
इस साल रेलवे को रिकॉर्ड बजट मिला है, इससे भारतीय रेलवे के आधारभूत ढांचे में तेजी आएगी. 2022-23 में नई पटरी बिछाने में 4 हजार 500 KM का टारगेट था. हम बारह KM प्रतिदिन पटरी बिछा रहे हैं. 7000 नए ट्रैक बनाने का लक्ष्य है. रेलवे के दोनों ओर बसे गांव या शहर को जोड़ने फ्लाईओवर या अंडर पास 10 हजार 400 बने हैं. इस साल एक हजार नए फ्लाईओवर या अंडर पास बनेंगे. यह बात रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कही. उन्होंने कहा, "अंडरपास में पानी भरने की दिक्कत आती है, इसी के चलते डिजाइन में बदलाव किया है. फुटओवर ब्रिज के डिजाइन में भी बदलाव किया गया है. 48 रेलवे स्टेशन पर काम शुरू हो चुका है. स्थानीय संस्कृति के हिसाब से रेलवे स्टेशन डिजाइन किए गए हैं. हर स्टेशन पर जनसुविधा केंद्र होगा जहां दिन-प्रतिदिन का सामान मिल सकेगा. दो हजार स्टेशन पर अभी ये सुविधा दी जाएगी जो रात और दिन खुला रहेगा. पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम में बदलाव लेकर आ रहे हैं.
रेल मंत्री ने कहा कि अभी प्रति मिनट 25 हजार टिकट बनते था. अब 2 लाख पचास हजार प्रति मिनट बना रहे हैं. इन्क्वायरी में भी चार लाख कॉल प्रति मिनट कॉल सुन सकेंगे, अभी 40 हजार सुन रहे हैं. वन स्टेशन वन प्रॉडक्ट सुविधा 500 स्टेशन पर दी जा रही है. उन्होंने कहा कि जल्द ही हम कम दूरी के शहरों को वंदे मेट्रो से जोड़ेंगे. मसलन इसके तहत लखनऊ से सीतापुर जैसे शहर को जोड़ा जाएगा. इसी तरह हाइड्रोजन ट्रेन को इस साल दिसंबर तक लांच करेंगे.
गौरतलब है कि बुधवार को बजट-2023 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि 2023-24 में रेलवे के लिए पूंजीगत परिव्यय को बढ़ाकर 2.40 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है जो अब तक का सर्वाधिक है. लोकसभा में बजट पेश करते हुये सीतारमण ने कहा रेलवे को 2013-14 में जो राशि आवंटित की गयी थी, मौजूदा राशि उससे नौगुना अधिक है.न्होंने कहा कि रेल में सफर करने वाले यात्रियों की बढ़ती उम्मीदों के साथ रेलवे राजधानी, शताब्दी, दुरंतो, हमसफर और तेजस जैसी प्रमुख ट्रेनों के 1,000 से अधिक कोच के नवीनीकरण की योजना बना रहा है. उन्होंने कहा कि इन कोच के अंतरिक हिस्सों को अत्याधुनिक बनाया जायेगा और यात्रियों के आराम के हिसाब से इसमें सुधार किया जाएगा.
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