संसद के शीतकालीन सत्र के 13वें दिन 'विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)' यानी (VB-जी राम जी) बिल, 2025 पर चर्चा हुई. 'VB-जी राम जी' बिल पर शाम 6 बजे से देर रात एक विशेष सत्र के तहत चर्चा हुई, जिसमें कई सदस्यों ने अपनी राय रखी. इस बिल की बारीकियों पर चर्चा की गई.
कांग्रेस ने अपने सभी लोकसभा सांसदों को 19 दिसंबर तक सदन में मौजूद रहने का व्हिप जारी किया है. पार्टी ने साफ़ किया है कि मतदान के दौरान अनुपस्थित रहने पर दल-बदल कानून के तहत कार्रवाई हो सकती है.
VB-G RAM G बिल के बारे में जानिए
केंद्र सरकार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (MGNREGA) को खत्म कर उसकी जगह नया ग्रामीण रोजगार कानून ला रही है. इस बिल का नाम रखा गया है- ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण), जिसे शॉर्ट में VB-G RAM G कहा जा रहा है. केंद्र के मुताबिक, योजना का उद्देश्य ‘विकसित भारत 2047' के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप ग्रामीण विकास का नया इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है. इसमें काम के दिनों की संख्या 100 से बढ़ाकर 125 दिन कर दी जाएगी. साथ ही इसमें साप्ताहिक वेतन का भी प्रावधान है.
Parliament Winter Session:
जी राम जी विधेयक के जरिये सरकार ने गरीबों से रोजगार की ढाल छीनने का प्रयास: बादल
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने मनरेगा योजना को गरीबों के लिए ‘रोजगार की ढाल’ की संज्ञा देते हुए बुधवार को कहा कि सरकार ने इस कानून के स्थान पर ‘विकसित भारत- जी राम जी विधेयक’ लाकर गरीबों से यह ढाल छीनने का प्रयास किया है. शिअद सांसद हरसिमरत कौर बादल ने लोकसभा में ‘विकसित भारत-जी राम जी विधेयक, 2025’ पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (मनरेगा) में भले ही बहुत सारी खामियां थीं, लेकिन इसकी सबसे बड़ी ताकत यह थी कि यह कानून गरीब के लिए ‘रोजगार’ की ढाल की तरह थी.
महात्मा गांधी का नाम हटाने के लिए जल्दबाजी में है सरकार: डेरेक ओ'ब्रायन
राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ'ब्रायन ने बुधवार को सरकार पर ‘विकसित भारत-जी राम जी विधेयक, 2025’ को पारित कराने के लिए जल्दबाजी करने का आरोप लगाया, जो मनरेगा की जगह लेगा. बुधवार को लोकसभा में विधेयक पर चर्चा जारी रहने के बीच ओ'ब्रायन ने कहा कि राज्यसभा की कार्य मंत्रणा समिति ने अभी तक ‘‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) विधेयक 2025 पर चर्चा के लिए समय आवंटित नहीं किया है.
ओ'ब्रायन ने कहा, ‘‘...महात्मा गांधी जी का अपमान करने वाले इस विधेयक के लिए अभी तक राज्यसभा में कोई समय आवंटित नहीं किया गया है.' उन्होंने कहा, 'प्रस्तावित विधेयक गरीब विरोधी और संघीय ढांचा विरोधी है. सरकार संसद का मजाक उड़ाना चाहती है और विधेयक बिना किसी समिति को भेजे, जल्दबाजी में पारित कराना चाहती है.'
लोकसभा में बुधवार को नियम 193 के तहत प्रदूषण पर चर्चा होगी
लोकसभा में बुधवार को नियम 193 के तहत प्रदूषण पर चर्चा होगी. सांसदों द्वारा देश भर में बढ़ते वायु और जल प्रदूषण, दिल्ली जैसे शहरों में बिगड़ती वायु गुणवत्ता, औद्योगिक प्रदूषण और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर इसके प्रभाव पर चिंता व्यक्त किए जाने की उम्मीद है. कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल इस चर्चा की मांग कर रहे हैं और विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संसद के अंदर और बाहर बार-बार इस पर जोर दिया है. केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव इस चर्चा का जवाब देंगे, जो बिना मतदान के होगी, लेकिन इसे महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दों पर संसदीय ध्यान आकर्षित करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
राज्यों ने अब तक 2.12 करोड़ फर्जी पीडीएस लाभार्थियों को हटाया : केंद्र
सरकार ने बुधवार को संसद को बताया कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने 8.51 करोड़ संदिग्ध लाभार्थियों की केंद्र द्वारा तैयार सूची में से अब तक 2.12 करोड़ फर्जी लाभार्थियों के नाम हटा दिए हैं. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के माध्यम से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत, लाभार्थियों को प्रति व्यक्ति प्रतिमाह पांच किलोग्राम खाद्यान्न (गेहूं/चावल) मिलता है, जबकि सबसे गरीब अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) परिवारों को प्रति परिवार प्रतिमाह 35 किलोग्राम खाद्यान्न मिलता है.
लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में उपभोक्ता एवं खाद्य राज्य मंत्री निमुबेन जयंतीभाई बंभानिया ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा तैयार की गई सूची संबंधित राज्यों को भेजी गयी, ताकि वे जमीनी स्तर पर सत्यापन कर सकें और ऐसे मामलों में उचित कार्रवाई कर सकें. उन्होंने कहा, ‘‘अब तक संबंधित राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने चिह्नित लाभार्थियों में से 2.12 करोड़ लाभार्थियों के नाम हटा दिए हैं, जिससे प्रतीक्षा सूची में शामिल पात्र लाभार्थियों के लिए जगह बन गई है.’’
संसद ने बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत एफडीआई के प्रावधान वाले विधेयक को दी मंजूरी
संसद ने बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को 100 प्रतिशत तक बढ़ाने के प्रावधान वाले विधेयक को बुधवार को मंजूरी दे दी तथा सरकार ने दावा किया कि इस विधेयक के प्रावधानों से देश के बीमा क्षेत्र को प्रोत्साहन मिलेगा. राज्यसभा ने ‘सबका बीमा सबकी रक्षा (बीमा कानूनों में संशोधन) विधेयक, 2025’ पर चर्चा और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के जवाब के बाद इसे ध्वनि मत से स्वीकृति दे दी. इसके साथ ही सदन ने विपक्ष द्वारा पेश विभिन्न संशोधनों को खारिज कर दिया. इन संशोधनों में विधेयक को प्रवर समिति में भेजने का प्रस्ताव भी शामिल था.
लोकसभा इस विधेयक को एक दिन पहले ही पारित कर चुकी है. विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए सीतारमण ने कहा कि बीमा विधेयक में अब तक 12 बार संशोधन हो चुके हैं तथा संशोधन भी कई तरह के होते हैं और ये देश की तरक्की एवं बीमा क्षेत्र की जरूरतों को प्रदर्शित करते हैं. उन्होंने कहा कि इस विधेयक में आम लोगों और किसानों की सुरक्षा के उपाय किए गए हैं. उन्होंने दावा किया कि इस विधेयक के प्रावधानों से देश के बीमा क्षेत्र को प्रोत्साहन मिलेगा.
लोकसभा में गुरुवार को प्रदूषण पर चर्चा संभव
भूपेंद्र यादव दे सकते हैं चर्चा का जवाब
बिरला को एक संसदीय समिति के अध्यक्ष ने लिखा पत्र, ‘जी राम जी’ विधेयक स्थायी समिति को भेजने का आग्रह
ग्रामीण विकास और पंचायती राज संबंधी संसद की स्थायी समिति के अध्यक्ष सप्तगिरि शंकर उलाका ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर ‘विकसित भारत-जी राम जी विधेयक, 2025’ को गहन विचार-विमर्श के लिए संबंधित स्थायी समिति के पास भेजने का आग्रह किया.
ओडिशा के कोरापुट से कांग्रेस सांसद उलाका ने लोकसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में कहा कि ‘विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण)’ ग्रामीण रोजगार और आजीविका समर्थन से जुड़े ढांचे में बड़े बदलाव करने का प्रस्ताव करता है.
कांग्रेस सांसद ने गहन विचार-विमर्श के बिना इतने व्यापक प्रभाव वाले विधेयक को पारित किए जाने की संभावना पर ‘‘गहरी चिंता’’ व्यक्त की. उन्होंने कहा, ‘‘स्थायी समितियां केवल प्रक्रियात्मक औपचारिकताएं नहीं हैं, बल्कि वे संसद के विधायी कार्य का अभिन्न अंग हैं, खासकर जहां कानून वैधानिक गारंटी, विकेंद्रीकृत शासन और ग्रामीण श्रमिकों के अधिकारों को प्रभावित करते हैं.’’
सरकार ने मनरेगा को धीरे-धीरे कमजोर किया, गरीब और किसान विरोधी सोच : कांग्रेस
कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर मनरेगा को धीरे-धीरे कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि मौजूदा अधिनियम से महात्मा गांधी का नाम हटाते हुए नया विधेयक लाना सरकार की ‘‘गरीब, किसान और मजदूर विरोधी सोच’’ को दर्शाता है. लोकसभा में ‘विकसित भारत-जी राम जी विधेयक, 2025’ पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कांग्रेस सांसद जयप्रकाश ने नये कानून में राज्यों के 40 प्रतिशत अंशदान वाले प्रावधान का उल्लेख किया और कहा कि सरकार को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की तरह राज्यों पर 10 प्रतिशत भार ही रखना चाहिए.
सरकार ने महात्मा गांधी के रामराज्य से जुड़े विचारों को नष्ट किया: महुआ मोइत्रा
तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के स्थान पर दूसरा विधेयक लाकर और इससे राष्ट्रपिता का नाम हटाकर उनके रामराज्य से जुड़े विचारों का नष्ट किया है. उन्होंने ‘विकसित भारत-जी राम जी विधेयक, 2025’ पर चर्चा में भाग लेते हुए यह भी दावा किया कि महात्मा गांधी का नाम हटाना न सिर्फ उनका, बल्कि रवींद्रनाथ टैगोर का भी अपमान है, जिन्होंने सबसे पहले उन्हें (गांधी को) ‘महात्मा’ कहा था.
महुआ ने दावा किया कि बिना किसी से विचार-विमर्श किए मनरेगा को निरस्त करने के लिए यह विधेयक लाया गया. उन्होंने कहा, ‘‘रवींद्रनाथ टैगोर ने मोहन दास करमचंद गांधी को सबसे पहले महात्मा कहा था... इसलिए नाम बदला जाना सिर्फ महात्मा गांधी का ही नहीं, बल्कि गुरुदेव (टैगोर) का भी अपमान है.’’ तृणमूल सांसद ने रामराज्य पर महात्मा गांधी के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि विधेयक का नाम बदलकर गांधीजी के रामराज्य के विचार को नष्ट कर दिया है.
'जी राम जी' के नाम से रुकेगा भ्रष्टाचार- बीजेपी सांसद बृजमोहन अग्रवाल
जी राम जी जैसे ऐतिहासिक बिल के लिए मैं पीएम मोदी और शिवराज चौहान जी का आभार जताता हूं. यह सनातन की भावना और हिंदुत्व की भावना है कि जी राम जी का नाम उभरकर सामने आ गया. जब जी राम जी का नाम लेंगे तो इससे भ्रष्टाचार रुकेगा. गलत काम रुकेगा. गांव की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी.
गांधी के नाम को हटाना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं : हिसार से कांग्रेस सांसद जय प्रकाश
हिसार से कांग्रेस सांसद जय प्रकाश ने सदन में सरकार को घेरते हुए कहा कि महात्मा गांधी के नाम को हटाना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है. उन्होंने जोर देकर कहा कि गांधी एक ऐसे वैश्विक प्रतीक हैं, जिनके सामने विश्व भर के बड़े नेता नतमस्तक होते हैं. जय प्रकाश ने कहा कि यह कानून ग्रामीण गरीबों के रोजगार की गारंटी के लिए है और 2005 में इस योजना के लागू होने से गांवों में बड़े स्तर पर लोगों को काम मिला था. हमने रोजगार को कानूनी गारंटी दी, लेकिन सरकार की मंशा अब खराब नजर आ रही है. उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए आगे कहा कि आपने तो अब तक किसानों की MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) को भी कानूनी गारंटी का दर्जा नहीं दिया है.
'राम जी' बिल पर चर्चा
कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) पर चर्चा के विधेयक पेश किया है.
निरसन और संशोधन विधेयक, 2025 को संसद ने दी मंजूरी
अप्रचलित और पुराने हो चुके 71 कानूनों को समाप्त करने या संशोधित करने के प्रावधान वाले ‘निरसन और संशोधन विधेयक, 2025’ को संसद ने दी मंजूरी.
संसद के मानसून सत्र की प्रमुख बातें
सत्र के दौरान लोकसभा में कुल 37.1 घंटे और राज्य सभा में कुल 49.9 घंटे काम हुआ.
- प्रश्नकाल में लोकसभा में 4.7 घंटे और राज्यसभा में 1.2 घंटे काम हुआ
- विधायकी कार्यों में लोक सभा में 2.9 घंटे और राज्यसभा में 13.4 घंटे काम हुआ
- अन्य कार्यों में लोक सभा में 4.7घंटे और राज्यसभा में 9 घंटे काम हुआ
- सत्र के दौरान गैर विधायकी कार्यों में लोक सभा में 24.6 घंटे और राज्यसभा में 18.3 कार्य हुआ
- मानसून सत्र के दौरान लोकसभा की उत्पादकता 29% और राज्यसभा की उत्पातकता 34% रही.
गांधीजी की दूसरी बार हत्या हुई है: संजय राउत
शिवसेना यूबीटी के सांसद संजय राउत ने कहा है कि यह गांधी जी की दूसरी हत्या है. मनरेगा के नाम परिवर्तन के मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए राउत ने कहा कि हमने किसी को गांधी जी से इतनी नफरत करते नहीं देखा, गोडसे के बाद, यह गांधी जी की दूसरी हत्या होगी.
आप मानते ही कहां हो... लोकसभा में अश्विनी वैष्णव से ऐसा क्यों बोले ओम बिरला
लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक सांसद के सवाल पर उत्तर देने के दौरान मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सांसद जी ने स्पेसिफिक सवाल पूछा है. जैसा अध्यक्ष जी हमलोगों को मार्गदर्शन देते हैं. मंत्री की बात सुनकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कहा कि मैं तो हमेशा मार्गदर्शन देता हूं लेकिन आपलोग मानते कहां हैं.
कांग्रेस सांसदों ने हेराल्ड मामले पर संसद परिसर में प्रदर्शन किया, प्रधानमंत्री का इस्तीफा मांगा
कांग्रेस सांसदों ने ‘नेशनल हेराल्ड’ मामले में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और पांच अन्य के खिलाफ दर्ज धन शोधन मामले में ईडी के आरोप पत्र पर संज्ञान लेने से अदालत के इनकार के बाद बुधवार को संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से माफी एवं इस्तीफे की मांग की. कांग्रेस सांसदों ने संसद के मकर द्वार के निकट प्रदर्शन किया. उन्होंने एक बड़ा बैनर ले रखा था जिस पर 'सत्यमेव जयते' लिखा हुआ था. उन्होंने 'प्रधानमंत्री माफी मांगो' और 'प्रधानमंत्री इस्तीफा दो' के नारे लगाए.
जहरीली हवा है, सरकार लापता है- लोकसभा सांसद चंद्रशेखर बैनर लेकर संसद भवन के गेट पर बैठे

संसद भवन परिसर में विपक्ष का प्रदर्शन
विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में मनरेगा का नाम बदलकर वीबी-जी राम जी रखने के विरोध में प्रदर्शन किया.
#WATCH | Delhi | Opposition MPs protest in Parliament premises over the renaming of MGNREGA to VB–G Ram G pic.twitter.com/9JTwF9V7rY
— ANI (@ANI) December 17, 2025
संसद सत्र के अंतिम सप्ताह में सरकार तेजी से निपटा रही है कामकाज
संसद के शीतकालीन सत्र का अंतिम सप्ताह चल है. सरकार तेजी से विधाई कामकाज को आगे बढ़ाने में जुटी हुई है. कल लोकसभा में दो अहम बिल पेश किए गए जबकि दो बिल चर्चा के बाद पारित किए गए. आज की कार्यवाही की बात करे तो दोनों सदनों में प्रश्नकाल में कई अहम सवाल सूचीबद्ध हैं.
इंडिगो फ्लाइट कैंसिलेशन पर मनीष तिवारी ने दिया कार्य स्थगन प्रस्ताव
संसद के शीतकालीन सत्र में इंडिगो फ्लाइट्स के बड़े पैमाने पर कैंसिलेशन को लेकर कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है. तिवारी ने यात्रियों को हो रही परेशानी और एयरलाइन की जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए सरकार से तत्काल चर्चा की मांग की है.
कांग्रेस अपने कार्यकर्ताओं को शांत करने के लिए एसआईआर के खिलाफ देश को गुमराह कर रही: नड्डा
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने मंगलवार को राज्यसभा में कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह अपनी चुनावी विफलताओं को छिपाने के लिए निर्वाचन आयोग पर सवाल उठा कर राष्ट्रीय हितों को नुकसान पहुंचा रही है. साथ ही, उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस एसआईआर प्रक्रिया के माध्यम से वोटों की धांधली का झूठा विमर्श गढ़ कर देश को गुमराह कर रही है. सदन के नेता नड्डा ने कहा कि कांग्रेस को निर्वाचन आयोग और चुनावी प्रक्रिया को दोष देने के बजाय, चुनावों में लगातार हार का वास्तविक कारण खोजना चाहिए.
कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए नड्डा ने कहा कि वह मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर निर्वाचन आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रही है, जो उसका संवैधानिक दायित्व है.
सांसद राघव चड्ढा ने वित्त मंत्री को दिए तीन सुझाव, कर-मुक्त सीमा बढ़ाने की पैरवी
आप के राज्यसभा सांसद ने मंगलवार को संसद में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को तीन सुझाव दिए हैं. ये सुझाव भारतीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने और घरेलू निवेश को बढ़ावा देने के संबंध में हैं.सांसद राघव चड्ढा ने मंगलवार को 2025-26 के लिए अनुदान की पूरक मांगों के पहले बैच पर संसदीय चर्चा में भाग लिया और इसे 'वार्षिक औपचारिकता' करार दिया क्योंकि इसमें एक धन विधेयक शामिल है, जिसके लिए उच्च सदन की मंजूरी की आवश्यकता नहीं होती है.
संसद ने अनुदान की अनुपूरक मांगों और विनियोग विधेयक को मंजूरी दी
संसद ने मंगलवार को चालू वित्त वर्ष के लिए अनुदानों की अनुपूरक मांगों और संबंधित विनियोग विधेयक को मंजूरी दे दी. राज्यसभा ने विनियोग विधेयक को चर्चा के बाद लोकसभा को लौटा दिया. लोकसभा इसे पहले ही मंजूरी दे चुकी है. सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2025-26 में 41,455 करोड़ रुपये के शुद्ध अतिरिक्त व्यय के लिए मंजूरी मांगी थी, जिसमें 27,000 करोड़ रुपये से अधिक उर्वरक और पेट्रोलियम सब्सिडी से जुड़ा व्यय भी शामिल है.
सरकार ने कुल 1.32 लाख करोड़ रुपये के सकल अतिरिक्त खर्च के लिए संसद से स्वीकृति मांगी थी. इनमें से 41,455.39 करोड़ रुपये शुद्ध नकद व्यय होंगे, जबकि शेष राशि को विभिन्न मंत्रालयों/विभागों की 90,812 करोड़ रुपये की बचत से समायोजित किया जाएगा.