- विजयपत सिंघानिया का निधन शनिवार शाम मुंबई में हुआ और उनका अंतिम संस्कार रविवार को सम्पन्न हुआ.
- वे रेमंड समूह के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक थे, जिन्होंने कंपनी को आर्थिक उदारीकरण से पहले मजबूत किया.
- महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सिंघानिया के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी.
भारत के मशहूर उद्योगपति और रेमंड के संस्थापक विजयपत सिंघानिया का पार्थिव शरीर आज पंचतत्व में विलीन हो गया. उनके अंतिम संस्कार की कुछ तस्वीरें भी सामने आई है, जिसमें उनके बेटे और रेमंड के सीईओ गौतम सिंघानिया के साथ-साथ परिवार के अन्य लोग नजर आ रहे हैं. मालूम हो कि विजयपत सिंघानिया कॉर्पोरेट जगत की प्रतिष्ठित शख्सियतों की दुनिया में एक विशिष्ट स्थान रखते थे. 1991 के आर्थिक उदारीकरण से एक दशक पहले 1980 से रेमंड समूह के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक के रूप में उनके नेतृत्व ने इस बात को सुनिश्चित किया कि यह वस्त्र ब्रांड, कई अन्य पारंपरिक ब्रांड के विपरीत प्रतिस्पर्धात्मक दबावों का सामना कर सके.
रविवार को मुंबई में विजयपत सिंघानिया का हुआ अंतिम संस्कार
87 वर्षीय विजयपत सिंघानिया का शनिवार शाम मुंबई में निधन हो गया. उनके बेटे गौतम सिंघानिय ने उनके निधन की पुष्टि की थी. जिसके बाद से कारोबार जगत में शोक की लहर दौड़ पड़ी. कई बड़े कारोबारी और नेताओं ने विजयपत सिंघानिया के निधन पर शोक व्यक्त किया. रविवार को मुंबई में उनका अंतिम संस्कार हुआ.
डिप्टी सीएम शिंदे बोले- सिंघानिया का निधन हमारे लिए दुर्भाग्यपूण घटना
रेमंड ग्रुप के पूर्व चेयरमैन विजयपत सिंघानिया के निधन पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा, "भारतीय उद्योग जगत के बहुत ही वरिष्ठ नाम, विजयपत सिंघानिया का निधन, हमारे लिए बहुत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है... ठाणे से भी उनका बहुत ही करीबी रिश्ता रहा है. उन्होंने संवेदनशील तरीके से लोगों की सेवा की है. कई रिकॉर्ड उनके नाम पर दर्ज हैं. ऐसे महान व्यक्ति का आज देहांत हुआ है. मैं आज उन्हें महाराष्ट्र सरकार की ओर से और व्यक्तिगत तौर पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं."
आसमान में कई रोमांचक उड़ान भर चुके थे सिंघानिया
नवंबर 2005 में 67 वर्ष की आयु में सिंघानिया ने ‘हॉट एयर बैलून' के जरिए लगभग 69,000 फुट की ऊंचाई तक पहुंचकर विश्व रिकॉर्ड बनाया. इससे पहले, 1988 में उन्होंने माइक्रोलाइट विमान से लंदन से नयी दिल्ली तक अकेले 23 दिनों में उड़ान भरकर ‘स्पीड-ओवर-टाइम एंड्यूरेंस' का रिकॉर्ड स्थापित किया था.
मार्च 2007 में डॉ. सिंघानिया को भारतीय प्रबंधन संस्थान, अहमदाबाद की शासकीय परिषद का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। यह पद उन्होंने 2012 तक संभाला. सिंघानिया ने वर्ष 2000 में अपने बेटे गौतम सिंघानिया को रेमंड समूह की कमान सौंप दी थी, लेकिन वह सार्वजनिक जीवन में सक्रिय बने रहे। हालांकि, हाल के वर्षों में वह सार्वजनिक कार्यक्रमों में कम ही दिखायी दिए.
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