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This Article is From Jun 09, 2025

गायब होने से पहले मेघालय के गांव में राजा-सोनम रघुवंशी के आखिरी 12 घंटे, चश्मदीदों ने किए कई खुलासे

सोनम और उनके पति राजा रघुवंशी शिलॉन्ग घूमने गए थे. दोनों के लापता होने पर एनडीआरएफ और पुलिस ने तलाशी अभियान चलाया था. जिसके आठ दिन बाद राजा रघुवंशी का शव एक गहरी खाई में मिला था सोनम रघुवंशी की तलाश जारी है.

गायब होने से पहले मेघालय के गांव में राजा-सोनम रघुवंशी के आखिरी 12 घंटे, चश्मदीदों ने किए कई खुलासे
परिजनों को आशंका है कि राजा की हत्या करने के बाद सोनम को बांग्लादेश ले जाया गया है.

Sonam Raghuvanshi Update: मेघालय के पूर्वी खासी हिल्स जिले में लापता हुई इंदौर की पर्यटक सोनम रघुवंशी का अभी तक कुछ पता नहीं चल सका है. जबकि सोनम के पति राजा रघुवंशी कुछ दिन पहले एक खाई में मृत पाए गए थे. राजा रघुवंशी (29) और उनकी पत्नी सोनम 23 मई को सोहरा इलाके के नोंग्रियाट गांव में एक गेस्ट हाउस से निकलने के कुछ ही घंटे बाद लापता हो गए थे. गांव से करीब 20 किलोमीटर दूर सोमवार को एक खाई में राजा का शव मिला था, जबकि उनकी पत्नी की तलाश जारी है. सोनम के भाई गोविंद ने ‘कहा, ‘‘हमारा मानना ​​है कि सोनम जीवित है. तलाशी अभियान की धीमी गति के कारण हम चिंतित हैं. हम चाहते हैं कि सरकार और मुख्यमंत्री तलाशी अभियान में तेजी का निर्देश दें.''

  • राजा और सोनम की शादी 11 मई को इंदौर में हुई थी. शादी के नौ दिन बाद 20 मई को यह नवविवाहित जोड़ा हनीमून के लिए मेघालय रवाना हुआ थे.
  • 23 मई को शिलांग के नोंग्रियाट गांव में डबल डेकर लिविंग रूट ब्रिज देखने के बाद दोनों लापता हो गए. उनकी किराए की स्कूटी 24 मई को सोहरा के पास लावारिस हालत में मिली,
  • 2 जून को राजा का शव वेईसावडॉन्ग झरने के पास एक खाई में मिला, जिसकी पहचान उनके हाथ पर बने ‘राजा' टैटू से हुई. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि हुई, जिसने मामले को और रहस्यमय बना दिया.
  • पुलिस और यहां तक ​​कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीमें सोनम की तलाश कर रही हैं.
  • परिवार ने कहा कि उनका मानना ​​है कि उनका अपहरण कर लिया गया है और उन्होंने उसके मिलने की उम्मीद नहीं खोई है. परिजनों को आशंका है कि राजा की हत्या करने के बाद सोनम को बांग्लादेश ले जाया गया है.

लापता होने से पहले की कहानी

21 मई को दंपत्ति मेघालय की राजधानी शिलांग में एक गेस्टहाउस में ठहरे था. अगले दिन उन्होंने एक स्कूटी किराए पर ली और लोकप्रिय पर्यटक स्थल सोहरा (चेरापूंजी) की ओर चल पड़ा. पूर्वी खासी हिल्स के मावलखियात गांव में पहुंचने के बाद, उन्होंने स्कूटी को एक पार्किंग स्थल पर खड़ा कर दिया और उसी जिले के नोंग्रियात गांव में एक होमस्टे तक जाने के लिए एक स्थानीय गाइड को हायर किया.

गाइड ने अपने बयान में क्या कहा

मावलाखियात से नोंग्रियात तक की यात्रा पर उन्हें ले जाने वाले गाइड ने बताया कि इसमें लगभग तीन घंटे लगते हैं और लगभग 3,000 सीढ़ियां उतरनी पड़ती हैं. गाइड भकुपर वानशाई ने बताया हमें 22 मई को उन्होंने फोन किया; उस समय शाम के करीब 3.30 बजे थे, लेकिन मैंने मना नहीं किया और उन्हें नोंग्रियात तक गाइड करने का फैसला किया. उन्हें शिपारा होमस्टे पर छोड़ने के बाद हम वहां से निकल पड़े," एक अन्य गाइड अल्बर्ट पीडी भी उनके साथ थे.

वानशाई ने कहा हमने अगले दिन (23 मई) के लिए अपनी सेवा की पेशकश की. लेकिन उन्होंने यह कहते हुए मना कर दिया कि उन्हें रास्ता पता है. नशाई ने अपने पुलिस बयान में कहा कि सोनम ने उनसे ज़्यादातर बातचीत अंग्रेज़ी में की. 

होमस्टे के मालिक ने क्या बताया?

होमस्टे के मालिक सिआंटी सोखलेट ने कहा, 22 मई को दो मेहमान यहां (शिपारा होमस्टे) ठहरने आए थे. वे गाइड के साथ आए थे. मुझे सही समय याद नहीं है. मुझे लगता है कि शाम के करीब 5 बजे थे. जब वे यहां पहुंचे, तो मैंने उन्हें कमरा दिखाया और वे ठहरने के लिए राजी हो गए. जब ​​हम यहां बैठे थे, तो उन्होंने कमरे के किराए और गाइड के लिए फीस के बारे में पूछा और भुगतान कब करना है, इस पर मैंने कहा, 'आज'." 

उन्होंने कहा कि जोड़े ने अगले दिन के लिए गाइड लेने से मना कर दिया. उन्होंने चेक इन किया और कमरे को लॉक करने के बाद लिविंग रूट ब्रिज देखने चले गए. वे थोड़ी देर बाद वापस आए. तब तक अंधेरा हो चुका था. खाना खाने के बाद वो सो गए. बता दे कि शिपारा होमस्टे नोंग्रियाट में डबल-डेकर लिविंग रूट ब्रिज के करीब स्थित है.

अगली सुबह, मैं लगभग 5.30 बजे उठी. वे जल्दी चेक आउट करने की बात कहने लगे. मैंने पूछा कि क्या वे नाश्ता करना चाहेंगे. उन्होंने मना कर दिया. रजिस्टर से साइन आउट कर चले गए. मैंने पूछा कि क्या उन्हें रास्ता याद है, और उन्होंने कहा कि उन्हें याद है. दोनों 23 मई को सुबह 6 बजे होमस्टे से चले गए.

गाइड अल्बर्ट पडे ने क्या दिया बयान

गाइड अल्बर्ट पडे के अनुसार उसने 23 मई को 10 बजे के आसपास नोंग्रियात से मावलाखैत तक 3,000 से अधिक सीढ़ियां चढ़ते हुए इस जोड़े को तीन पुरुष पर्यटकों के साथ देखा था. इस बाद से ये दोनों लापता हो गए. पडे ने बताया कि वह दंपति को पहचानता है क्योंकि एक दिन पहले उसने नोंग्रियात तक चढ़ने के लिए उन्हें अपनी सेवाएं देने की पेशकश की थी. लेकिन उन्होंने मना कर दिया था. पडे के मुताबिक, “चार पुरुष आगे चल रहे थे, जबकि महिला पीछे थी. चारों पुरुष हिंदी में बातचीत कर रहे थे, लेकिन मैं समझ नहीं पाया कि वे क्या बोल रहे थे क्योंकि मैं केवल खासी और अंग्रेजी ही जानता हूं.”

गाइड ने दावा किया, “जब तक मैं मावलाखैत पहुंचा, तब तक उनका स्कूटर वहां नहीं था.” पडे ने पुलिस को बयान भी दे दिया है.

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