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नाम- सेवा तीर्थ, मंत्र- नागरिकदेवो भव... आज से यह होगा पीएमओ का नया पता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नए प्रशासनिक परिसर ‘सेवा तीर्थ’ का उद्घाटन किया, जहां अब PMO, NSCS और कैबिनेट सचिवालय एक ही जगह से संचालित होंगे. यह परिसर आधुनिक, डिजिटल और पर्यावरण-अनुकूल ढांचे के साथ भारत की नागरिक‑केंद्रित शासन व्यवस्था की नई पहचान बनकर उभरा है.

नाम- सेवा तीर्थ, मंत्र- नागरिकदेवो भव... आज से यह होगा पीएमओ का नया पता
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेवा तीर्थ परिसर का उद्घाटन किया जो आज से PMO का नया पता होगा.
  • सेवा तीर्थ में प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय एक ही परिसर में हैं.
  • नया परिसर आधुनिक तकनीक, डिजिटल इंटीग्रेशन और 4-स्टार GRIHA ग्रीन बिल्डिंग मानकों के अनुसार विकसित किया गया है.
नई दिल्ली:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सेवा तीर्थ का उद्घाटन किया है. यह सेवा तीर्थ आज से PMO का नया पता होगा. अब PMO, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) और कैबिनेट सचिवालय अब एक ही परिसर में संचालित होंगे. 

यह आधुनिक तकनीक, डिजिटल इंटीग्रेशन, 4-स्टार GRIHA (ग्रीन रेटिंग) मानकों और उन्नत सुरक्षा प्रणालियों से लैस है.

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देश की सर्वोच्च प्रशासनिक इकाइयां- प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) और कैबिनेट सचिवालय अब एक ही आधुनिक परिसर सेवा तीर्थ से काम करेंगी. यह जगह न सिर्फ एक नया पता है, बल्कि भारत की प्रशासनिक सोच में आए बदलाव का प्रतीक भी है.

औपनिवेशिक प्रतीकों से दूर- भारतीयता पर जोर

2014 के बाद केंद्र सरकार ने शासन-व्यवस्था से उपनिवेशीय मानसिकता को हटाकर एक भारतीय, नागरिक-केंद्रित प्रशासनिक ढांचा स्थापित करने की दिशा में लगातार कदम उठाए. इसी क्रम में कई ऐतिहासिक नाम बदले गए- 

  • South Block - सेवा तीर्थ
  • Central Secretariat - कर्तव्य भवन
  • Rajpath - कर्तव्य पथ
  • Race Course Road - लोक कल्याण मार्ग
  • Raj Bhavan/Raj Niwas - लोक भवन/लोक निवास

ये तय बदलाव महज नामांतरण नहीं हैं; यह एक ऐसे शासन मॉडल की घोषणा है जिसमें सेवा, कर्तव्य, पारदर्शिता और नागरिक सर्वोपरि हैं.

PM मोदी ने किया उद्घाटन

PM मोदी ने किया उद्घाटन

क्यों जरूरी था नया कैंपस?

कई दशकों से केंद्र सरकार के दफ्तर सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में विभिन्न पुरानी, बिखरी और जर्जर इमारतों से संचालित हो रहे थे. इससे मंत्रालयों के बीच तालमेल में बाधा, फाइल मूवमेंट और फैसलों में देरी, उच्च रखरखाव खर्च, और कर्मचारियों के लिए सीमित सुविधाएं जैसी समस्याएं लगातार बनी रहती थीं. सेवा तीर्थ इसी समस्या का समाधान है. यह एक ऐसा कैंपस जहां सारे महत्वपूर्ण विभाग एकीकृत, आधुनिक और भविष्य उन्मुख वातावरण में काम कर सकेंगे.

‘सेवा तीर्थ' में क्या है खास?

पूरा कैंपस डिजिटल और इंटीग्रेटेड
कर्तव्य भवन- 1 और 2 में ऐसे कार्यालय तैयार किए गए हैं जो पूरी तरह डिजिटल तकनीक से जुड़े होंगे और मंत्रालयों के बीच तेज़ समन्वय सुनिश्चित करेंगे.

लोक-केंद्रित डिजाइन

यहां structured public interface zones और centralized reception मौजूद है, जिससे नागरिकों से जुड़ी प्रक्रियाएं सरल और कुशल बनेंगी.

ग्रीन बिल्डिंग-  4 स्टार GRIHA मानक

नई इमारतों में- renewable energy systems, water conservation technology, waste management solutions और energy-efficient construction का विशेष ध्यान रखा गया है. यह पर्यावरण पर असर कम करने के साथ प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक टिकाऊ बनाता है.

उच्च स्तरीय सुरक्षा

कैंपस में स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल, आधुनिक सर्विलांस नेटवर्क और उन्नत इमरजेंसी रिसपॉन्स सिस्टम जैसी सुरक्षा व्यवस्थाएं शामिल की गई हैं, जिससे अधिकारियों और आगंतुकों दोनों के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित होगा.

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