया गया.ये सब जानबूझकर किया गया जो अदालत की अवमानना है. दरअसल मामले में सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी जिसमें जम्मू-कश्मीर में 4G इंटरनेट सेवा बहाल करने की माँग की गई थी.
-
रुपये की गिरती कीमत पर RBI गवर्नर का बड़ा बयान, कोई फिक्स लेवल नहीं, जानिए क्या है रिजर्व बैंक का एक्शन प्लान -
टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग अनिवार्य? RBI गवर्नर ने NDTV समिट में बताया ये क्यों है जरूरी -
मैं कर्म में विश्वास करता हूं... NDTV वर्ल्ड समिट में तुषार ने बताया किन वजहों से जीता यूके में मेयर का चुनाव -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
बिकिनी सीन करने में कृति सेनन को क्यों लगे 12 साल? बोलीं- 6-7 साल पहले ऐसा नहीं कर पातीं -
AI एक्ट्रेस टिली नॉरवुड को पसंद है ये बॉलीवुड फिल्म, कृति सेनन के सामने सुनाया फेमस डायलॉग -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके? -
NDTV World Summit 2026: हॉकी चैंपियन नेहा गोयल का बड़ा खुलासा! दर्द में भी जीत का जश्न
याचिका में कहा गया था कि जम्मू कश्मीर में व्यवसाय, शिक्षा, मेडिकल आदिकार्यों और कोरोना की जानकारी के लिए 4 जी सेवा की ज़रूरत है. इसके जवाब में जम्मू कश्मीर प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में हलफ़नामें में जवाब दाखिल कर याचिका ख़ारिज करने की बात कही थी, तर्क दिया था कि 4G का इस्तेमाल आतंकी करेगें, इसलिए यह नहीं लागू किया जा सकता है. प्रशासन की ओर से कहा गया था किसभी ज़रूरी सेवाएँ 2G के सहारे चल रहीं हैं. उसकी ओर से कहा गया कि राज्य में आंतरिक सुरक्षा को खतरा बना हुआ है, मोबाइल इंटरनेट 2G रखने से भड़काऊ सामग्री के प्रसार पर अंकुश, फिक्स लाइन इंटरनेट बिना स्पीड लिमिट उपलब्ध है, छात्रों के लिए शिक्षा सामग्री उपलब्ध जो 2G इंटरनेट से हासिल करना संभव है. साथ ही कहा कि इंटरनेट सुविधा पाना मौलिक अधिकार पाने के हक़ का उल्लंघन नहीं है.इस के बाद सुप्रीम कोर्ट ने देश की सुरक्षा और जनता की ज़रूरतों के बीच संतुलन की बात कहते हुए राज्य में खुद तो 4 जी सेवा बहाल करने का आदेश नहीं दिया था लेकिन राज्य में अलग अलग ज़िलों में वहां की स्थिति का आँकलन कर इंटरनेट सेवा पर अंतिम निर्णय लेने के लिए सरकार को तुरंत एक हाई पॉवर स्पेशल कमेटी का गठन करने का आदेश दिया था.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं