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This Article is From Aug 26, 2025

पूजा पाल ने सपा प्रमुख के ‘संरक्षण’ वाले गुंडों से अपनी जान को खतरा बताया, अखिलेश का पलटवार

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पाल के पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ''यह पत्र कौन लिखवा रहा है? उपमुख्यमंत्री? या कोई और...''

पूजा पाल ने सपा प्रमुख के ‘संरक्षण’ वाले गुंडों से अपनी जान को खतरा बताया, अखिलेश का पलटवार
  • निष्कासित विधायक पूजा पाल ने अखिलेश यादव पर माफिया संरक्षण प्राप्त गुंडों से जान का खतरा होने का आरोप लगाया
  • पूजा पाल ने पति राजू पाल की हत्या का जिक्र करते हुए पार्टी पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया.
  • पाल ने कहा कि माफिया अतीक अहमद का नाम लेने पर सपा से निष्कासन किया गया.
लखनऊ:

समाजवादी पार्टी (सपा) से निष्कासित और कौशांबी जिले के चायल की विधायक पूजा पाल ने सोमवार को सपा प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि उनकी जान को माफिया और सपा द्वारा कथित रूप से संरक्षण प्राप्त गुंडों से खतरा है.

अखिलेश यादव को संबोधित एक पत्र सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें पूजा पाल ने सपा शासन के दौरान 2005 में अपने पति राजू पाल की हत्या का जिक्र किया और पार्टी पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है. इस पर यादव ने कहा कि आखिर उनसे यह पत्र कौन लिखवा रहा है? उपमुख्यमंत्री या कोई और?

पाल ने आरोप लगाया कि सपा ने उन्हें राज्यसभा चुनाव में ‘क्रॉस-वोटिंग' के लिए नहीं, जैसा कि व्यापक रूप से माना जाता है, बल्कि इसलिए निष्कासित किया कि उन्होंने विधानसभा में तत्कालीन माफिया अतीक अहमद का नाम लिया था. पाल ने मतदाताओं और अपने समाज के लोगों को धन्यवाद देते हुए पत्र में कहा, “जब सपा सत्ता में थी, तब मेरे पति की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी. उनकी हत्या के बाद भी, सपा ने अतीक अहमद के भाई अशरफ को तीन चुनावों में मेरे खिलाफ खड़ा किया. जब मुझे समर्थन की ज़रूरत थी, तब पार्टी ने मेरे पति के हत्यारों का साथ दिया.”

उन्होंने कहा कि उनका एकमात्र उद्देश्य अपने पति के हत्यारों को न्याय के कठघरे में खड़ा करना था. उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने उनके पति के हत्यारों को सज़ा दिलाई, जबकि सपा अपराधियों को पाल-पोस रही है. उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा पाप जिसे आने वाली पीढ़ियां कभी माफ नहीं करेंगी.

पत्र में पाल ने आरोप लगाया कि सपा से उनके निष्कासन ने अतीक अहमद के परिवार का हौसला बढ़ा दिया. उन्होंने दावा किया कि अतीक के परिवार के सदस्य अब भी उनकी जान के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं. उन्होंने दावा किया, 'योगी सरकार के दबाव में वे भले ही चुप हों, लेकिन सपा की कार्रवाई से उनका मनोबल बढ़ा है.'

सपा के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले पर निशाना साधते हुए पाल ने कहा कि अखिलेश बार-बार इसका मतलब बदल देते हैं. उन्होंने कहा, 'मैंने जीवन भर खतरों से लड़ाई लड़ी है. मेरे लोग और पाल समुदाय, मेरे पीछे चट्टान की तरह खड़ा है. सपा मुझे इतनी आसानी से खत्म नहीं कर सकती. उसकी नीतियां सामाजिक सद्भाव के लिए खतरनाक हैं.'

पाल ने अखिलेश यादव की उस टिप्पणी का भी खंडन किया जिसमें उन्होंने सवाल किया था कि मुख्यमंत्री से मिलने के बाद उन पर खतरा कैसे बढ़ गया. उन्होंने कहा, 'सपा शासन में मेरे पति की हत्या कर दी गई. किसी भी अन्य सरकार में ऐसा कोई अपराध नहीं हुआ. मुझे डर है कि सपा प्रायोजित माफिया मेरी हत्या करवा सकते हैं.'

इस बीच, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पाल के पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ''यह पत्र कौन लिखवा रहा है? उपमुख्यमंत्री? या कोई और...''

यादव ने कहा, ''मुख्यमंत्री से मिलने के बाद मैं यह दोहराना चाहता हूं कि उन्हें धमकी कौन दे रहा है.'' उन्होंने आगे कहा कि उनकी पार्टी पहले ही इसकी जांच की मांग कर चुकी है. सपा ने रविवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय से उनके दावों की जांच करने का आग्रह किया और कहा कि सच्चाई सामने आनी चाहिए.

समाजवादी पार्टी ने रविवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय से विधायक पूजा पाल के उस दावे की जांच करने का आग्रह किया था जिसमें उन्होंने पार्टी (सपा) से अपनी जान को खतरा बताया है. सपा ने कहा था कि सच्चाई सामने आनी चाहिए. गृह मंत्री अमित शाह को लिखे एक पत्र में, समाजवादी पार्टी (सपा) के उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने आरोपों को निराधार और अमर्यादित बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि पूजा पाल को यह स्पष्ट करना चाहिए कि धमकी किसने दी.

तीन बार की विधायक और मारे गए बसपा विधायक राजू पाल की विधवा पूजा पाल को 14 अगस्त को सपा ने 'अनुशासन भंग' करने के आरोप में निष्कासित कर दिया था. उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान, कौशांबी के चायल से सपा विधायक पूजा पाल ने प्रयागराज में गैंगस्टर-राजनेता अतीक अहमद के आतंक के राज को खत्म करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा की थी.

अहमद ने 2005 में उनके पति राजू पाल की कथित तौर पर हत्या की साजिश रची थी, जो उनकी शादी के कुछ ही दिनों बाद हुई थी. प्रयागराज में 15 अप्रैल, 2023 को अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को तब गोली मार दी गई थी जब पुलिस उन्हें मेडिकल जांच के लिए ले जा रही थी.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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