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This Article is From Jul 11, 2017

अमरनाथ की बस के ड्राइवर ने कहा, सात को बचा नहीं पाया, लेकिन 50 को सुरक्षित ले जाने में कामयाब रहा

जम्मू कश्मीर के अनंतनाग में आतंकी हमले के बाद जब सलीम के चचेरे भाई जावेद मिर्जा ने बात की तब उन्होंने बताया कि जब आतंकियों ने गोली चलाना शुरू कर दिया तब उन्होंने बस रोकी नहीं और तब तक आगे बस चलाते ले गए जब तक सभी तीर्थयात्री सुरक्षित न हो जाएं

अमरनाथ की बस के ड्राइवर ने कहा, सात को बचा नहीं पाया, लेकिन 50 को सुरक्षित ले जाने में कामयाब रहा
आतंकी हमले में यात्रियों को बचाकर ले जाने वाले शेख सलीम गफूर भाई.
  • जम्मू कश्मीर के अनंतनाग में आतंकी हमला
  • बस को भगाकर आगे ले जाने के लिए ड्राइवर की तारीफ हो रही है
  • इस हमले में सात तीर्थयात्रियों की मौत हो गई
नई दिल्ली: अमरनाथ यात्रा पर निकली बस पर जब आतंकियों ने हमला बोला और अंधाधुंध  फायरिंग करने लगे तब बस के ड्राइवर ने संयम का शानदार प्रदर्शन किया और डरे बिना बस को आगे भगाते ले गए. बस के ड्राइवर का नाम शेख सलीम गफूर भाई है. गोलियों के बीच बस को भगाकर आगे ले जाने के लिए उनकी काफी तारीफ हो रही है.

जम्मू कश्मीर के अनंतनाग में आतंकी हमले के बाद जब सलीम के चचेरे भाई जावेद मिर्जा ने बात की तब उन्होंने बताया कि जब आतंकियों ने गोली चलाना शुरू कर दिया तब उन्होंने बस रोकी नहीं और तब तक आगे बस चलाते ले गए जब तक सभी तीर्थयात्री सुरक्षित न हो जाएं. इस हमले में सात तीर्थयात्रियों की मौत हो गई और 20 अन्य घायल हो गए. 

इस हमले में जिन लोगों की जान बच गई उनका कहना है कि अगर सलीम बस को रोक देते तो कई और को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा. 

अनंतनाग के अस्पताल में एक घायल ने कहा कि तीन ओर से लगातार फायरिंग हो रही थी. हमारा ड्राइवर बस को आगे कुछ किलोमीटर तक ले गया. उसने हमारी जान बचाई.

पुलिस ने एनडीटीवी को बताया कि हमलावर लश्कर ए तैयब के आतंकी थी. उन्होंने बताया कि आतंकियों ने पहले एक पुलिस की कार पर हमला किया था और फिर एक सिक्यूरिटी चैक पोस्ट पर गोलियां दागी थीं. इसके बाद उन आतंकियों ने बस को निशाना बनाया था. पुलिस का कहना है कि पांच बजे के बाद बस को सड़क पर नहीं चलना चाहिए था. अब कहा जा रहा है कि टायर पंचर हो जाने के कारण बस अपने समय से दो घंटे देरी से चल रही है. 

भाग्य मनी जिन्होंने इस आतंकी हमले में अपनी भाभी को खो दिया तब उन्होंने कहा कि ड्राइवर बस को एक किलोमीटर दूर तक ले गया. उस समय घोर अंधेरा था और हम कुछ देख नहीं पा रहे थे. रात करीब 9.30 बजे आतंकी हमले के बाद सलीम ने अपने चचेरे भाई को फोन पर सारी घटना की जानकारी दी. जावेद ने बताया कि सलीम ने कहा - उसे अफसोस है कि वह सात लोगों को नहीं बचा पाया, लेकिन गर्व है कि वह 50 लोगों को सुरक्षित ले जा सका.
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Amarnath Yatra, Terrorist Attack, Sheik Salim Gafur Bhai
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