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This Article is From May 16, 2025

पाकिस्तान को 1 बिलियन डॉलर देने वाले IMF को राजनाथ सिंह की दो टूक, कहा - ये आतंक को फंडिंग है

राजनाथ सिंह ने साफ तौर पर कहा कि भारत नहीं चाहता है कि जो फंडिंग हम IMF को करते हैं वह सीधे और परोक्ष तौर पर किसी भी तरह से पाकिस्तान या फिर किसी भी देश में आतंकी ढांचे को बनाने में इस्तेमाल हो.

पाकिस्तान को फंडिंग करने पर राजनाथ सिंह ने IMF को सुनाया
भुज:

कागज का ये  लिबास, चिरागों के शहर में 
जरा संभल संभल कर चलो तुम नशे में हो 

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को भुज की धरती से पाकिस्तान के लिए बशीर बद्र का यह शेर पढ़ा.उस भुज की धरती जिसने 1965, 1971 की जंग और 2025 के ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के बदन में सिहरन पैदा कर दी. भारत की सैन्य ताकत के आगे कहां ठहरता है, उन्होंने यह तस्वीर भी पाकिस्तान को दिखा दी. साथ ही मसूद अजहर के आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद को 14 करोड़ की मदद देने वाली पाकिस्तान को हिदायत दी कि वह आतंकी ढांचे को दोबारा खड़ा करने की कोशिश न करे. रक्षा मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) को भी दो टूक कहा कि उसने दो एक मिलियन डॉलर की जो मदद पाकिस्तान को दी है, वह एक तरह से आतंक के लिए इनडायरेक्ट मदद है. भारत यह कतई नहीं चाहेगा कि उसका दिया पैसा ही सीधे या परोक्ष तौर पर आतंकियों के हाथों में पहुंचे. राजनाथ सिंह ने इस दौरान सेना को शौर्य को सलाम करते हुए उनके लिए रामधारी सिंह दिनकर की कुछ लाइनें भी संर्पित की... उन्होंने कहा कि 

सेनानी करो प्रयाण अभय,
भावी इतिहास तुम्हारा है,
ये नखत अमाँ के बुझते हैं,
सारा आकाश तुम्हारा है.

पाकिस्तान ध्वस्त आतंकी ढांचे को फिर से खड़ा करने की कोशिश में लग गई है. पाकिस्तानी सरकार वहां के नागरिकों के टैक्स का पैसा जैश ए मोहम्मद के आका मसूद अजहर को 14 करोड़ देने में खर्च करेगी. जबकि संयुक्त राष्ट्र उसे आतंकी घोषित कर चुकी है. लश्कर और जैश के मुरीदके और  बहावलपुर के टेरर ढांचे को फिर से खड़ा करने के लिए मदद देने की घोषणा है.

IMF से मिला पैसा आतंकी नेटवर्क को खड़ा करने में होगा. क्या यह आईएमफ जो कि एक अंतरराष्ट्रीय संस्था है वह इनडायरेकट फंडिंग नहीं कर रहा है. दुनिया के देशों को यह सोचना चाहिए. पाकिस्तान को किसी भी तरह कि मदद आतंकी मदद है. आईएमएफ को पाकिस्तान को एक मिलियन डॉलर की मदद पर दोबारा सोचना चाहिए. 

भारत नहीं चाहता है कि जो फंडिंग हम आईएमएफ को करते हैं वह सीधे और परोक्ष तौर पर किसी भी तरह से पाकिस्तान या फिर किसी भी देश में आतंकी ढांचे को बनाने में इस्तेमाल हो. पाकसितान और वहां की सरकार में चोली दामन का साथ है. स्टेट और नॉन स्टेट ऐक्टर का नकाब उतर चुका है. वहां के परमाणु हथियार कभी भी आतंकियों के हाथों में जा सकते हैं. 

उन्होंने आगे कहा कि हमने पाकिस्तान को दिन में तारे दिखा दिया है. ब्रह्मोस मिसाइल ने पाकिस्तान को रात के अंधेरे में दिना उजाला दिखा दिया है. भारत के जिस एयरडिफेंस सिस्टम की तारीफ हर तरफ हो रही है, उसमें डीआरडीओ द्वारा तैयार किए गए सिस्टम की अहम भूमिका रही है. कई जगहों पर हमारे नागरिकों ने पाकिस्तान के आते ड्रोन को आता देख भाग नहीं रहे हैं बल्कि हमारी सेना द्वारा उसे ढेर करने का वीडियो बना रहे हैं.अगर पाकिस्तान के पास परमाणु हथियार रहते हैं तो इस बात से नहीं मुंहमोड़ा जा सकता है कि ये हथियार कभी ना कभी आतंकी के हाथों में जा सकता है. ये एक गंभीर चिंता का विषय है. 

लेखक के बारे में
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समरजीत सिंह
Deputy News Editor
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