विज्ञापन

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: सोमवार को SC में रिपोर्ट सौंपेगी SIT, अंतिम रिपोर्ट तैयार करने के लिए मांगा समय

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सोमवार को एसआईटी की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपी जाएगी. अंतिम रिपोर्ट तैयार करने के लिए एसआईटी ने राज्य सरकार से समय मांगा है.

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: सोमवार को SC में रिपोर्ट सौंपेगी SIT, अंतिम रिपोर्ट तैयार करने के लिए मांगा समय
यूपी के डिप्टी सीएम ने रिपोर्ट आने के बाद सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है. (File Photo: NDTV)
अयोध्या:

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में नया अपडेट सामने आया है. एसआईटी जांच की रिपोर्ट सीधे सुप्रीम कोर्ट को सौंपी जाएगी. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, एसआईटी ने अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार करने के लिए राज्य सरकार से वक्त मांगा है. सोमवार को एसआईटी की अंतरिम रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में सौंपी जाएगी. एसआईटी श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में मिले दान को लेकर वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रही है. उम्मीद है कि SIT की रिपोर्ट से मंदिर के मैनेजमेंट और दान की गिनती के सिस्टम में बड़े बदलावों का रास्ता साफ होगा. हालांकि, नियमों में बदलाव के लिए मुख्य रूप से अनिल मिश्रा को जिम्मेदार माना गया है. सूत्रों ने बताया कि इनमें बैंक के साथ तय किए गए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) में बदलाव और नियमों में ढील देना शामिल है. 

रिपोर्ट सौंपे जाने के साथ-साथ इस मामले में पुलिस की जांच भी जारी रहेगी. भर्ती प्रक्रिया के दौरान नियमों की अनदेखी को भी चोरी की एक बड़ी वजह बताया गया है.

SIT सूत्रों ने बताया कि भर्तियां ट्रस्ट के अधिकारियों की सिफारिशों के आधार पर की गई थीं. इसके अलावा, चढ़ावे की गिनती आउटसोर्स किए गए हाउसकीपिंग स्टाफ से करवाई जाती थी. सूत्रों के मुताबिक, इन सभी वजहों से सिस्टम ढीला पड़ गया और निगरानी कमजोर हो गई, जिसका फायदा उठाकर चोरों ने वारदात को अंजाम दिया.

एसआईटी को मिला 30 दिन का समय

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की गुजारिश पर यूपी सरकार ने 13 जून को तीन सदस्यों वाली SIT बनाई थी. इसे जांच पूरी करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया था. इसके बाद, 1 जुलाई को इसे 15 दिन का और समय दिया गया.

उम्मीद है कि मंदिर ट्रस्ट अंतिम रिपोर्ट की सिफारिशों पर विस्तार से चर्चा करेगा. ये सिफारिशें राम मंदिर के मैनेजमेंट और दान की गिनती व रखरखाव के सिस्टम में बड़े सुधारों का आधार बन सकती हैं. ट्रस्ट की बैठक 22 जुलाई को अयोध्या में होनी है.

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि राज्य सरकार SIT की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है और दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

ये भी पढ़ें: अयोध्या में संतों के साथ RSS-VHP की हाई प्रोफाइल बैठक, राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर डैमेज कंट्रोल की कोशिश!

शुरुआती रिपोर्ट के बाद हुआ एक्शन

एसआईटी ने 23 जून को सरकार को नौ पन्नों की एक शुरुआती रिपोर्ट सौंपी थी, जिसके बाद इस मामले में कई कदम उठाए गए. इनमें FIR दर्ज करना, मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी और मंदिर ट्रस्ट के अधिकारियों का इस्तीफा शामिल है.

चंपत राय ने एक पत्र में कहा है कि एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही वे इस मामले पर कुछ बोलेंगे. उसी पत्र में उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि एसआईटी की गोपनीय शुरुआती रिपोर्ट कैसे पब्लिक हो गई.

बता दें कि 13 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी को अपनी जांच की स्टेटस रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया. इसके साथ ही, कोर्ट ने राम मंदिर ट्रस्ट को नोटिस जारी कर उन याचिकाओं पर जवाब मांगा, जिनमें कथित तौर पर चंदे में हेराफेरी की निष्पक्ष और समय-सीमा के अंदर जांच की मांग की गई थी.

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Ram Mandir, Supreme Court, SIT
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com