दिल्ली सरकार ने सोमवार को इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) को लेकर नई पॉलिसी को मंजूरी दे दी है. दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि EV पॉलिसी को उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. उन्होंने बताया कि इसे 1 जुलाई से ही लागू करने की तैयारी है.
सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि नई EV पॉलिसी 31 मार्च 2030 तक लागू रहेगी. उन्होंने बताया कि इस पॉलिसी के तहत EV को बढ़ावा देने के लिए सरकार 15 हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी.
नई EV पॉलिसी के तहत दिल्ली सरकार ने टू-व्हीलर से लेकर फोर-व्हीलर तक पर सब्सिडी और इंसेंटिव देने का ऐलान क्या है? क्या है नई पॉलिसी और इससे आपको क्या फायदा होगा? समझते हैं.
क्या है नई पॉलिसी?
राजधानी में इलेक्ट्रिक व्हीकल को बढ़ावा देने के मकसद से इस पॉलिसी को लाया गया है. इसके तहत इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदने वालों को सरकार की ओर से सब्सिडी और इंसेंटिव मिलेंगे. कैबिनेट ने EV पॉलिसी को मंजूरी दे दी है और इसे उपराज्यपाल के पास भेजा गया है. मंजूरी मिलने के बाद यह पॉलिसी 1 जुलाई 2026 से 31 मार्च 2030 तक लागू रहेगी.
सरकार क्या करेगी?
EV पॉलिसी के तहत सरकार 15 हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी. इसमें से 7 हजार करोड़ 4 साल में खर्च किए जाएंगे. जबकि, बाकी के 8 हजार करोड़ रुपये EV इंफ्रास्ट्रक्चर और टैक्स कंसेशन पर खर्च होंगे.
कितनी सब्सिडी मिलेगी?
इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदने वालों को पहले साल में 30 हजार, दूसरे साल में 20 हजार और तीसरे साल में 10 हजार रुपये की सब्सिडी मिलेगी. वहीं, थ्री-व्हीलर के लिए पहले साल में 50 हजार, दूसरे में 30 हजार और तीसरे साल में 20 हजार रुपये का इंसेटिव मिलेगा. इलेक्ट्रिक ट्रक खरीदने वालों को पहले साल में 1 लाख रुपये का इंसेंटिव दिया जाएगा.
कार खरीदने वालों को क्या?
दिल्ली सरकार के मुताबिक, 30 लाख रुपये से कम कीमत वाली पूरी तरह से इलेक्ट्रिक फोर-व्हीलर खरीदने वालों को 1 लाख रुपये का इंसेंटिव दिया जाएगा.
इसी तरह BS-IV या इससे कम वाले इंजन वाली फोर-व्हीलर को स्क्रैप में देकर नई इलेक्ट्रिक कार खरीदने पर भी 1 लाख रुपये की सब्सिडी मिलेगी. हाइब्रिड व्हीकल खरीदने पर कोई सब्सिडी नहीं मिलेगी.
अगर इलेक्ट्रिक न खरीदनी हो तो?
सरकार सिर्फ इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदने पर ही सब्सिडी दे रही है. पेट्रोल या डीजल पर चलने वाली गाड़ियों को कोई छूट नहीं मिलेगी.
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि नई पॉलिसी में ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर खास जोर दिया गया है और यह पारंपरिक ईंधन से चलने वाली गाड़ियों से इलेक्ट्रिक गाड़ियों में धीरे-धीरे बदलाव को रोडमैप तैयार करती है.
नई EV पॉलिसी के तहत, दिल्ली में 1 जनवरी 2027 के बाद से सिर्फ ई-रिक्शा का ही रजिस्ट्रेशन होगा. जबकि, 1 अप्रैल 2028 के बाद पेट्रोल और सीएनजी पर चलने वालीं टू-व्हीलर गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन नहीं किया जाएगा.
लेकिन इसके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर है क्या?
दिल्ली सरकार के मुताबिक, अभी राजधानी 1,919 चार्जिंग स्टेशन और 2,452 चार्जिंग पॉइंट है. नई पॉलिसी के तहत सरकार ने 32 हजार चार्जिंग पॉइंट लगाने का लक्ष्य रखा है और इसके लिए जमीन भी तय कर ली है. अगले 4 साल में इंफ्रास्ट्रक्चर और सब्सिडी पर 8 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे.
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