- राम मंदिर चंदा चोरी मामले में विपक्षी पार्टियां योगी सरकार को सख्त सवालों के घेरे में ले रही हैं
- ओवैसी ने योगी सरकार पर आरोप लगाया कि यदि कोई मुसलमान होता तो उसे पहले ही एनकाउंटर कर दिया जाता
- आचार्य प्रमोद कृष्णम ने विपक्षी नेताओं के बयानों को भगवान राम के प्रति श्रद्धा और आस्था से दूर बताया
राम मंदिर चंदा चोरी मामले में सियासत तेज है. कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत तमाम विपक्षी पार्टियां इसे लेकर सरकार को घेर रही हैं. AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने इस मामले को लेकर योगी सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि अगर ऐसा कोई मुसलमान करता, तो अब तक उसका एनकाउंटर हो चुका होता. विपक्षी नेता चंपत राय के खिलाफ FIR की मांग कर रहे हैं. इस मामले पर आचार्य प्रमोद कृष्णम से NDTV ने खास बातचीत की. उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा ये सभी घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं.
'विपक्ष के लोग सेंक रहे राजनीतिक रोटियां'
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने ओवैसी समेत विपक्षी नेताओं के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इनका भगवान राम से कुछ लेना देना नहीं है. उनकी कोई श्रद्धा नहीं है, भगवान राम के प्रति आस्था नहीं है. ये लोग राम मंदिर को बनते हुए देखना नहीं चाहते थे. लेकिन अयोध्या में भव्य राम मंदिर बना, प्राण प्रतिष्ठा हुई और हिंदुओं ने जश्न मनाया.
प्रमोद कृष्णम ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि ये सब घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं. ये मक्कार और झूठे लोग हैं. अब इन्हें मौका मिल गया. किसी के घर में आग लग गई और ये हाथ सेंक रहे हैं. कांग्रेसी राजनीतिक रोटियां सेंकना चाहते हैं. ये लोग राम और राम मंदिर को बदनाम करना चाहते हैं. कांग्रेस ने कभी भी राम मंदिर का समर्थन नहीं किया.
'CBI को सौंपनी चाहिए राम मंदिर मामले की जांच'
राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर प्रमोद कृष्णम ने कहा कि ये घटना दुर्भाग्यपूर्ण है. इसके दो पहलू हैं. पहला धार्मिक और दूसरा राजनीतिक. अयोध्या ऐसा स्थान है जिसमें जो भी घटना घटे उसका प्रभाव देश की राजनीति पर पड़ता है. अयोध्या ने सरकारें बदलीं, सरकारें बनाई और सरकारें गिराईं हैं.
उन्होंने चंपत राय की भूमिका पर कहा कि व्यक्तिगत रूप से बात कहूं तो चंपत राय का जीवन पूर्ण रूप से भगवान राम के मंदिर के लिए समर्पित रहा है. लेकिन चोरी भी उनके नीचे हुई. ये सैकड़ों करोड़ की लूट है.जिन्होंने ये लूट की, वो पापी हैं. लेकिन जो लोग ये देख रहे थे उन्हें भी निर्दोष नहीं कहा जा सकता. इस मामले की जांच के लिए सशक्त जांच एजेंसी की जरूरत है. SIT की जांच तो निष्पक्ष मान लिया जाएगा, मुझे इस पर संदेह है.
उन्होंने यह भी कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट के लोगों को खुद इस्तीफा देना चाहिए और कहना चाहिए कि चोरी की जांच किसी भी जांच एजेंसी से कराओ. इस मामले की जांच CBI को सौंप देना चाहिए.
यह भी पढ़ें: चंदा हो या चढ़ावा, चोरी रोकना है चुनौती... दुनिया भर में ऐसे होती है सख्ती
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं