कल यानी 20 जुलाई से संसद का मॉनसून सत्र शुरू होने जा रहा है. इस सत्र के दौरान सरकार सदन में कई विधेयक पेश करने की तैयारी कर रही है. संसद के मॉनसून सत्र के दौरान लोकसभा में पेश किए जाने वाले प्रमुख विधेयकों पर चर्चा के लिए समय का आवंटन बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की बैठक में तय किया गया. बैठक में विभिन्न विधेयकों पर चर्चा की अवधि निर्धारित की गई.
किस विधेयक के लिए कितने घंटे चर्चा?
1. विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 (FCRA संशोधन बिल): 4 घंटे
यह विधेयक 25 मार्च 2026 को लोकसभा में पेश किया गया था, जिसे इस सत्र में विचार और पारित करने के लिए रखा जाएगा. इसका उद्देश्य देश में आने वाले विदेशी अनुदानों की पारदर्शिता बढ़ाना है.
2. आयकर (संशोधन) विधेयक, 2026: 4 घंटे
अध्यादेश का स्थान लेने वाले इस विधेयक का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक अस्थिरता, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधानों के बीच भारत के सॉवरन डेट मार्केट को मजबूत करना, वैश्विक पूंजी प्रवाह को आकर्षित करना और बाजार में तरलता बढ़ाना है.
3. उच्चतम न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026: 4 घंटे
इस विधेयक के तहत सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या को 33 से बढ़ाकर 37 (मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर) करने का प्रावधान है, ताकि लंबित मामलों का तेजी से निपटारा हो सके.
4. जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026: 4 घंटे
यह विधेयक वर्ष 1969 के मूल अधिनियम (जिसमें 2023 में भी संशोधन हुआ था) की धारा 13(3) में बदलाव करेगा. इसके जरिए विलंबित जन्म और मृत्यु पंजीकरण के नियमों को अधिक कड़ा और सुव्यवस्थित बनाया जाएगा.
5. राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026: 4 घंटे
इस विधेयक के माध्यम से वर्ष 1971 के अधिनियम में संशोधन कर राष्ट्रीय प्रतीकों और राष्ट्रीय सम्मान को ठेस पहुंचाने वाले कृत्यों के खिलाफ दंडात्मक प्रावधानों को और सख्त किया जाएगा.
6. सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026: 5 घंटे
एमएसएमई क्षेत्र में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' और भरोसा आधारित नियमों को बढ़ावा देने, देरी से होने वाले भुगतानों के तंत्र को मजबूत करने तथा राज्यों को अधिक अधिकार देने के उद्देश्य से यह विधेयक पेश किया जाएगा. इस पर चर्चा के लिए 5 घंटे का समय निर्धारित किया गया है.
लोकसभा में इन सभी विधेयकों पर निर्धारित समय के अनुसार चर्चा होगी, जिसके बाद उन्हें विचार और पारित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी.
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