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राम मंदिर चढ़ावा चोरी की SIT रिपोर्ट सरकार को सौंपी, FIR और ट्रस्ट को दोबारा गठित करने की सिफारिश

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT ने सरकार को 20 पन्नों की रिपोर्ट सौंप दी है. रिपोर्ट में 20 से अधिक लोगों पर FIR दर्ज करने और ट्रस्ट का पुनर्गठन करने की सिफारिश की गई है.

राम मंदिर चंदा चोरी मामले में SIT ने सौंपी रिपोर्ट
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  • राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT ने प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार को सौंपी और FIR दर्ज करने की सिफारिश की
  • जांच में दान राशि की गणना, निगरानी व्यवस्था और कर्मचारियों के चयन पर गंभीर सवाल उठाए गए
  • आरोपियों की निशानदेही पर दो करोड़ रुपये की रिकवरी हुई है और चोरी 200 करोड़ से अधिक बताई जा रही है

अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में SIT की शुरुआती जांच रिपोर्ट आ गई है. लखनऊ मंडल के आयुक्त और SIT अध्यक्ष विजय विश्वास पंत ने दोनों सदस्यों के साथ गृह सचिव संजय प्रसाद को यह प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी है. सूत्रों के अनुसार टीम ने इस मामले में FIR दर्ज करने को कहा है और ट्रस्ट का पुनर्गठन करने की सिफारिश की है. साथ ही यह भी सुझाव दिया गया है कि किसी वरिष्ठ अधिकारी को मंदिर का सीईओ (CEO) नियुक्त किया जाए. सरकार की तरफ से साफ किया गया है कि जांच की कार्रवाई अभी जारी हैं. यानी यह अंतिम रिपोर्ट नहीं है और मामले की जांच अभी आगे भी जारी रहेगी.

रिपोर्ट में कई खुलासे

राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर SIT की शुरुआती जांच रिपोर्ट में कई खुलासे हुए हैं. सूत्रों के मुताबिक अब तक किसी को क्लीन चिट नहीं मिली है. रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद अब आगे की कार्रवाई तय होगी. दान राशि की गणना में गंभीर सवाल उठाए गए हैं. सूत्रों का दावा है कि निगरानी व्यवस्था पर भी रिपोर्ट में सवाल उठाए गए हैं. कुछ कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज करने की सिफारिश की गई है. ये कर्मचारी कौन है फिलहाल इनका नाम सामने नहीं आ पाया है. रिपोर्ट में गणना कर्मियों के चयन पर सवाल उठाए गए हैं. चढ़ावे की गिनती में लोगों को कैसे भर्ती किया गया, इस पर सवाल है.

साथ ही इनके ट्रस्ट पदाधिकारियों से संबंधों की भी जांच की गई है. 20 पन्नों की ये शुरुआती रिपोर्ट 150 लोगों से पूछताछ पर आधारित है. राम मंदिर चोरी मामले में 5 आरोपियों की निशानदेही पर 2 करोड़ की रिकवरी हुई है.  आरोपियों में लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रामशंकर उर्फ टिन्नू शामिल हैं. चंपत राय के करीबी टिन्नू के घर से सोना मिला था.

अनुमान के मुताबिक चोरी 200 करोड़ रुपए से ज्यादा की हो सकती है. SIT ने पिछले 5 साल के चढ़ावे का ऑडिट कराने की भी सिफारिश की है. चढ़ावे में अनियमितता रोकने के लिए सुझाव दिए हैं. 

SIT ने और समय मांगा

प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंपे जाने के बाद इस संवेदनशील मामले में आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी. साथ ही मंदिर की आंतरिक व्यवस्था के लिए जिम्मेदार पदाधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल हैं. एसआईटी ने मामले की विस्तृत जांच के लिए अतिरिक्त समय और सहयोगी अधिकारियों की मांग की है. डिटेल जांच के लिए SIT ने और समय मांगा है.

4 जून को हुआ था SIT का गठन, 6 दिनों तक जांच की थी

SIT टीम में लखनऊ कमिश्नर विजय विश्वास पंत (IAS), IG लखनऊ रेंज किरण शिवकुमार और यूपी फाइनेंस एंड अकाउंट्स सर्विस के विशेष सचिव (वित्त) नीलरतन कुमार शामिल हैं. टीम ने राम मंदिर की 6 दिनों तक जांच की थी. राम मंदिर ट्रस्ट की सिफारिश पर सीएम योगी ने 14 जून को SIT का गठन किया था.

राम मंदिर के चढ़ावा चोरी में FIR की मांग, श्रीराम सेना ने थाने में सौंपा ज्ञापन

राम मंदिर के चढ़ावा चोरी के मामले में श्रीराम सेना ने राम जन्मभूमि थाना पहुंचकर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की. संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश सिंह ने प्रभारी निरीक्षक को ज्ञापन सौंपते हुए सेवादार अनिल मिश्रा समेत अन्य संदिग्धों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और नारको टेस्ट कराए जाने की मांग की.

दिनेश सिंह ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई से ही करोड़ों राम भक्तों की आस्था मंदिर के प्रति बनी रह सकेगी. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल इस मुद्दे को लेकर राम मंदिर की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं.

सिंधी समाज ने उठाए सवाल: पूछा -200 किलो चांदी की ईंटें कहां हैं?

विश्व सिंधी सेवा संगम संगठन के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजू मनवानी का दावा है कि 26 जनवरी 2021 को दुनियाभर के सिंधी समाज की ओर से करीब 1.5 करोड़ रुपए मूल्य की 200 किलो चांदी, 1-1 किलो की 200 ईंटों के रूप में अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को सौंपी गई थी.

डॉ. मनवानी का आरोप है कि दान की गई चांदी की ईंटों की न तो कोई रसीद दी गई और न ही बाद में यह जानकारी दी गई कि उनका उपयोग कहां किया गया. उनका कहना है कि हाल के दान विवादों के बाद सिंधी समाज के दानदाताओं के बीच भी यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है कि उनकी ओर से दी गई चांदी का क्या हुआ.

सिंधी समाज ने मांग की है कि दान की गई 200 किलो चांदी का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए. वहीं, संगठन ने कहा है कि उसे जांच प्रक्रिया पर भरोसा है और वह जांच रिपोर्ट का इंतजार करेगा.

राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जांच रहेगी जारी

राम मंदिर दान चोरी प्रकरण में SIT ने पिछले दिनों कई स्तरों पर जांच, पूछताछ और दस्तावेजों की पड़ताल की थी. अब प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंपे जाने के बाद इस संवेदनशील मामले में आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी. बता दें कि सरकार ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले के लिए 3 सदस्यीय विशेष जांच दल एसआईटी का गठन किया था. जिसे 15 दिन में जांच रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया था. इस मामले में एसआईटी ने जांच के दौरान लगातार राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े लोगों से पूछताछ की थी.

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