- देश की अर्थव्यवस्था गहरे संकट की ओर है
- आगे देश आर्थिक मंदी की चपेट में आ सकता है
- प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य ने दिया बड़ा बयान
चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी सरकार की आर्थिक कामयाबियों का बखान करते हैं, लेकिन प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य रथिन रॉय ने एनडीटीवी को बताया कि भारतीय अर्थव्यवस्था गहरे संकट की ओर जा रही है. उनके हिसाब से भारत भी ब्राज़ील और दक्षिण अफ़्रीक़ा जैसे धीमी गति के विकासशील देशों की राह पर चल पड़ा है और डर है कि आर्थिक मंदी उसे घेर लेगी.रॉय का यह बयान ऐसे वक्त पर आया है, जब देश की अर्थव्यवस्था की सुस्ती पर सवाल उठने शुरू हुए हैं. वित्त मंत्रालय की मार्च 2019 की मासिक आर्थिक रिपोर्ट में भी यह बात कही गई थी कि भारत की अर्थव्यवस्था 2018-19 में थोड़ी धीमी हो गई. मंदी के लिए जिम्मेदार अनुमानित कारकों में निजी खपत में गिरावट, निश्चित निवेश में मामूली वृद्धि और मौन निर्यात शामिल है. रथिन रॉय ने आगाह करते हुए कहा कि अर्थव्यवस्था के लिए जोखिम बहुत गहरा है.
यह भी पढ़ें- भारत की अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका, मंदी के मिलने लगे संकेत, आयकर में 50 हजार करोड़ की कमी
-
NDTV World Summit 2026: दिल्ली में दो दिन दुनिया के दिग्गजों का महामंथन -
NDTV World Summit 2026 का काउंटडाउन शुरू, एक मंच पर जुटेंगे दुनिया के दिग्गज -
NDTV World Summit 2026: 22-23 अक्टूबर को फिर सजेगा दुनिया के दिग्गजों का महामंच, देखिए पहली झलक -
दुनिया की सबसे असरदार और सबसे दमदार आवाजों के साथ लौट रहा है NDTV World Summit, देखिए सिर्फ NDTV पर -
बदलती दुनिया, बदलते रिश्ते और वो मुद्दे जो दुनिया की तकदीर तय करते हैं... देखिए NDTV World Summit -
NDTV World Summit 2026: AI, कूटनीति, अर्थव्यवस्था और संस्कृति पर चर्चा, एक मंच पर जमा होंगे दुनिया के दिग्गज -
भारत की आर्थिक बढ़त से मानवता पर AI के खतरों तक, NDTV World Summit 2026 के दूसरे दिन किन मुद्दों पर होगी बात -
NDTV World Summit 2026: दुनिया की पहली AI एक्ट्रेस टिली नॉरवुड होंगी शामिल, कृति सेनन भी बनेंगी हिस्सा -
डिजिटल इकोनॉमी, एनर्जी, ग्लोबल ट्रेड... NDTV World Summit में पहले दिन किन-किन मुद्दों पर होगी बात -
NDTV World Summit 2026: दुनिया भर में कैसे बदल रहा है भारतीय खाने का स्वाद? वीर सांघवी बताएंगे देसी शेफ्स का ज
उन्होंने कहा- हम एक संरचनात्मक मंदी की ओर बढ़ रहे हैं. यह एक प्रारंभिक चेतावनी है. 1991 के बाद से अर्थव्यवस्था निर्यात के आधार पर नहीं बढ़ रही है. बल्कि भारत की शीर्ष सौ मिलियन(10 करोड़) जनसंख्या के उपभोग पर. उन्होंने कहा कि भारत के दस करोड़ उपभोक्ता देश की विकास गाथा को सशक्त कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि इसका मतलब संक्षेप में हम दक्षिण कोरिया नहीं होंगे, हम चीन नहीं रहेंगे, हम ब्राजील की तरह बनेंगे. हम दक्षिण अफ्रीका होंगे. उन्होंने कहा कि दुनिया के इतिहास में देश मध्य आय के जाल से बचते रहे हैं, मगर जो एक बार फंसा तो फिर वह उबर नहीं सका है.
नई सरकार को मिलेगी बदहाल अर्थव्यवस्था
गौरतलब है किजेएम फाइनेंशियल की रिपोर्ट 'रूरल सफारी स्टील ऑन बंपी रोड' में पहले ही कहा जा चुका है कि आम चुनाव के बाद दोपहिया और चार पहिया वाहनों जैसे विवेकाधीन उपभोग में थोड़ी वृद्धि की संभावना है, लेकिन बाजार समर्थित टिकाऊ रिकवरी धीरे-धीरे होगी, जोकि पूर्व अनुमान से ज्यादा मंद रहेगी. अगली सरकार को देश की बदहाल ग्रामीण अर्थव्यवस्था विरासत में मिलने वाली है, क्योंकि देश की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था के अनेक हिस्से अनौपचारिक क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं, जिन्हें पिछले कई महीनों से अनेक बाधाओं का सामना करना पड़ा है और उन्हें उबरने में अभी समय लगेगा.
यह भी पढ़ें- मोदी सरकार के पूर्व आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यन बोले- संकट में है अर्थव्यवस्था, मंदी झेलने के लिए तैयार रहे भारत
जेएम फाइनेंशियल ने कहा है, "हमने ऑटो सेक्टर के लिए पहले ही अपने अनुमान में कटौती की है और खाद्य पदार्थों की आय में कटौती देख रहे हैं. हमारी राय में वित्त वर्ष 2020 में विशुद्ध ग्रामीण क्षेत्र का प्रदर्शन मंद रहेगा."सर्वेक्षण रपट में कहा गया है कि ग्रामीण क्षेत्र की विकार दर वर्तमान में 13 में 10 राज्यों मे पिछले साल सितंबर के मुकाबले सुस्त है.रपट में इस बात पर भी प्रकाश डाला गया है कि ग्रामीण क्षेत्र की आय सुस्त बिक्री और गैर-कृषि आय कम होने से प्रभावित हुई है.कृषि आय की चुनौतियों के कारण ग्रामीण मांग में सुस्ती अब व्यापक हो गई है, जोकि पहले पश्चिमी क्षेत्रों में थी. इसकी मुख्य वजह यह है कि फसल की कीमतें घटती जा रही हैं
वीडियो- आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य रथिन रॉय बोले -गहरे संकट की ओर जा रही देश की अर्थव्यवस्था
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं