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सद्भावना दिवस पर राजीव गांधी को PM मोदी ने दी श्रद्धांजलि, सोनिया के साथ 'वीरभूमि' पहुंचे राहुल और प्रियंका

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के कार्यकाल को टेक्नोलॉजी के जरिए भारत को आधुनिक बनाने, अंतरराष्ट्रीय संबंध मजबूत करने और युवाओं को सशक्त बनाने की कोशिशों के लिए याद किया जाता है.

सद्भावना दिवस पर राजीव गांधी को PM मोदी ने दी श्रद्धांजलि, सोनिया के साथ 'वीरभूमि' पहुंचे राहुल और प्रियंका
राजीव गांधी की जयंती पर 'वीरभूमि' पहुंचकर कांग्रेस नेताओं ने दी श्रद्धांजलि. (Photo: PTI)
  • राजीव गांधी की जयंती पर सोनिया, राहुल, खरगे और प्रियंका सहित कांग्रेस नेता वीरभूमि पहुंचे.
  • सद्भावना दिवस पर राष्ट्रीय एकता, शांति और भाईचारे का संदेश दिया जाता है.
  • राजीव गांधी को युवा सशक्तिकरण, तकनीकी प्रगति और धर्मनिरपेक्षता के विजन के लिए याद किया जाता है.
नई दिल्ली:

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती के मौके पर कांग्रेस के बड़े नेता राजीव गांधी के समाधि स्थल 'वीरभूमि' पहुंचे. श्रद्धांजलि कार्यक्रम में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और प्रियंका गांधी सहित कई नेता पहुंचे. 20 अगस्त को भारत के सबसे युवा प्रधानमंत्री रहे राजीव गांधी की जंयती होती है, जिसे सद्भावना दिवस के रूप में मनाया जाता है. पीएम मोदी ने भी राजीव गांधी को श्रद्धांजलि दी है.

कांग्रेस के  सोशल मीडिया हैंडल से किए गए पोस्ट में लिखा गया, "आधुनिक भारत के निर्माण में राजीव गांधी जी का योगदान हमेशा याद किया जाएगा."

सद्भावना दिवस शांति, मेल-मिलाप, राष्ट्रीय एकता और सभी लोगों के बीच भाईचारे को बढ़ावा देने के उनके नजरिए को दर्शाता है, चाहे वे किसी भी जाति, पंथ या धर्म के हों.

पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

सद्भावना दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूर्व प्रधानमंत्री को याद किया और श्रद्धांजलि दी. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को उनकी जयंती के मौके पर श्रद्धांजलि."

क्यों मनाया जाता है सद्भावना दिवस?

यह दिन राजीव गांधी के एक एकजुट और प्रगतिशील भारत के विजन को दर्शाता है. उनकी लीडरशिप में युवाओं के सशक्तिकरण, तकनीकी प्रगति और सांप्रदायिक सद्भाव पर जोर दिया गया. सद्भावना दिवस उन मूल्यों की याद दिलाता है, जिनके लिए वे खड़े रहे. 

इसमें राष्ट्रीय एकता, शांति और सद्भाव, युवाओं पर फोकस और धर्मनिर्पेक्षता जैसे पहलू शामिल हैं. राजीव गांधी के विजन में अलग-अलग समुदायों के बीच एकता को मजबूत करना. जाति, पंथ और धर्म से ऊपर उठकर आपसी भाईचारे को बढ़ावा देना. और युवा भारतीयों को एक आधुनिक और समावेशी राष्ट्र के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित करना शामिल रहा. इसके अलावा, उन्होंने हमेशा भारत की अनेकता में एकता वाली परंपराओं और मूल्यों को बनाए रखने की कोशिश की.

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इंदिरा गांधी की हत्या के बाद, साल 1984 में 40 साल की उम्र में राजीव गांधी भारत के छठे प्रधानमंत्री बने. उनके कार्यकाल को टेक्नोलॉजी के जरिए भारत को आधुनिक बनाने, अंतरराष्ट्रीय संबंध मजबूत करने और युवाओं को सशक्त बनाने की कोशिशों के लिए याद किया जाता है. राजीव गांधी की विरासत, सद्भाव और तरक्की से जुड़े भारत के उनके सपने का सम्मान करने के लिए 'सद्भावना दिवस' की शुरुआत की गई थी.

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