- पंजाब कांग्रेस में मचे बवाल के बीच भूपेश बघेल ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है
- बघेल ने संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल को रिपोर्ट सौंप दी है
- गौरतलब है कि राजा वडिंग और चरणजीत सिंह चन्नी के बीच पंजाब में चल रहा है विवाद
पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल ने संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल को रिपोर्ट सौंप दी है. सूत्रों के मुताबिक बघेल की रिपोर्ट में राजा वडिंग को प्रदेश अध्यक्ष पद पर बरकरार रखे जाने की पैरवी की गई है और कहा गया है पंजाब के 29 में से 25 जिला अध्यक्ष और 7 में से 4 सांसद राजा के साथ हैं.
वडिंग और चन्नी में तनातनी
दिल्ली में केसी वेणुगोपाल से मुलाकात के बाद बघेल ने पंजाब में नेतृत्व परिवर्तन नहीं होने के संकेत देते हुए दुहराया. उन्होंने कहा “ये गुड्डे-गुड़ियों का खेल नहीं है”. ऐसा ही बयान बघेल ने चंडीगढ़ में भी दिया था. कांग्रेस नेतृत्व ने एक जुलाई को राजा वडिंग को पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष बनाए रखने का एलान किया था. नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर रहे पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी इस फैसले का विरोध कर रहे हैं. इस मुहिम में कई वरिष्ठ नेता भी चन्नी के साथ हैं.
बघेल ने पंजाब के नेताओं से की है मुलाकात
विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस की नई टीम के एलान के बाद भूपेश बघेल ने चंडीगढ़ में छह दिनों तक अलग-अलग नेताओं से मुलाकात की. आखिरी दिन बघेल ने चन्नी की अगुवाई में नाराज नेताओं से मुलाकात की थी. अब उन्होंने अपनी रिपोर्ट पार्टी नेतृत्व को सौंप दी है.
क्या वडिंग को बदलेगा आलाकमान?
हालांकि जिस तरह पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का बड़ा तबका राजा वडिंग के खिलाफ है ऐसे में माना जा रहा है कि कांग्रेस आलाकमान विकल्पों पर विचार कर रहा है. मंगलवार को राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष खरगे से मुलाकात की थी. केसी वेणुगोपाल भी बैठक में मौजूद थे. पंजाब में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं के बीच केसी वेणुगोपाल ने बुधवार सुबह पंजाब में विधायक दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा से भी मुलाकात की. बघेल से पहले यह मुलाकात हुई.
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