- मुंबई के मुहर्रम जुलूस में जहर भरे कैप्सूल बांटने वाले फैयाज प्रेमजी को लेकर कई नए खुलासे हुए हैं.
- फैयाज के दो पुराने वीडियो से सामने आए, जिससे यह साफ हुआ कि उसे अपने ही मजहब से नफरत हो चुका था.
- फैयाज शिया-सुन्नी विवाद के साथ-साथ इस्लाम की कुरीतियों पर बात करता नजर आ रहा है.
Faiyaz Premji Mumbai Case: मुंबई के मुहर्रम जुलूस में जहर वाले कैप्सूल बांटने का मामला इन दिनों लगातार चर्चा में बना है. जहर वाले कैप्सूल बांटने वाला फैयाज प्रेमजी यदि अपने मकसद में कामयाब हो जाता तो मुंबई में हाहाकार मच जाता. फैयाज 15 हजार लोगों को जहर वाले कैप्सूल देने की फिराक में था. फैयाज ने ऐसी खतरनाक साजिश क्यों रची? इस पर लगातार खुलासे हो रहे हैं. अब फैयाज का एक चार साल पुराना पॉडकास्ट वीडियो चर्चा में है. जिससे यह खुलासा हुआ है कि फैयाज का अपने ही मजहब से नफरत हो चुका था. वह हिंदू धर्म में घरवापसी की चाहत रखता था.
इस वीडियो के सामने आने के बाद अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या वह धर्म से मोहभंग होने के बाद क्या समाज से बदला लेना चाहता था?
क्या कट्टरपंथियों के विरोध ने फैयाज को विद्रोही बनाया?
मुहर्रम में जहर बांटने वाले फैयाज के चौंकाने वाले दावे
फैयाज के इस 4 साल पुराने वीडियो में शिया समाज से जुड़े कई विवादित दावे किए. फैयाज यह कहता दिख रहा है कि शिया लिबरल नहीं, सत्ता मिलने पर आक्रांता बन जाएंगे. फैयाज प्रेमजी इस्लाम धर्म में व्याप्त कई अंधविश्वासों को दूर करना चाहता था. उसे अपने ही समुदाय के लोगों से भारी नाराजगी थी.
शिया-सुन्नी के वैचारिक मतभेद पर बात कर रहा फैयाज
करीब चार साल पुराने एक इंटरव्यू/पॉडकास्ट (होस्ट नीरज अत्री) में प्रेमजी ने दावा किया था कि वह धर्म में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास कर रहा है. इस लाइव चर्चा में गेस्ट बना फैयाज प्रेमजी शिया और सुन्नी मुसलमानों के बीच के वैचारिक अंतर और गैर-मुस्लिमों के प्रति उनके दृष्टिकोण पर बात कर रहा है.
फैयाज दावा कर रहा है कि भारत में शिया लोग जो लिबरल या धर्मनिरपेक्ष दिखाई देते हैं, वह केवल उनकी कम आबादी अल्पसंख्यक होने के कारण है. यदि कल को उनके पास राजनीतिक शक्ति आ जाए, तो उनका व्यवहार भी ऐतिहासिक आक्रांताओं या कट्टरपंथियों जैसा ही होगा!
खुद खोजा शिया समुदाय से फैयाज, घरवापसी की जताई थी चाहत
फैयाज खुद 'खोजा शिया' समुदाय से आता है. उसने बताया कि इस समुदाय के पूर्वज हिंदू थे और आज भी इनमें हिंदू परंपराएं देखने को मिलती हैं. वीडियो में सुझाव देते हुए कहता है कि अगर हिंदू संगठन प्रयास करें, तो इस समुदाय के लोगों की हिंदू धर्म में 'घर वापसी' सबसे आसानी से हो सकती है क्योंकि वे सुन्नियों और शियाओं के अंदरुनी झगड़ों से परेशान हैं और हिंदुओं से डरते भी हैं.

फैयाज प्रेमजी का पुराना पॉडकास्ट जिसमें वो धर्म पर कई बातें कर रहा है.
जियो पॉलिटिक्स पर भी बात कर रहा फैयाज
वीडियो में फैयाज जियो पॉलिटिक्स पर बात करते हुए कहता है कि भारत को तेल के लिए मध्य-पूर्व के देशों ईरान, इराक आदि पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना चाहिए. इसके बजाय भारत को अपनी सुरक्षा और रणनीतिक मजबूती के लिए इजरायल, अमेरिका और रूस के साथ अपने संबंधों को और अधिक मजबूत करना चाहिए.
अपने निजी अनुभव भी साझा करते हुए कहता है कि कैसे धर्म में तार्किक सवाल पूछने, अंधविश्वासों का विरोध करने या आलोचना करने पर व्यक्ति को समुदाय के भीतर से भारी विरोध, बहिष्कार और जान के खतरे का सामना करना पड़ता है.
फैयाज का दावा- शिया हिंदुओं को नजिस मानते हैं
तीन साल पुराने दूसरे पॉडकास्ट वीडियो (होस्ट मधु किश्वर) में फैयाज खुद को एक पूर्व-शिया और ईरान में रहने वाला एक व्यवसायी बताता है और वही बातें दोहराता है कि शिया सुन्नियों से ज्यादा उदार नहीं हैं. कहता है कि भारत में शिया का जो शांत और जरा धर्मनिरपेक्ष चेहरा दिखता है, वह केवल उनके अल्पसंख्यक होने के कारण है. अगर उनके पास सत्ता या ताकत आ जाए, तो वे भी सुन्नियों की तरह ही व्यवहार करेंगे. वीडियो में फैयाज दावा करता हैं कि शियाओं के धार्मिक नियमों के अनुसार हिंदू काफिर “नजिस” अछूत माने जाते हैं.

'कट्टर शिया हिंदू का छुआ खाना नहीं खाएगा'
कहता है, एक सुन्नी मुसलमान हिंदू के हाथ का खाना खा लेगा, लेकिन एक कट्टर शिया हिंदू का छुआ हुआ खाना नहीं खाएगा. उनका मानना है कि शिया शारीरिक संपर्क से बचते हैं और यदि गलती से कोई हिंदू उन्हें छू ले, तो वे हाथ धोते हैं. वीडियो में फैयाज दावा करता है कि कट्टर शिया विचारधारा के अनुसार, हिंदुओं को खून या अंग दान नहीं करना चाहिए, क्योंकि उनका मानना है कि वह हिंदू ठीक होने के बाद मूर्ति पूजा करेगा, जिससे वे भी पाप के भागीदार बनेंगे. मजबूरी में हिंदू का खून ले सकते हैं, लेकिन मुसलमान का ही लेना प्राथमिकता है.
फैयाज ने आरोप लगाया कि भारत के कई शहरों मुंबई, पुणे, हैदराबाद, गुजरात आदि में शिया समुदाय के बीच लेबनान के आतंकी संगठन 'हिजबुल्लाह' का सॉफ्ट प्रभाव है. बच्चों को खेल-कूद के बहाने बुलाकर हिजबुल्लाह की विचारधारा पढ़ाई जाती है.
पुलिस की जांच किस दिशा में चल रही?
फैयाज के ये दोनों वीडियो के चर्चा में आने के बाद पुलिस जांच की दिशा बदलने की बात कही जा रही है. पुलिस अब इस जांच में जुटी है कि
क्या इसी गुस्से की वजह से उसने इस वारदात को अंजाम देने की कोशिश की, या फिर कोई अंतरराष्ट्रीय ताकतें उसे ऐसा करने के लिए उकसा रही थीं? पुलिस इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है.

खोजा शिया इस्ना अशरी जमात ने फैयाज को समाज से किया बेदखल
पुणे की खोजा शिया इस्ना अशरी जमात KSIJ ने फय्याज प्रेमजी के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए एक आधिकारिक घोषणा की है. मुहर्रम के जुलूस में जहरीले कैप्सूल बांटने के कथित प्रयास सहित उस पर लगे गंभीर आरोपों की जमात ने निंदा की है और इसे अमानवीय और असामाजिक कृत्य करार दिया है.
जमात ने स्पष्ट किया कि फैयाज प्रेमजी समाज के हितों को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों में शामिल था. उस पर ट्रस्टियों और समुदाय के सदस्यों को परेशान करने और उन्हें बदनाम करने का आरोप है. इसके अलावा, वह कई बार हाथापाई और मारपीट में भी शामिल रहा है.
कल हुई जमात की बैठक में फैयाज को लेकर लिया गया फैसला
कुछ साल पहले फैयाज प्रेमजी ने शिया धर्म और समुदाय के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी और सोशल मीडिया पर सार्वजनिक रूप से शिया धर्म छोड़ने की इच्छा भी व्यक्त की थी. इन सभी घटनाओं के मद्देनजर, 28 जून 2026 को हुई एक अहम बैठक में उसे जमात से बाहर निकालने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया.
इस घोषणा में यह भी साफ किया गया कि पिछले 8 से 10 वर्षों से फैयाज प्रेमजी का जमात से कोई संबंध या संपर्क नहीं था. इसलिए, उसके किसी भी कृत्य या कार्य के लिए जमात जिम्मेदार नहीं होगी. अंत में, जमात ने मांग की है कि संबंधित सरकारी और पुलिस अधिकारी फैयाज प्रेमजी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करें.
फैयाज प्रेमजी के परिवार से एटीएस की पूछताछ
आरोपी फैयाज प्रेमजी के माता-पिता और भाई से आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने करीब पांच घंटे तक पूछताछ की. पुणे स्थित उसके घर पर जांच एजेंसियों ने परिवार से आरोपी की गतिविधियों, रहन-सहन और हाल के लेन-देन के बारे में जानकारी जुटाई. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, फैय्याज प्रेमजी पिछले दो वर्षों से परिवार से अलग रह रहा था और मुंबई में निवास कर रहा था. जांच एजेंसियां इस दौरान उसके संपर्क में रहे लोगों और उसके संबंधों की भी पड़ताल कर रही हैं.
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इनपुट- रुत्तिक गणकवार
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