रामभद्राचार्य ने आशुतोष ब्रह्मचारी को लेकर दिया बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि जिस व्यक्ति के खिलाफ दर्जनों आपराधिक मुकदमे दर्ज हो वो क्या बताएगा कौन किसकी हत्या कराना चाहता है. हम संत परंपरा को मानने वाले लोग हैं, संत परंपरा के अंदर किसी प्रकार का कोई अवगुण नहीं होना चाहिए. रामचन्द्र दास के कहने पर अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ FIR दर्ज कराने की अफवाहें हैं फर्जी हैं.
आशुतोष ब्रह्मचारी पर साधा निशाना
रामभद्राचार्य ने कहा कि अविमुक्तेश्वरानंद मेरे मित्र शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद महाराज के शिष्य हैं. उनके लिए हम कभी इस तरह का सोच भी नहीं सकते. रामभद्राचार्य ने कहा कि लोगों से अपील है कि आशुतोष ब्रह्मचारी जैसे लोगों की बातें न सुनें. वो फर्जी अफवाह फैला रहा है. यह मेरे उत्तराधिकारी रामचन्द्र दास और तुलसी पीठ को बदनाम करने की साजिश है.
उन्होंने आगे कहा कि मेरी हत्या को लेकर जो अफवाह फैलाई जा रही हैं, ये बिल्कुल गलत है. आशुतोष ब्रह्मचारी जैसे झूठे लोगों के अफवाह में न पड़ें. उन्होंने प्रशासन से इस मामले में जांच करने की अपील की.
आशुतोष ब्रह्मचारी ने लगाया रामचंद्र दास पर आरोप
बता दें कि आशुतोष ब्रह्मचारी ने ही शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया था. हाल ही में आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा है कि उन्होंने सरस्वती के खिलाफ शिकायत मथुरा में स्थित देवा आश्रम के महंत रामचंद्र दास के दबाव में दर्ज कराई थी. ब्रह्मचारी ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर डाले गए एक वीडियो में कहा कि दास ने उन्हें गलत रास्ता दिखाया और दबाव डालकर शंकराचार्य के खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज करवाई. उन्होंने यह भी कहा कि कई अधिकारी भी साजिश में शामिल थे.
ब्रह्मचारी ने वीडियो में कहा, “उन्होंने (दास ने) मेरा जीवन बर्बाद कर दिया, मुझे परेशान किया गया और दबाव डाला गया. उन्होंने मुझे ऐसा करने के लिए क्यों इस्तेमाल किया?” उन्होंने जल्द ही इस मामले में सबूत पेश करने की बात कही. ब्रह्मचारी ने कहा, “मेरे पास व्हाट्सएप पर हुई बातचीत के रिकॉर्ड हैं, जिसमें उन्होंने (दास) मुझे बताया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ मामला कैसे दर्ज कराना है.”
रामचंद्र दास रामभद्राचार्य के उत्तराधिकारी और लंबे समय से करीबी सहयोगी हैं. ब्रह्मचारी भी पहले रामभद्राचार्य के सहयोगी रह चुके हैं. ब्रह्मचारी ने दास को ढोंगी और धोखेबाज बताते हुए कहा कि उन्होंने मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी है कि दास ने फर्जी वसीयत बनवाकर देवा आश्रम पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया है. ब्रह्मचारी ने आरोप लगाया कि दास ने उनके गुरु रामभद्राचार्य की हत्या की साजिश रची और यदि उनके गुरु की हत्या होती है, तो उसके लिए दास जिम्मेदार होंगे.
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