- झारखंड राज्यसभा चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नथवानी के नामांकन में तकनीकी त्रुटियां पाई गईं हैं.
- नथवानी के नामांकन में नाम की स्पेलिंग, पारिवारिक विवरण और आपराधिक मामलों की जानकारी अधूरी मिली है.
- झारखंड मुक्ति मोर्चा के उम्मीदवार बैजनाथ राम और कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा के नामांकन पत्र सही पाए गए.
झारखंड में राज्यसभा चुनाव की सियासी बिसात बिछते ही नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी के दौरान एक दिलचस्प मोड़ सामने आया है. जहां एक ओर सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस के प्रत्याशियों ने तकनीकी परीक्षा आसानी से पास कर ली है, वहीं निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नथवानी के नामांकन में नाम की स्पेलिंग में अंतर, अविभाजित परिवार के विवरण में कमी और आपराधिक मामलों की अधूरी जानकारी से जुड़ी त्रुटियां सामने आने के बाद निर्वाचन अधिकारी (RO) ने उसे होल्ड पर रख दिया है, जिस पर अब 10 जून को सुबह 11 बजे फैसला होना है.
परिमल नथवाणी जैसे बड़े चेहरे का नामांकन होल्ड पर जाने की खबर से राजनीतिक गलियारों में अचानक सनसनी फैल गई है. नाथवानी खेमा अब इस तकनीकी आपत्ति को दूर करने और विसंगति को स्पष्ट करने के लिए कानूनी और चुनावी विशेषज्ञों से राय-मशविरा करने में जुट गया है.
सही पाए गए JMM और कांग्रेस उम्मीदवारों के नामांकन
वहीं राज्यसभा चुनाव के लिए जेएमएम उम्मीदवार बैजनाथ राम और कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा के नामांकन पत्रों की जांच पूरी कर ली गई है. दोनों के दस्तावेज सही पाए गए हैं, जिसके बाद उनकी उम्मीदवारी को आधिकारिक तौर पर मंजूरी मिल गई है.
निष्पक्षता के साथ काम करे चुनाव आयोग: कांग्रेस
परिमल नाथवानी के नामांकन पत्र में त्रुटि पाए जाने विषय पर जब कांग्रेस के प्रवक्ता राकेश सिन्हा से एनडीटीवी ने बात की तो उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग को पूरी निष्पक्षता के साथ काम करना चाहिए. एक तरफ जहां मध्यप्रदेश में कांग्रेस के उम्मीदवार को नामांकन को त्रुटिपूर्ण बताते हुए उनका नामांकन को रद्द कर दिया जाता है वही दूसरी ओर झारखंड में बीजेपी समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी के नामांकन को होल्ड पर रख दिया जाता है ऐसा क्यों? कानून तो सब के लिए है. न्यायिक प्रक्रिया सब के लिए है. परिमल नाथवानी के नामांकन में भी त्रुटियां है तो त्रुटियों को ध्यान में रख नामांकन को रद्द किया जाना चाहिए था.
मीनाक्षी नटराजन को भी मिले मौका: JMM
वहीं झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार, यदि किसी उम्मीदवार के नामांकन पत्र में त्रुटि है या कोई कॉलम खाली छूट गया है, तो रिटर्निंग ऑफिसर संबंधित उम्मीदवार को नोटिस देकर एक तय समय-सीमा के अंदर स्पष्टीकरण और पूर्ण दस्तावेज जमा करने का अवसर देता है, लेकिन ये अवसर मध्यप्रदेश में मीनाक्षी नटराजन जी को भी मिलना चाहिए था. झारखंड में रिटर्निंग अधिकारी ने 10 जून 11 बजे का समय दिया है. फैसला आने के बाद ही आगे कुछ बता पाएंगे.
वहीं विधानसभा के प्रभारी सचिव सह रिटर्निंग ऑफिसर रंजीत कुमार ने इस विषय पर कुछ भी बोलने से फिलहाल इनकार कर दिया.
अब सबकी नजरें 10 जून की सुनवाई पर टिकी हैं कि क्या चुनाव आयोग इस नाम-विवाद को महज एक लिपिकीय (तार्किक) भूल मानकर नाथवानी का नामांकन वैध करता है, या फिर यह तकनीकी पेंच उनकी उम्मीदवारी के लिए कोई बड़ा रोड़ा बनेगा.
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