अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में SIT की शुरुआती जांच रिपोर्ट आ गई है. लखनऊ मंडल के आयुक्त और SIT अध्यक्ष विजय विश्वास पंत ने दोनों सदस्यों के साथ अपर मुख्य सचिव गृह को यह प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी है.सूत्रों के अनुसार, टीम ने इस मामले में एफआईआर (FIR) दर्ज करने को कहा है और ट्रस्ट का पुनर्गठन करने की सिफारिश की है. साथ ही यह भी सुझाव दिया गया है कि किसी वरिष्ठ अधिकारी को मंदिर का सीईओ (CEO) नियुक्त किया जाए. सरकार की तरफ से साफ किया गया है कि जांच की कार्रवाई अभी जारी हैं. यानि यह अंतिम रिपोर्ट नहीं है और मामले की जांच अभी आगे भी जारी रहेगी. यह शुरुआती जांच रिपोर्ट हैं, जिसमें कुछ अहम जानकारियां हो सकती है. क्योंकि एसआईटी की टीम लगातार इस मामले में जांच में जुटी थी. मंदिर में चढ़ावे के पैसे गिनने वाले लोगों से भी गहन पूछताछ हुई है.
राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जांच रहेगी जारी
राम मंदिर दान चोरी प्रकरण में SIT ने पिछले दिनों कई स्तरों पर जांच, पूछताछ और दस्तावेजों की पड़ताल की थी. अब प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंपे जाने के बाद इस संवेदनशील मामले में आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी. बता दें कि सरकार ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले के लिए 3 सदस्यीय विशेष जांच दल एसआईटी का गठन किया था. जिसे 15 दिन में जांच रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया था. इस मामले में एसआईटी ने जांच के दौरान लगातार राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े लोगों से पूछताछ की थी.
#WATCH | उत्तर प्रदेश: राम मंदिर चढ़ावे में कथित गबन की जांच कर रही 3 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी रिपोर्ट उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को सौंप दी है। pic.twitter.com/R4EaMyBvsy
— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 23, 2026
सूत्रों के मुताबिक एसआईटी टीम ने इस मामले में राज्य सरकार को एफआईआर दर्ज करने को कहा है. जबकि ट्रस्ट का पुनर्गठन करने की सिफारिश भी की गई है. इसके अलावा यह भी सुझाव दिया गया है कि किसी वरिष्ठ अधिकारी को मंदिर का सीईओ (CEO) नियुक्त किया जाए और उसी की देखरेख में यह काम किया जाए.
SIT रिपोर्ट पर सूत्रों से मिली जानकारी
राम मंदिर दान प्रकरण मामले में SIT रिपोर्ट को लेकर सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक दान राशि की गणना और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं. सूत्रों के मुताबिक अभी तक मामले में किसी को क्लीन चिट नहीं मिली है, फिलहाल शुरुआती जांच रिपोर्ट सौंपी गई है. अब आगे की कार्रवाई तय होगी.रिपोर्ट में गणना कर्मियों के चयन और ट्रस्ट पदाधिकारियों से उनके संबंधों की भी जांच की गई है. सूत्रों के अनुसार कुछ कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने की बात भी कही गई है. इसके अलावा मंदिर की आंतरिक व्यवस्था के लिए जिम्मेदार पदाधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल हैं. एसआईटी ने मामले की विस्तृत जांच के लिए अतिरिक्त समय और सहयोगी अधिकारियों की मांग की है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं