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राजस्थान में लिव-इन रिलेशन का रजिस्ट्रेशन जरूरी! बाहर रह रहे राजस्थानियों पर भी लागू होगा UCC का नियम

राजस्थान में UCC बिल पास हुआ तो इसके तहत लिव-इन रजिस्ट्रेशन जरूरी होगा. राज्य में रहने वाले बाहरी नागरिक और बाहर रहने वाले राजस्थानी नागरिक पर भी नियम लागू होगा.

राजस्थान में लिव-इन रिलेशन का रजिस्ट्रेशन जरूरी! बाहर रह रहे राजस्थानियों पर भी लागू होगा UCC का नियम
अगर लिव-इन रिलेशन में रहना है तो UCC के तहत राजस्थान में रजिस्ट्रेशन जरूरी होगा.

राजस्थान सरकार ने विधानसभा में समान सिविल संहिता विधेयक-2026 (UCC Bill) पेश कर दिया है. इस विधेयक के प्रावधानों में लिव-इन रिलेशनशिप का खास तौर पर जिक्र किया गया है. सरकार ने साफ कर दिया है कि राजस्थान में रहने वाला कोई भी व्यक्ति अगर लिव-इन रिलेशनशिप में रहता है, तो उसे इस लिव-इन का रजिस्ट्रेशन करना होगा. प्रस्तावित कानून के प्रावधानों में सरकार ने साफ किया है कि अगर राजस्थान से बाहर का कोई नागरिक यहां रहता है और उसका स्टेटस लिव-इन रिलेशनशिप का है, तब भी उसे यह रजिस्ट्रेशन करना होगा. भले ही ऐसा व्यक्ति राजस्थान के नागरिक के रूप में रिकॉर्ड में दर्ज न हो, लेकिन राजस्थान में रह रहा है और लिव–इन में है, तो रजिस्ट्रेशन जरूरी होगा.

अन्य राज्यों के निवासियों पर भी लागू होगा नियम 

इसके साथ ही राजस्थान का कोई नागरिक अगर प्रदेश की सीमा से बाहर किसी दूसरे राज्य में रहता है, तब भी उसे यह रजिस्ट्रेशन करना होगा. वहीं, राज्य सरकार में विधि मंत्री जोगाराम पटेल ने स्पष्ट किया है कि राजस्थान की धरती पर रहने वाले किसी विदेशी नागरिक पर यह कानून लागू नहीं होगा. पटेल ने कहा कि ऐसे विदेशी नागरिक तो एजुकेशन वीजा या किसी दूसरे कारण से अस्थाई रूप से यहां के निवासी हैं और तय समय बाद उन्हें अपने देश लौट ही जाना है. साथ ही सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि लिव-इन के रजिस्ट्रेशन के बाद इस रिश्ते से होने वाले बच्चों को भी वैध माना जाएगा.

एक भी सदस्य शादीशुदा तो रजिस्ट्रेशन नहीं, जानें खास बातें

  • इसमें धारा 384 से लेकर 401 तक 18 धाराओं में लिव–इन रिलेशनशिप, उसके रजिस्ट्रेशन, उनकी संतान, रजिस्ट्रेशन नहीं होने की स्थिति और उसके असर के साथ ही सजा के प्रावधानों का जिक्र भी किया गया है.
  • दोनों व्यक्तियों में से एक भी पहले से शादीशुदा तो नहीं होगा लिव–इन का रजिस्ट्रेशन.
  • अगर कोई भी परिभाषित पाबंदी वाली नातेदारी की डिग्री के भीतर आते हों तो उनका रजिस्ट्रेशन नहीं
  • पार्टनर की सहमति के बिना जबरन, बलपूर्वक या गलत प्रभाव और दबाव से लिव-इन में रहने का दावा करता है तब भी ऐसा लिव–इन रजिस्ट्रेशन नहीं होगा.

400 पन्नों के बिल के प्रावधान होंगे लागू

सरकार ने 400 पन्नों के UCC बिल के उद्देश्यों में कहा है कि सभी नागरिकों के लिए पर्सनल लॉ में समता, न्याय और एकरूपता सुनिश्चित करने के महत्व को मान्यता देते हुए यह विधेयक लाया गया है. सरकार का कहना है कि इससे एक एकीकृत विधिक ढांचे की स्थापना होगी. राजस्थान के सभी निवासियों पर इस बिल के प्रावधान लागू होंगे. 

सरकार का कहना है कि विधेयक का उद्देश्य पंथनिरपेक्षता, लैंगिक न्याय और सामाजिक सुधार के सिद्धांतों को बनाए रखना है, जिससे समाज की एकता और अखंडता को मजबूत किया जा सके. इस बिल के जरिए सरकार प्रदेश में शादी, तलाक उत्तराधिकार के एक समान नियम होने  की बात कर रही है.

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