आगामी गणतंत्र दिवस परेड में झांकियों के प्रदर्शन का विषय 'स्वर्णिम भारत: विरासत और विकास' है तथा 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर झांकियां प्रस्तुत करने के लिए 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का चयन किया गया है. यह जानकारी रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को दी. रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ये राज्य और केंद्रशासित प्रदेश हैं - आंध्र प्रदेश, बिहार, चंडीगढ़, दादर नागर हवेली और दमन और दीव, गोवा, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, पंजाब, त्रिपुरा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल.
मंत्रालय ने एक बयान में कहा, इसके अलावा, 2025 के गणतंत्र दिवस समारोह के लिए केंद्र सरकार के 11 मंत्रालयों और विभागों का भी चयन किया गया. इसके अलावा इस बार परेड में बहुत कुछ खास होने वाला है.
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90 मिनट में पूरी होगी परेड
दिल्ली के कर्त्तव्य पथ पर 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के दिन परेड होगी. इस परेड की खासियत होगी कि इसे 90 मिनट में ही पूरी की जाएगी. 2024 में ये थोड़ा ज्यादा लंबा हो गया था. पिछले बार परेड में देरी होने की वजह थी फ्रांस का मार्चिंग दस्ता था. फ्रांस के मार्चिंग दस्ते की स्पीड एक मिनट में 80-85 कदम थी जबकि भारतीय दस्ते की स्पीड एक मिनट में करीब 108 कदम की थी.
इस बार परेड में इंडोनेशिया के दस्ता के आने की उम्मीद है. हलांकि इसका अभी अधिकारिक ऐलान नही हुआ है. इस बार परेड का थीम है स्वर्णिम भारत विकास और विरासत है. परेड में इस बार 14 मार्चिंग दस्ते होंगे जबकि पिछले साल 16 मार्चिंग दस्ते थे.
ये दस्ते होंगे शामिल
इनमें से 8 दस्ते सर्विसेज यानि की थल सेना, नौसेना और वायुसेना के होंगे. वहीं 5 दस्ते गृह मंत्रालय के तहत आने वाले अर्धसैनिक बलों के होंगे. बीएसएफ का केवल एक दस्ता होंगा, जिसमें हर बार की तरह सजे धजे ऊंट दिखाई देंगे. वहीं झाकियों की बात करे तो उनकी संख्या इस बार 25 होगी. अलग-अलग राज्यों के अलावा डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स यानि कि डीएमए , डीआरडीओ, असम राइफल्स और कोस्टगार्ड की झांकी भी होगी.
परेड की सबसे बड़ी खासियत होगी पहली बार 5000 कलाकार एक साथ कर्त्तव्य पथ पर देश की विकास, विरासत और संस्कृति की प्रस्तुति करेंगे. पिछले बार 3000 आर्टिस्ट ने कर्त्तव्य पथ पर परफॉर्मेस दी थी. वहीं परेड के आर्कषण का केन्द्र रहेगी सेना के सिगनल कोर के जवानों का मोटरसाइकिल पर करतब. इसे देखकर दर्शकों का उत्साह और जोश देखते ही बनता है.
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