- नोएडा पुलिस ने 30 अप्रैल से 8 मई तक धारा 163 लागू कर कानून-व्यवस्था बनाए रखने का संकल्प लिया है
- जिले को 11 जोन और 49 सेक्टरों में बांटकर पुलिस ने हर क्षेत्र में सक्रिय निगरानी की जा रही
- सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल और पीएसी की 10 कंपनियां जिले में तैनात की गई हैं
नोएडा में हाल ही में हुई हिंसा की घटनाओं के बाद नोएडा कमिश्नरेट पुलिस पूरी तरह से अलर्ट हो गई है. आगामी 1 मई को मजदूर दिवस और अन्य कार्यक्रमों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने सख्त रुख अपनाया है. पुलिस को ऐसी आशंका है कि कुछ असामाजिक तत्व इस दौरान माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं, जिसे देखते हुए जिले में तत्काल प्रभाव से धारा 163 लागू कर दी गई है.

8 मई तक नोएडा में धारा 163 लागू
गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिले में 30 अप्रैल 2026 से लेकर 8 मई 2026 तक धारा 163 प्रभावी रहेगी. इस अवधि के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाएगी और किसी भी प्रकार के अवैध जमावड़े या प्रदर्शन पर पूरी तरह रोक रहेगी. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शांति व्यवस्था भंग करने की कोशिश करने वाले तत्वों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.
सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के तहत पुलिस बल द्वारा जिले के विभिन्न संवेदनशील इलाकों और सार्वजनिक स्थानों पर लगातार फ्लैग मार्च निकाला जा रहा है. इसका मुख्य उद्देश्य जनता के बीच सुरक्षा की भावना पैदा करना और उपद्रवियों को कड़ा संदेश देना है. पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे नियमों का पूरी तरह पालन करें और शहर में शांति बनाए रखे.

पूरे शहर को जोनल में बांटा
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में पूरे जिले को सुरक्षा के लिहाज से जोनल और सेक्टर व्यवस्था में विभाजित कर विशेष निगरानी शुरू कर दी गई है. पुलिस प्रशासन द्वारा लागू की गई जोनल-सेक्टर स्कीम के तहत कमिश्नरेट क्षेत्र को कुल 11 जोन और 49 सेक्टरों में बांटा गया है. इनमें नोएडा जोन को 4 जोन और 16 सेक्टर, सेंट्रल नोएडा को 3 जोन और 24 सेक्टर तथा ग्रेटर नोएडा को 4 जोन और 9 सेक्टरों में विभाजित किया गया है. इस व्यवस्था का उद्देश्य हर क्षेत्र में पुलिस की सक्रिय मौजूदगी सुनिश्चित करना और किसी भी स्थिति से त्वरित निपटना है.
कमिश्नरेट स्तर पर भी 2 डीसीपी, 3 एडिशनल डीसीपी और 4 एसीपी समेत अन्य अधिकारी ड्यूटी पर लगाए गए हैं. महत्वपूर्ण औद्योगिक इकाइयों, बहुराष्ट्रीय कंपनियों, लघु उद्योग क्षेत्रों, प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की विशेष तैनाती की गई है. साथ ही मोबाइल पुलिस टीमें लगातार क्षेत्र में गश्त कर रही हैं, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके.

निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक का भी सहारा लिया जा रहा है. लगभग 50 से अधिक प्रमुख स्थानों पर ड्रोन कैमरों से नजर रखी जा रही है, जबकि मुख्य चौराहों और संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी कैमरे सक्रिय हैं. कंट्रोल रूम में एक राजपत्रित अधिकारी को नियुक्त किया गया है, जो सभी गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और किसी भी समस्या की स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित कर रहे हैं.
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