यह ख़बर 02 मई, 2012 को प्रकाशित हुई थी

रिश्तेदारों के साथ पाटिल का विदेश दौरा ‘सामान्य प्रक्रिया’ : सरकार

खास बातें

  • राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल द्वारा अपने दो पौत्रों को सेशेल्स और दक्षिण अफ्रीका के नौ दिवसीय दौरे पर ले जाने के विवाद पर सरकार ने विराम लगाने का प्रयास करते हुए कहा कि यह ‘सामान्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया’ है।
नई दिल्ली:

राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल द्वारा अपने दो पौत्रों को सेशेल्स और दक्षिण अफ्रीका के नौ दिवसीय दौरे पर ले जाने के विवाद पर सरकार ने बुधवार को विराम लगाने का प्रयास करते हुए कहा कि यह ‘सामान्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया’ है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरूद्दीन ने कहा, ‘यह सामान्य कूटनीतिक प्रक्रिया है कि दौरे पर जाने वाली हस्तियां अपने परिवार के सदस्यों को भी साथ ले जाती हैं। दौरे पर जाने वाली ऐसी हस्तियों की आवभगत ऐसे मामलों में आयोजक सरकार करती हैं। यह असामान्य नहीं है।’ उनसे पूछा गया था कि क्या राष्ट्रपति को यात्रा पर अपने साथ पौत्रों को ले जाना सामान्य प्रक्रिया है।

अपने परिवार के सदस्यों के साथ देशों के प्रमुखों के कई दौरों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि इसमें हाल में पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी का दौरा भी शामिल है जिनके साथ उनके पुत्र भी आए हुए थे। बिल क्लिंटन ने अपनी बेटी चेल्सिया के साथ दौरा किया था।

अकबरूद्दीन ने कहा, ‘यह सामान्य एवं परंपरागत कूटनीतिक प्रक्रिया है कि दौरे पर आई हस्तियां अपने परिवार के सदस्यों के साथ आती हैं। हमें इस चर्चा पर विराम लगाना चाहिए क्योंकि ऐसे कई उदाहरण हैं..।’’ इससे पहले राष्ट्रपति पाटिल के दौरे को लेकर विवाद हुआ था जब आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी में खुलासा हुआ कि जुलाई 2007 से लेकर अब तक के उनके दौरे पर 205 करोड़ रुपये खर्च हुए। यह उनके पूर्ववर्तियों के सारे रिकार्ड से ज्यादा है।

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राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने अपने कार्यकाल के दौरान 12 विदेशी दौरे किए जिसमें चार महाद्वीपों के 22 देशों की यात्रा की और 79 दिन विदेशों में बिताए। कई आरटीआई आवेदनों से पता चला कि एयर इंडिया ने विदेशी दौरों में उनके चार्टर्ड विमान के प्रयोग पर 169 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए। उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों के साथ अधिकतर बोइंग 747-400 से विदेशी दौरे किए। इसके अलावा विदेश मंत्रालय ने उनके ठहरने, स्थानीय यात्रा, दैनिक भत्ते और ‘विभिन्न’ खचरें पर 36 करोड़ रुपये व्यय किए। पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने पांच वषरें के अपने कार्यकाल में पांच दौरे किए और 17 देशों की यात्रा की।