- पंजाब में 3 महीनों के भीतर ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर दो धमाके हुए हैं जिनमें सुरक्षा चिंताएं बढ़ी हैं
- रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने सुरक्षा बढ़ाने के लिए 24 घंटे पेट्रोलिंग और निगरानी बढ़ाने को कहा है
- पंजाब पुलिस ने शंभू धमाके में एक संदिग्ध की मौत और चार गिरफ्तारियों की जानकारी दी है
पंजाब में तीन महीनों में ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर में हुए दो धमाकों के बाद अब रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने बुधवार को कहा कि रेलवे 24 घंटे की पेट्रोलिंग तेज करेगा और पटरियों के किनारे निगरानी का दायरा काफी बढ़ाएगा. हाल ही में शंभू और राजपुरा में धमाके हुए थे. रवनीत सिंह बिट्टू ने इन दोनों इलाकों का दौरा किया और हालात का जायजा लिया. उन्होंने भरोसा दिलाया कि सुरक्षा और निगरानी को मज़बूत करने के लिए कड़े और तुरंत कदम उठाए जाएंगे.
पाकिस्तान की ISI के समर्थन वाले एक खालिस्तान समर्थक आतंकी मॉड्यूल ने सोमवार देर रात पटियाला के शंभू के पास फ्रेट कॉरिडोर पर एक धमाका किया. पंजाब पुलिस ने मंगलवार को बताया कि एक संदिग्ध की मौत तब हो गई जब वह विस्फोटक में धमाका करने की कोशिश कर रहा था, जबकि समूह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया.
कॉरिडोर के किनारे पेट्रोलिंग होगी तेज
बुधवार को रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (EDFC) के किनारे सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में विस्तार से बताया. उन्होंने कहा कि रेलवे कॉरिडोर के किनारे 24 घंटे की गश्त तेज करेगा और निगरानी का दायरा काफी बढ़ाएगा. फिलहाल, अंबाला डिवीजन के पंजाब क्षेत्र में 173 CCTV कैमरे लगाए गए हैं, और आगे भी कैमरे लगाने का काम चल रहा है. रेलवे कॉरिडोर के उन सुनसान और संवेदनशील हिस्सों पर खास ध्यान देगा, जहां ड्रोन निगरानी समेत निगरानी के आधुनिक तरीके तैनात किए जाएंगे.
Receiving a briefing today from senior officials of the Ambala Railway Division before proceeding to the blast site between Shambhu and Rajpura on the Dedicated Freight Corridor. pic.twitter.com/fJfSfYEnYp
— Ravneet Singh Bittu (@RavneetBittu) April 29, 2026
इसके अलावा, रेलवे के अहम कर्मचारी पटरियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार जमीनी गश्त करेंगे. बिट्टू ने कहा, "हम ड्रोन तैनात करेंगे क्योंकि सिर्फ CCTV कैमरे लंबी पटरियों पर नजर रखने के लिए काफी नहीं होंगे. हम सोलर कैमरे भी लगा रहे हैं."
स्पेशल डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस (रेलवे) शशि प्रभा द्विवेदी ने भी फ्रेट कॉरिडोर के किनारे CCTV कैमरे लगाने की जरूरत पर जोर दिया था.
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पंजाब में 200 से ज्यादा ग्रुप एक्टिव
बिट्टू ने बताया कि यह तीन महीनों के अंदर और फ्रेट कॉरिडोर के किनारे लगभग 35 किलोमीटर के दायरे में हुआ दूसरा धमाका है. उन्होंने कहा कि पंजाब में शांति और सद्भाव बिगाड़ने की कोशिश में फिलहाल 200 से ज्यादा समूह सक्रिय हैं.
बिट्टू ने कहा कि धमाकों में बाहरी तत्वों के शामिल होने के संकेत मिले हैं. दुश्मन तत्व रेलवे जैसे अहम बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर इस इलाके में अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि ये हरकतें न सिर्फ सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि राज्य की आर्थिक गतिविधियों को रोकने की सीधी कोशिश भी हैं.
तीन महीने में दो धमाके
EDFC, जो पंजाब के साहनेवाल को पश्चिम बंगाल से जोड़ता है, एक अहम आर्थिक कड़ी है. इस पर रोज़ाना लगभग 30 ट्रेनें चलती हैं, जो औद्योगिक और कृषि सामान ढोती हैं. इस नेटवर्क में किसी भी तरह की रुकावट राज्य और देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा झटका साबित होती है.
23 जनवरी को, फतेहगढ़ साहिब जिले के सरहिंद में एक और धमाका हुआ था, जिससे एक ट्रेन के इंजन को नुकसान पहुंचा था और एक रेलवे अधिकारी घायल हो गया था. जहां पहला धमाका NH-44 से लगभग 800 मीटर की दूरी पर हुआ था, वहीं हालिया धमाके की जगह इसी हाईवे से लगभग 300 मीटर की दूरी पर है. इससे अधिकारियों को यह लगने लगा है कि शरारती तत्व हाईवे से मिलने वाले आसान रास्तों का फायदा उठाकर रेलवे ट्रैक को निशाना बना रहे हैं.

पुलिस ने मंगलवार को बताया कि सोमवार को हुए धमाके के दौरान, तरन तारन जिले के पंजवार गांव का रहने वाला जगरूप सिंह नाम का एक संदिग्ध मारा गया. वह रेलवे ट्रैक पर धमाका करने के लिए विस्फोटक लगाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन विस्फोटक को ठीक से संभाल न पाने के कारण उसकी मौत हो गई.
पुलिस ने बताया कि इस धमाके के सिलसिले में चार अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है. इनमें इस मॉड्यूल का सरगना प्रदीप खालसा भी शामिल है, जो मलेशिया में बैठे खालिस्तान समर्थक हैंडलरों और पाकिस्तान से हथियार सप्लाई करने वालों के लगातार संपर्क में था.
बिट्टू ने कहा कि ये आरोपी बेहद कट्टरपंथी सोच वाले थे. उन्होंने आगे कहा कि जो लोग पंजाब में शांति और सौहार्द बिगाड़ना चाहते हैं, उनका संबंध पाकिस्तान की ISI से है और उन्हें ISI का ही समर्थन हासिल है.
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