पीएम मोदी ने आज आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से बातचीत की है.
नई दिल्ली:
- पोषण का सीधा संबंध स्वास्थ्य से होता है. इसी को ध्यान में रखते हुए हमारी सरकार ने झुंझुनू से राष्ट्रीय पोषण मिशन की शुरुआत की थी. यह हमारे लिए बहुत बड़ा मिशन है. इसमें आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका है.
- होम बेस्ड न्यूबोर्न केयर के माध्यम से आप हर वर्ष देश के लगभग सवा करोड़ बच्चों की देखभाल कर रहे हैं. आपकी मेहनत से ये कार्यक्रम सफल हो रहा है, जिसके कारण इसको और विस्तार दिया गया है. अब इसको होम बेस्ड चाइल्ड केयर का नाम दिया गया है.’’
- साल 2014 के बाद से 'मिशन इंद्रधनुष' के तहत पिछड़े इलाकों के नन्हे-मुन्नों तक पहुंचा गया है साथ ही 85 लाख गर्भवती महिलाओं का भी टीककरण संभव हुआ.
- चाहे आशा हो, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हो या फिर महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता राष्ट्र निर्माण के अग्रणी सिपाही हैं. मुझे ख़ुशी है आप सभी देश के भविष्य को मज़बूत करने में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे है, देश की हर माता हर शिशु के सुरक्षा घेरे को मज़बूत करने का ज़िम्मा आपने अपने कंधो पर उठाया है.
- पूरे देश में सितंबर महीने में पोषण माह मनाया जा रहा है. इस कार्यक्रम का लक्ष्य देश के प्रत्येक घर में अधिकतम पोषण के संदेश को पहुंचाना है
- एक नवजात शिशु को परिवार वालों ने मृत मान लिया था. नवजात केयर प्रशिक्षण का उपयोग कर मनीता देवी ने उपचार प्रारंभ किया, एंबुलेंस के माध्यम से स्वास्थ्य केंद्र ले गईं. वाकई आपने जीवन बचाने का कार्य किया है.
- सुरक्षा के इस घेरे के तीन पहलू हैं : पोषण, टिकाकरण, स्वच्छता. मैं देश के उन हजारों-लाखों डॉक्टरों का भी आभार व्यक्त करना चाहूंगा, जो बिना कोई फीस लिए, गर्भवती महिलाओं की जांच कर रहे हैं.
- आप सभी मेरे साथी है, पहले के ज़माने में कहते थे भगवान हज़ार बांहों वाला होता है इसका मतलब था की उसकी टीम में 500 ऐसे लोग होते थे जो हर समस्या का निवारण करने में सक्षम थे.
- पहले जन्म के 42 दिन तक आशा वर्कर को 6 बार बच्चे के घर जाना होता था. अब 15 महीने तक 11 बार आपको बच्चे का हालचाल जानना ज़रूरी है. मुझे विश्वास है कि आपके स्नेह और अपनेपन से एक से एक बेहतरीन नागरिक देश को मिलेंगे.
- आप सभी कार्यकर्ताओं को आयोडीन और आयरन युक्त डबल फोर्टिफाइड नमक के इस्तेमाल के लिए लोगों को और जागरूक करना पड़ेगा ताकि एनीमिया जैसी बीमारियों को दूर किया जा सके.
- गर्भवती महिलाओं की देखभाल और कल्याण को बढ़ावा देने के लिए बहु-मॉडल हस्तक्षेप के माध्यम से कुपोषण से निपटने की अपने तरह की अनोखी पहल शुरू की गई है. इसके लिए टेक्नोलॉजी का भी इस्तेमाल किया जा रहा है.
- शिशु के जीवन के पहले 1000 दिवस बेहद महत्वपूर्ण है. इस दौरान मिलने वाली खुराक और स्वास्थ्य देखभाल ही भविष्य तय करता है और देश का विकास सुनिश्चित करता है.
- स्वस्थ और सक्षम भारत के निर्माण में आप सभी की शक्ति पर मुझे, पूरे देश को पूरा भरोसा है. हमें मिलकर कुपोषण के खिलाफ, गंदगी के खिलाफ, मातृत्व की समस्याओं के खिलाफ सफलता हासिल होगी तभी ट्रिपल A की हमारी ये ताकत देश को A ग्रेड में रखेगी, शीर्ष पर रखेगी.
- सुरक्षित मातृत्व अभियान जो सरकार ने चलाया है उसकी अधिक से अधिक जानकारी आपको लोगों तक पहुंचानी है. गांव, दूर दराज के लोगों से मुलाकात करने के बाद महसूस होता है कि देश किस प्रकार से आगे बढ़ रहा है और आशा से भरा है. वरना तो कुछ लोग निराशा फैलाने में ही लगे हैं.
- प्रौद्योगिकी ने आज अनेक मुश्किलों को आसान कर दिया है. प्रौद्योगिकी जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है. हमारा फोन अनेक सवालों का जवाब है. सरकार तो फोन के माध्यम से ही अनेक प्रकार की सुविधाएं सभी देशवासियों तक पहुंचा रही है.
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