पुलिस अधिकारी बनने का सपना लेकर पुणे पहुंचे 25 वर्षीय प्रथमेश देशमुख की आत्महत्या ने प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों की मुश्किलों को एक बार फिर सामने ला दिया है. शुरुआती जांच में आर्थिक तंगी और कर्ज को इस कदम की वजह माना जा रहा है. इस घटना के बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके का भी रिएक्शन सामने आया है. उन्होंने छात्रों से हिम्मत न हारने और आत्महत्या जैसा कदम न उठाने की अपील की है.
अभिजीत दीपके ने कहा कि मैंने अभी एक खबर देखी कि धाराशिव से पुणे आकर MPSC की तैयारी कर रहे प्रथमेश देशमुख ने आत्महत्या कर ली है. हमे और विशेषकर सरकार को यह सोचना चाहिए कि प्रथमेश को यह कदम क्यों उठाना पड़ा. धाराशिव से आने वाला लड़का सिर्फ सपने लेकर नहीं, बल्कि अपने परिवार की बहुत बड़ी जिम्मेदारी लेकर पुणे आता है. उसने सोचा होगा कि एक दिन वह MPSC की परीक्षा पास कर बड़ा अधिकारी बनेगा और राज्य व देश की सेवा करेगा. लेकिन हुआ क्या? जिस सरकार में वह काम करना चाहता था, उसी सरकार के गलत प्रबंधन के कारण प्रथमेश को अपनी जान गंवानी पड़ी.
'बच्चों पर मानसिक दबाव बढ़ता है'
दीपके ने कहा कि कुछ लोग पूछेंगे कि इसमें सरकार का क्या दोष है? जब किसी परीक्षा में गड़बड़ी होती है, समय पर परिणाम नहीं आते, या पेपर लीक हो जाते हैं, तो क्या सरकार को इसका अंदाजा है कि इसका छात्रों पर क्या प्रभाव पड़ता है? प्रथमेश जैसे गांव से आने वाले बच्चों के पास बहुत पैसे नहीं होते. वे पुणे में एक छोटे से कमरे में रहते हैं, एक समय का खाना खाते हैं और बहुत संघर्ष करके पढ़ाई करते हैं. जब पेपर लीक होते हैं या परीक्षा की तारीख आगे बढ़ाई जाती है, तो इन बच्चों पर मानसिक दबाव बढ़ता है. तारीख आगे बढ़ने का मतलब है एक और महीने का किराया और मेस का खर्च. यह वित्तीय बोझ बहुत ज्यादा होता है.
'मानसिक और आर्थिक दबाव के कारण बच्चे आत्महत्या जैसा कदम...'
अभिजीत दीपके ने कहा कि एक तरफ परीक्षा सही से नहीं हो रही है और दूसरी तरफ परीक्षा पास करने के लिए जो संसाधन चाहिए, वे इन बच्चों के पास नहीं होते. जब परीक्षाएं समय पर नहीं होतीं और तारीखें आगे बढ़ती रहती हैं, तो इसका परिणाम यह होता है कि मानसिक और आर्थिक दबाव के कारण बच्चे आत्महत्या जैसा कदम उठाते हैं यह कब तक चलेगा? क्या सरकार तब जागेगी जब ऐसे और बच्चे अपनी जान दे देंगे. मैं MPSC के सभी छात्रों से हाथ जोड़कर विनती करता हूं कि कृपया ऐसा कोई कदम न उठाएंच. अपने परिवार और खुद के बारे में सोचें. आपकी जान सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है. सरकार के लिए भले ही न हो, लेकिन आपके परिवार और आपके भविष्य के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण है.
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